{"_id":"69b07fbf4dc360bce605370c","slug":"new-excise-policy-released-palsora-liquor-contract-is-the-most-expensive-chandigarh-news-c-16-1-pkl1017-967862-2026-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: नई एक्साइज पॉलिसी जारी, पलसोरा का शराब ठेका सबसे महंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: नई एक्साइज पॉलिसी जारी, पलसोरा का शराब ठेका सबसे महंगा
विज्ञापन
चंडीगढ़। प्रशासन ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई एक्साइज पॉलिसी मंगलवार देर रात जारी कर दी। नई नीति में शराब के ठेकों, बार लाइसेंस, होटल-रेस्टोरेंट में शराब परोसने, माइक्रो-ब्रुअरी, टेवर्न और लाइसेंस फीस से जुड़े कई अहम प्रावधान किए गए हैं। इसके साथ ही शराब बिक्री के लाइसेंस, बार संचालन, भुगतान प्रणाली और सुरक्षा मानकों को लेकर नई शर्तें लागू की गई हैं। नई एक्साइज पॉलिसी के तहत गांव पलसोरा का शराब ठेका सबसे महंगा रखा गया है। आबकारी विभाग ने इसका रिजर्व प्राइस 11 करोड़ 41 लाख 9 हजार 803 रुपये तय किया है। वहीं सेक्टर-41 मार्केट का शराब ठेका सबसे सस्ता है, जिसका रिजर्व प्राइस 1 करोड़ 93 लाख रुपये रखा गया है।
बार लाइसेंस के लिए तय नियम
नई नीति के तहत होटल और रेस्टोरेंट संचालन शुरू करने से पहले एल-3, एल-4, एल-5, एल-3ए, एल-4ए, एल-10ए और एल-10एए फॉर्म में बार लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि लाइसेंस तभी जारी होगा जब होटल या रेस्टोरेंट का संचालन वास्तव में शुरू हो जाएगा। एल-3, एल-4 और एल-5 लाइसेंसधारक बार लाइसेंस मिलने के 15 दिन बाद माइक्रो-ब्रुअरी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे।
बार और पब में अल्कोमीटर अनिवार्य
नई नीति के अनुसार होटल, बार, रेस्टोरेंट और पब में शराब परोसने वाले लाइसेंसधारकों के लिए अल्कोमीटर की सुविधा अनिवार्य होगी।
अतिरिक्त बार खोलने की अनुमति
बार लाइसेंसधारक अपने परिसर में एक अतिरिक्त बार खोल सकेंगे। इसके लिए मूल लाइसेंस फीस का 75 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यदि परिसर से अलग किसी स्थान पर शराब परोसनी हो तो लाइसेंस फीस का 25 प्रतिशत शुल्क देना होगा।
विज्ञापन
बार संचालन का समय
नई नीति के अनुसार बार का संचालन सुबह 11 से रात 1 बजे तक किया जा सकेगा। आधी रात 12 बजे के बाद नया ऑर्डर नहीं लिया जाएगा। यदि कोई क्लब, बार या रेस्तरां देर रात तक संचालन करना चाहता है तो 8 लाख रुपये वार्षिक शुल्क देकर समय रात 3 बजे तक बढ़ाया जा सकेगा, हालांकि अंतिम ऑर्डर रात 2 बजे तक ही लिया जाएगा।
होटलों में 24 घंटे शराब परोसने की अनुमति
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कैटेगरी ए होटलों को 24 घंटे शराब परोसने की अनुमति दी गई है। इसके लिए 30 लाख रुपये वार्षिक लाइसेंस फीस देनी होगी। कैटेगरी बी और सी होटल भी समान शुल्क देकर यह सुविधा ले सकेंगे। इन होटलों के सभी कमरों में मिनी बार की सुविधा भी दी जा सकेगी और इसके लिए अलग से लाइसेंस फीस नहीं लगेगी।
टेवर्न के लिए सख्त मानक
नई नीति में टेवर्न के लिए भी सख्त नियम तय किए गए हैं। टेवर्न खुले स्थान पर संचालित नहीं किए जा सकेंगे। इनके चारों ओर पक्की दीवार और कंक्रीट की छत होना अनिवार्य होगा। साथ ही कम से कम आठ टेबल और 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था जरूरी होगी।
डिजिटल भुगतान और बिल अनिवार्य
नई एक्साइज पॉलिसी के तहत सभी शराब विक्रेताओं के लिए हर बिक्री पर बिल जारी करना अनिवार्य होगा। साथ ही नकद के अलावा पीओएस मशीन के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा भी देनी होगी। नियम का उल्लंघन करने पर प्रति घटना 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
फीस जमा न करने पर सख्त कार्रवाई
यदि कोई लाइसेंसधारी समय पर लाइसेंस फीस जमा नहीं करता है तो विभाग उसका ठेका सील कर सकता है। इसके अलावा उसके अन्य ठेके भी रद्द किए जा सकते हैं। देरी से भुगतान पर 1.5 प्रतिशत मासिक ब्याज भी लिया जाएगा।
विज्ञापन
बार लाइसेंस के लिए तय नियम
नई नीति के तहत होटल और रेस्टोरेंट संचालन शुरू करने से पहले एल-3, एल-4, एल-5, एल-3ए, एल-4ए, एल-10ए और एल-10एए फॉर्म में बार लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि लाइसेंस तभी जारी होगा जब होटल या रेस्टोरेंट का संचालन वास्तव में शुरू हो जाएगा। एल-3, एल-4 और एल-5 लाइसेंसधारक बार लाइसेंस मिलने के 15 दिन बाद माइक्रो-ब्रुअरी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे।
विज्ञापन
बार और पब में अल्कोमीटर अनिवार्य
नई नीति के अनुसार होटल, बार, रेस्टोरेंट और पब में शराब परोसने वाले लाइसेंसधारकों के लिए अल्कोमीटर की सुविधा अनिवार्य होगी।
अतिरिक्त बार खोलने की अनुमति
बार लाइसेंसधारक अपने परिसर में एक अतिरिक्त बार खोल सकेंगे। इसके लिए मूल लाइसेंस फीस का 75 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यदि परिसर से अलग किसी स्थान पर शराब परोसनी हो तो लाइसेंस फीस का 25 प्रतिशत शुल्क देना होगा।
विज्ञापन
बार संचालन का समय
नई नीति के अनुसार बार का संचालन सुबह 11 से रात 1 बजे तक किया जा सकेगा। आधी रात 12 बजे के बाद नया ऑर्डर नहीं लिया जाएगा। यदि कोई क्लब, बार या रेस्तरां देर रात तक संचालन करना चाहता है तो 8 लाख रुपये वार्षिक शुल्क देकर समय रात 3 बजे तक बढ़ाया जा सकेगा, हालांकि अंतिम ऑर्डर रात 2 बजे तक ही लिया जाएगा।
होटलों में 24 घंटे शराब परोसने की अनुमति
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कैटेगरी ए होटलों को 24 घंटे शराब परोसने की अनुमति दी गई है। इसके लिए 30 लाख रुपये वार्षिक लाइसेंस फीस देनी होगी। कैटेगरी बी और सी होटल भी समान शुल्क देकर यह सुविधा ले सकेंगे। इन होटलों के सभी कमरों में मिनी बार की सुविधा भी दी जा सकेगी और इसके लिए अलग से लाइसेंस फीस नहीं लगेगी।
टेवर्न के लिए सख्त मानक
नई नीति में टेवर्न के लिए भी सख्त नियम तय किए गए हैं। टेवर्न खुले स्थान पर संचालित नहीं किए जा सकेंगे। इनके चारों ओर पक्की दीवार और कंक्रीट की छत होना अनिवार्य होगा। साथ ही कम से कम आठ टेबल और 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था जरूरी होगी।
डिजिटल भुगतान और बिल अनिवार्य
नई एक्साइज पॉलिसी के तहत सभी शराब विक्रेताओं के लिए हर बिक्री पर बिल जारी करना अनिवार्य होगा। साथ ही नकद के अलावा पीओएस मशीन के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा भी देनी होगी। नियम का उल्लंघन करने पर प्रति घटना 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
फीस जमा न करने पर सख्त कार्रवाई
यदि कोई लाइसेंसधारी समय पर लाइसेंस फीस जमा नहीं करता है तो विभाग उसका ठेका सील कर सकता है। इसके अलावा उसके अन्य ठेके भी रद्द किए जा सकते हैं। देरी से भुगतान पर 1.5 प्रतिशत मासिक ब्याज भी लिया जाएगा।