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Hindi News ›   Chandigarh ›   New Revelations about former chairman of Markfed Jarnail Singh Wahid arrested by Vigilance

जरनैल वाहिद: चंद वर्षों में अरबों का मालिक बन गया था मार्कफेड का पूर्व चेयरमैन, विजिलेंस की जांच में खुलासे

Mon, 02 Oct 2023 02:07 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 02 Oct 2023 02:07 PM IST
सार

अकाली दल के वरिष्ठ नेता और मार्कफैड के पूर्व चेयरमैन जरनैल सिंह वाहिद चंद वर्षों में ही बेशुमार कीमती जमीनों के मालिक बन गए थे। वाहिद के पास 200 एकड़ जमीन, छह वाहन हैं। वाहिद का बेटा संदीप लग्जरी कारों का शौकीन है। वह 1.27 करोड़ की महंगी कार तक रख चुका है।

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New Revelations about former chairman of Markfed Jarnail Singh Wahid arrested by Vigilance
जरनैल वाहद, उनकी पत्नी और बेटा विजिलेंस की हिरासत में - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शनिवार को वाहद-संधार शुगर मिल्स लिमिटेड फगवाड़ा के प्रबंध निदेशक जरनैल सिंह वाहिद को गिरफ्तार किया था। वाहिद पर फगवाड़ा की सरकारी जमीन का दुरुपयोग करने और राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाने का आरोप है। उनके साथ उनकी पत्नी रूपिंदर कौर और बेटे संदीप सिंह को भी गिरफ्तार किया गया।  

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वाहिद का सियासत में भी सिक्का चलता था। एक बार वाहिद ने सुखबीर बादल के ओेएसडी चरणजीत बराड़ की जगह खुद नवांशहर से टिकट हासिल कर लिया था। उनकी होशियारपुर रोड पर स्थित आलीशान कोठी में पूर्व सीएम प्रकाश बादल का अकसर आना जाना रहता था। यही वजह थी कि सत्ता के गलियारों में वाहिद की तूती बोलती थी। वाहिद के खिलाफ ईडी जांच चल रही थी। इसमें आगे जांच किस तरफ चली गई, किसी को पता ही नहीं चला। वाहिद का नाम शिअद की पहली कतार के नेताओं में शामिल था। पिछले साल जिन नेताओं को पार्टी अध्यक्ष के सलाहकार बोर्ड में शामिल किया गया है, उनमें चरनजीत अटवाल के साथ जरनैल सिंह वाहिद का नाम भी था।

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विरासत में मिली थी 30 किला जमीन
दरअसल, पंजाब में अकाली दल की सरकार के दौरान ही वाहिद का उदय हुआ है। 1970 में उनके पास पुश्तैनी जमीन 30 किला थे, जो पिता और दादा से विरासत में मिली थी। इसके बाद उन्होंने इस जमीन को बेचा और 40 किला जमीन खरीद ली। जरनैल वाहिद के नजदीकी बताते हैं कि किसी समय वह कचहरी में स्कूटर पर आते थे। देखते ही देखते बुलंदियों को छूने लगे। 

नवांशहर के गांव बीनेवाला में वाहिद परिवार के पास 200 एकड़ जमीन है। किसान पैसे के लिए धरने लगाते रहे, लेकिन वाहिद ने उनका बकाया नहीं दिया, उल्टा होशियारपुर के गांव खनौड़ा में करीब 80 किले जमीन खरीद ली। पंजाब के फगवाड़ा में कई बार गन्ना किसानों ने चक्का जाम किया कि उनका बकाया शुगर मिल अदा नहीं कर रही। लेकिन उन्हें राहत देने के बजाय हिमाचल में 2016-2017 में एक क्रशर वाहिद व हिस्सेदार ने मिलकर खरीदा।

बेशकीमती जमीन पर बना है आलीशान वाहिद विला
वाहिद ने अपने लिए आलीशान विला बनाया, जिसका नाम वाहिद विला है। इस बेशकीमती जमीन पर बना है। इसमें प्रकाश सिंह बादल अकसर आते थे। वाहिद का विला 2 एकड़ जमीन पर बना है। वाहिद ने अपने पोते अबीर सिंह के नाम पर भी एक कीमती 60 मरले का प्लाट खरीदा है। वाहिद ने 32 मरले का प्लाट बंगा रोड फगवाड़ा में खरीदा। 145 मरले का प्लॉट चक्क हकीमा फगवाड़ा में है। 200 मरले का प्लॉट गांव सपरोड फगवाड़ा व सन्नी एन्क्लेव मोहाली में 500 गज का प्लॉट खरीदा था।

बेटे के पास लग्जरी कारें
बैंक में जरनैल वाहिद व उनकी पत्नी रुपिंदर कौर के नाम पर लगभग सवा करोड़ रुपये हैं। बेटे संदीप वाहिद के पास दो महंगी कारें थीं। एक पोर्श कैरेरा एस और एक ऑडी क्यू7। अब वाहिद परिवार के पास 6 गाड़ियां हैं, जिसमें मस्टैंग भी शामिल है। फगवाड़ा में सरकारी जमीन पर बनी शुगर मिल की जमीन बेचकर वाहिद ने हरियाणा में 40 करोड़ की शुगर मिल खरीदी थी, जो बाद में बेच दी थी।

2003 में शुरू हुआ था ईडी का मामला
वाहिद के खिलाफ 2003 में एक ईडी का मामला शुरू हुआ था। इसमें 2015 में भी वाहिद को जांच के लिए बुलाया गया था। मामला वाहिद के एनआरआई पार्टनर सुखबीर सिंह संधर के चीनी मिल में किए निवेश से जुड़ा था। 1997 से लेकर 2002 के बीच एसएस बोर्ड के सदस्य के रूप में काम किया तो भर्ती के लिए काफी हेराफेरियां की गई थी। कैप्टन सरकार के सत्ता में आते ही नियुक्तियों में अनियमितताएं करने के लिए सतर्कता ब्यूरो ने वाहिद को गिरफ्तार किया था। वाहिद को मामले में मोहाली कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी थी। 2015 में, ईडी ने उन्हें वित्तीय लेनदेन के अन्य विवरणों के अलावा सभी आयकर विवरणों और अपने एनआरआई भागीदार सुखबीर संधर से चीनी मिल के लिए प्राप्त धन के दस्तावेज पेश करने के लिए बुलाया था।

तीन दिन के रिमांड पर वाहिद 
जरनैल सिंह वाहिद, उनकी पत्नी व बेटे को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें 3 दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। वाहद शुगर मिल में पार्टनर सुखबीर सिंह संधर की तलाश की जा रही है। सुखबीर सिंह संधर के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। सूत्रों की माने तो वह विदेश में है। उनका कारोबार कनाडा में भी है। इसके अलावा 25 फीसदी हिस्सेदारी जसविंदर सिंह बैंस के पास है, जो इन दिनों विदेश गए हुए हैं। वाहद परिवार के पास सिर्फ 25 फीसदी हिस्सेदारी थी। विजिलेंस की टीम सुखबीर संधर व जसविंदर बैंस का पूरा लेखा जोखा खंगाल रही है।

विजिलेंस ने अकाली नेता जरनैल सिंह वाहिद समेत 12 लोगों पर मामला दर्ज किया है। इसमें उनकी पत्नी बेटे के अलावा दोनों हिस्सेदार व दो तहसीलदार भी शामिल हैं। कनाडा में कारोबार चलाने वाले सुखबीर सिंह संधर के बेटे हरविंदरजीत सिंह संधर, सुखबीर संधर के भाई कुलदीप सिंह संधर, कुलवंत सिंह, मंजीत सिंह ढिल्लो, एडीशन डायरेक्टर अमन शर्मा, तहसीलदार प्रवीण छिब्बड़ (नकोदर में मौजूदा तहसीलदार), पवन कमार नायब तहसीलदार निवासी कपूरथला को केस में नामजद किया गया है। विजिलेंस अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक शुगर मिल की जमीन सरकारी थी। इस जमीन को न तो गिरवी रखा जा सकता था और न ही बेचा जा सकता था। उस जमीन की रजिस्ट्री करने में तहसीलदारों की खासी भूमिका है।
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