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Chandigarh News: नए मंत्रियों को चाहिए नया फर्नीचर और पुराने मंत्री मांग रहे पुराना स्टाफ

Wed, 17 Apr 2024 08:35 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Apr 2024 08:35 PM IST
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New ministers want new furniture and old ministers are asking for old staff.
मंत्रियों के स्टाफ में लगने के लिए सचिवालय के कर्मचारी कर रहे जबरदस्त लाॅबिंग
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नई कुर्सी-सोफे खरीदने पर अभी नहीं हो पाया फैसला, पुराने स्टाफ के लिए सीएमओ का इंकार
चंडीगढ़। प्रदेश के नए नवेले मंत्रियों को अपने कार्यालयों में पुराने फर्नीचर के स्थान पर नया फर्नीचर चाहिए। कार्यालय की पुरानी कुर्सी और मेजों के स्थान पर नई खरीदने के लिए कई मंत्री सरकार को इसकी सिफारिश कर चुके हैं। एक-एक मंत्री के कार्यालय के लिए नई कुर्सी और सोफे खरीदने का एस्टीमेट करीब पांच-पांच लाख रुपये बन रहा है। उधर, पुराने मंत्री अपने पुराने स्टाफ को ही दोबारा से अपने साथ लगाने के लिए जोर लगा रहे हैं। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि पुराने मंत्रियों को पुराना स्टाफ नहीं मिलेगा, जबकि फर्नीचर खरीद को लेकर सीएमओ के अधिकारी विचार कर रहे हैं कि इसकी जरूरत है या नहीं।

बिना ड्यूटी के ही कुछ कर्मचारी तो मंत्रियों के कार्यालय में जम गए
सूत्रों का दावा है कि सात नए मंत्रियों में से कई ने अपने-अपने कार्यालयों का फर्नीचर बदलने के लिए कहा है। मंत्रियों का तर्क है कि कुर्सी, मेज और सोफे काफी पुराने हो चुके हैं और ये कंफर्ट नहीं हैं। इसके लिए कई मंत्री सरकार के आला अफसरों को भी इससे अवगत करा चुके हैं। नए सिरे से सरकार के गठन के बाद से पुराने मंत्रियों के विभाग बदल दिए हैं और उनको नए विभाग दिए हैं। हालांकि, अभी भी पुराना स्टाफ ही उनके साथ काम कर रहा है, लेकिन आधिकारिक रूप से मुख्य सचिव कार्यालय की तरफ से उनके आदेश संबंधित मंत्रियों के साथ अटैच होने के लिए जारी नहीं हुए हैं। सचिवालय के कर्मचारी भी मंत्रियों के स्टाफ में काम करने के लिए जबरदस्त लाॅबिंग कर रहे हैं। बिना ड्यूटी के ही कुछ कर्मचारी तो मंत्रियों के कार्यालय में जम गए हैं। सूत्रों का दावा है कि कुछ पुराने मंत्री अपने पुराने स्टाफ सदस्यों को ही दोबारा से अपने साथ लगाने के लिए सीएमओ के एक आला अधिकारी से मुलाकात भी कर चुके हैं। लेकिन उन्होंने इससे साफ इंकार कर दिया है। अधिकारी ने कहा कि मंत्रियों के साथ लगे कुछ कर्मचारियों की रिपोर्ट ठीक नहीं है। इसलिए उनको पुराने स्थान की बजाए नए स्थानों पर लगाया जाएगा।
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नई सरकार में नए सीएम और सात नए मंत्री, छह पुराने चेहरे
प्रदेश में हुए राजनीतिक उलटफेर के बाद 12 मार्च को गठबंधन टूटा था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के इस्तीफे से पूरा मंत्रिमंडल भंग हो गया था। 13 मार्च को नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया। इनके साथ कंवरपाल गुर्जर, मूलचंद शर्मा, जेपी दलाल, रणजीत चौटाला और डाॅ. बनवारी लाल ने बतौर कैबिनेट मंत्री शपथ ग्रहण थी। इसके बाद 19 मार्च को मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इनमें डॉ. कमल गुप्ता को कैबिनेट और सात राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई थी। इनमें सीमा त्रिखा, महिपाल ढांडा, असीम गोयल, डाॅ. अभय सिंह यादव, सुभाष सुधा, विशंभर सिंह वाल्मीकि और संजय सिंह शामिल हैं। पुराने मंत्रियों को पुराने कार्यालय ही अलाॅट किए है, जबकि नए मंत्रियों को पुराने मंत्रियों के कार्यालय अलाॅट किए हैं।
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प्रदेश के एक वरिष्ठ मंत्री की कुर्सी खराब, ऊपर-नीचे करने में आ रही दिक्कत
प्रदेश के एक वरिष्ठ मंत्री की कुर्सी खराब हो चुकी है। कुर्सी को ऊपर और नीचे करने में दिक्कत आ रही है, जब भी कुर्सी को ऊपर या नीचे करना होता है तो कर्मचारी को आना पड़ता है। स्टाफ सदस्यों ने जब मंत्री जी को कुर्सी ठीक कराने या फिर बदलने के लिए कहा तो मंत्री ने मना कर दिया। मंत्री ने कहा कि अतिरिक्त खर्च की जरूरत नहीं, अब सरकार में समय छह माह का ही बचा है।
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