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किसान आंदोलन: एनएचएआई को हरियाणा में 550 करोड़ का घाटा, एक साल बाद दोबारा से शुरू हो सकते हैं टोल
Fri, 19 Nov 2021 09:58 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 19 Nov 2021 09:58 PM IST
सार
प्रधानमंत्री के तीन कृषि कानून वापस लेने के फैसले से टोल कंपनियों को भी फिर से टोल प्लाजा शुरू होने की उम्मीद है। लगभग एक साल से हरियाणा के अधिकतर टोल प्लाजा बंद हैं। किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध के दौरान टोल फ्री कराने को भी अपनी रणनीति का एक हिस्सा बनाया हुआ है।
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टोल प्लाजा
- फोटो : iStock
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विस्तार
तीन कृषि कानूनों के चलते हरियाणा में एक साल से टोल प्लाजा बंद होने से एनएचएआई को 550 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। अकेेले पानीपत-जालंधर रोड पर स्थित तीन टोल प्लाजा को रोजाना एक करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व घाटा हुआ है।
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पीएम मोदी द्वारा कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद टोल कंपनियां दोबारा से टोल शुरू करने की तैयारियों में जुट गई हैं। फिलहाल टोल प्लाजा बूथों पर किसानों का जमावड़ा है। दिल्ली के साथ साथ एनसीआर में करीब 58 टोल प्लाजा हैं। पिछले साल 26 नवंबर से हरियाणा और आसपास के इलाके के टोल प्लाजा पर वसूली बंद है।
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लोकसभा में केंद्र सरकार ने माना है कि इस साल एनएचएआई को किसान आंदोलन के चलते 3500 करोड़ का राजस्व घाटा हुआ है। किसानों के विरोध के चलते उसी समय से टोल प्लाजा पर टैक्स वसूली बंद की गई है और कंपनियों के कर्मचारियों के स्थान पर यहां पर किसानों ने डेरा जमा रखा है।
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इस समय प्रदेश में सभी टोल फ्री चल रहे हैं और यहां से वाहन बिना टैक्स दिए ही निकल रहे हैं। बीच में एकाध स्थान पर टोल टैक्स शुरू करने की कोशिश की गई, लेकिन किसानों के विरोध के चलते कंपनियों को अपने कदम पीछे खिंचने पड़े।
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इतना ही नहीं बढ़ते नुकसान को देखते हुए टोल कंपनियों ने हरियाणा सरकार को पत्र लिखने के साथ-साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। मार्च 2021 तक हरियाणा का नुकसान 326 करोड़ रुपये आंका गया था। टोल कंपनी के अधिकारी ने बताया कि पीएम की घोषणा के बाद अब उम्मीद है किसान प्लाजा से उठ जाएंगे और दोबारा से टैक्स वसूली शुरू की जाएगी। बाक्स
टोल प्लाजा पर किसानों का जमावड़ा
टोल वसूलने के लिए जहां सरकार ने फास्टैग सिस्टम लागू कर दिया है, वहीं हरियाणा टोल प्लाजा पर किसान डेरा डाले हुए हैं। वाहनों के गुजरने के लिए एक-दो गलियां खाली छोड़ी गई हैं। वाहनों का निशुल्क गुजरना जारी है। अगर कोई टोल कंपनी टैक्स शुरू करने की कोशिश करती है तो किसान हंगामा खड़ा कर देते हैं।
हाईकोर्ट पहुंची टोल कंपनी
पानीपत-जालंधर एनएच टोलवे प्राइवेट लिमिटेड किसान आंदोलन से हो रहे नुकसान को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुकी है। कंपनी ने बताया कि किसान आंदोलन कंपनी को 1 करोड़ रोजाना से अधिक का नुकसान हो रहा है, जबकि कंपनी ने इस मार्ग के लिए 5689 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। कंपनी के जीटी रोड पर लाडोवाला, घग्गर और घरौंड़ा में तीन टोल हैं और तीनों बंद चल रहे हैं।