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छतबीड़ जू में दीवाली पर आएंगे नए मेहमान, दिखेंगे हिमालयन भालू, अब 125 प्रजाति के 1500 जानवर

Tue, 20 Oct 2020 10:58 AM IST
खुशबू गोयल अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 20 Oct 2020 10:58 AM IST
सार

  • हिमाचल से काला हिमालयन भालू और चार जोड़े गोरल को लाया जाएगा
  • अब 1500 से अधिक जानवर, 2019 में राजकोट और इंदौर से आए थे शेर

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New Guest will come in Chhatbir Zoo after Diwali
Himalayan Bear

विस्तार

दीपावली के बाद अदला-बदली कार्यक्रम के तहत छतबीड़ जू में जल्द ही नए मेहमान आएंगे। जू में काले हिमालयन भालू के दीदार होंगे। पंजाब सरकार हिमाचल प्रदेश से अदला-बदली कार्यक्रम के तहत भालू सहित चार जोड़ी गोरल (हिरन की प्रजाति) भी लाएगी।
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2019 में इसी कार्यक्रम के तहत राजकोट और इंदौर से चार शेर और एक रॉयल बंगाल टाइगर भी नए मेहमान के रूप में चिड़ियाघर आ चुके हैं। देश के तीन बड़े चिड़ियाघरों में शुमार पंजाब का छतबीड़ जू 505 एकड़ क्षेत्रफल में फैला है।
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वर्तमान में यहां 125 प्रजाति के 1500 से अधिक जंगली जानवर रह रहे हैं। पंजाब सरकार हिमाचल प्रदेश से काला हिमालयन भालू और आठ गोरल (चार नर और चार मादा) लेकर आने वाली है। हाल ही में एक दुर्लभ किस्म की लोमड़ी का बच्चा भी जू प्रबंधन की ओर से आम लोगों के देखने के लिए रखा गया है। यह बच्चा जू परिसर में ही पैदा हुआ है।
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जू के डायरेक्टर एम सुधागर ने बताया कि दीपावली के बाद अदला-बदली कार्यक्रम के तहत भालू और गोरल को हिमाचल प्रदेश से लाया जाएगा। 

उपलब्धि: वाजा में मिली सदस्यता

जू के डायरेक्टर एम सुधागर ने बताया कि छतबीड-जू को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। अब यह चिड़ियाघर वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ जूज एंड एक्वेरियम (वाजा) का सदस्य हो गया है। 

ब्यास के नए मेहमान जू में कर रहे आराम
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ब्यास नदी के नए मेहमान 25 घड़ियाल छतबीड़ जू में आराम फरमा रहे हैं। इन्हें मध्य प्रदेश से मंगवाया गया है। अभी तक ब्यास नदी में एक खेप के रूप में लगभग 50 घड़ियाल छोड़े जा चुके हैं।

सात के अंत तक जू में नए मेहमान आ जाएंगे। सूबे के लिए यह बड़ी गौरव की बात है कि छतबीड़ जू को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। अभी तक देश में सिर्फ दो जू को ही वाजा की सदस्यता मिल पाई है। लखनऊ और कानपुर के चिड़ियाघर भी वाजा के सदस्य अभी तक नहीं हो पाए हैं। 
- आरके मिश्रा, मुख्य जंगली जीव वार्डन, पंजाब
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