पंजाब में NIA का एक्शन प्लान: 57 गैंगस्टरों व आतंकियों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी, सरकार से मांगा ब्योरा
एनआईए ने जिन 57 नामी अपराधियों व आतंकियों की सूची बनाई है, उनमें 12 गैंगस्टरों की संपत्ति फिरोजपुर में है। तरनतारन में 11 और अमृतसर में 10 गैंगस्टरों ने संपत्ति बनाई है। इसके अलावा कपूरथला, मोगा, मोहाली, फाजिल्का, मुक्तसर, गुरदासपुर और होशियारपुर में भी अपराधियों व आतंकियों ने संपत्ति बनाई है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के 57 गैंगस्टर और आतंकियों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर गैंगस्टरों व आतंकियों की चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा है। बताया जा रहा है कि जिला स्तर पर प्रशासन ने अपने इलाके के गैंगस्टरों और उनके परिवारों के नाम पर रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी खंगालनी शुरू कर दी है।
एनआईए कुख्यात गैंगस्टरों और सीमा पार से भारत को दहलाने की साजिश रच रहे आतंकियों के गठजोड़ की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि पंजाब के 57 गैंगस्टर व आतंकियों ने अपराध के जरिये धन अर्जित कर काफी संपत्ति बनाई है। एनआईए से पत्र मिलने के बाद राज्य सरकार के गृह विभाग ने सभी जिलों के डीसी को पत्र लिखकर गैंगस्टरों की संपत्ति का विवरण मांगा है।
फिरोजपुर में 12 गैंगस्टरों की संपत्ति
एनआईए ने जिन 57 नामी अपराधियों व आतंकियों की सूची बनाई है, उनमें 12 गैंगस्टरों की संपत्ति फिरोजपुर में है। तरनतारन में 11 और अमृतसर में 10 गैंगस्टरों ने संपत्ति बनाई है। इसके अलावा कपूरथला, मोगा, मोहाली, फाजिल्का, मुक्तसर, गुरदासपुर और होशियारपुर में भी अपराधियों व आतंकियों ने संपत्ति बनाई है।
छह साल में जुटाई संपत्ति का होता है आंकलन
एजेंसियां गैंगस्टरों की गिरफ्तारी से छह साल पहले तक बनाई गई प्रॉपर्टी का आकलन करती है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाती है कि उसके परिजन व रिश्तेदारों के नाम कितनी संपत्ति है।
नशा तस्करी और आतंकी वारदात में भी शामिल है
पंजाब के कई गैंगस्टर व आतंकी टारगेट कीलिंग, नशा तस्करी और आतंकी वारदात में शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई, गौरव पटियाल, जग्गू भगवानपुरिया, सुखप्रीत बुड्ढा, दिलप्रीत सिंह बाबा, अर्शदीप सिंह ढल्ला, संपत्त नेहरा, लखबीर सिंह लंडा, हरविंदर सिंह रिंदा व अन्य शामिल है। एनआईए ने 23 सितंबर 2019 को तरनतारन बम धमाके के जिम्मेदार खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सदस्यों की भी प्रॉपर्टी की जानकारी मांगी है। फरवरी 2020 पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। सूची में एसएफजे के सदस्यों के नाम भी शामिल हैं।