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Chandigarh News: पीजीआई के न्यूक्लियर मेडिसिन में लगेंगी नई मशीनें, इलाज होगा आसान
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चंडीगढ़। पीजीआई के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग ने मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए नई मशीनों की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग पीईटी एमआरआई खरीदने की तैयारी में है, जो दिल्ली एम्स के पास भी उपलब्ध नहीं है। इस मशीन की खासियत यह है कि यह मस्तिष्क ट्यूमर और पेल्विक कैंसर सहित नरम ऊतक कैंसर के उपचार में सटीक डायग्नोसिस देकर इलाज की राह को आसान बनाता है। इसके साथ विभाग उन मशीनों को बदलने की भी तैयारी में है, जो 10 साल की समय सीमा पूरी कर चुकी हैं। विभाग के प्रमुख प्रोफेसर बीआर मित्तल ने बताया कि पीईटी एमआरआई मशीन दिल्ली और कोच्चि के सिर्फ दो निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध है। दिल्ली एम्स भी इसे खरीदने के लिए प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि इन मशीनों की खरीद की प्रक्रिया काफी जटिल होती है। इसमें भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से अलग-अलग मानकों पर मंजूरी लेना आवश्यक होता है। वहीं मशीन को इंस्टॉल करने के लिए भी ज्यादा जगह की जरूरत होती है।
जानकारी के अनुसार पहले नए न्यूरो साइंस सेंटर में इस मशीन के लिए जगह तलाशी जा रही थी लेकिन वहां इसकी संभावना नजर नहीं आने पर उस विकल्प को छोड़ दिया गया है। प्रो. मित्तल ने बताया कि विभाग ने एडवांस कार्डियक सेंटर में सिंगल फोटोन एमिशन कंप्यूटेड टोमोग्राफी/ कंप्यूटर टोमोग्राफी के लिए आर्डर दे दिया है। यह अगले 6 से 7 महीने में स्थापित होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि यह मशीन शरीर के विभिन्न अंगों और उसके क्रियाशीलता संबंधी डायग्नोसिस में थ्रीडी स्कैन बनाने में बेहद सहायक होती है।
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जानकारी के अनुसार पहले नए न्यूरो साइंस सेंटर में इस मशीन के लिए जगह तलाशी जा रही थी लेकिन वहां इसकी संभावना नजर नहीं आने पर उस विकल्प को छोड़ दिया गया है। प्रो. मित्तल ने बताया कि विभाग ने एडवांस कार्डियक सेंटर में सिंगल फोटोन एमिशन कंप्यूटेड टोमोग्राफी/ कंप्यूटर टोमोग्राफी के लिए आर्डर दे दिया है। यह अगले 6 से 7 महीने में स्थापित होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि यह मशीन शरीर के विभिन्न अंगों और उसके क्रियाशीलता संबंधी डायग्नोसिस में थ्रीडी स्कैन बनाने में बेहद सहायक होती है।
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