छात्राओं को फरमान, खाना चाहिए तो बर्तन धोने पड़ेंगे
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सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील के बर्तन स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं से धुलवाएं जा रहे हैं, जबकि कर्मचारी खाली बैठते हैं। ऐसा ही एक वाकया शनिवार को पठानकोट के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल तारागढ़ में सामने आया।
शनिवार को एवलन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सेमिनार का आयोजन किया गया था। इस दौरान मिड-डे-मील वितरित किया जा रहा था। बच्चों ने खाया और बर्तन धोने लगे जबकि इसके लिए लगाए गए कर्मचारी आराम से बैठे थे।
वहां मौजूद सीनियर सेकेंडरी स्कूल तारागढ़ के अंग्रेजी के शिक्षक नवकीरत से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि खाना जिसने खाया है बर्तन उसे ही धोने पड़ेंगे। खाना, खाना है तो बर्तन भी धोने पड़ेंगे।
शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
डीईओ पवन कुमार का कहना है कि इस तरह की बातें करने वाले शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से ऐसा कोई प्रावधान नहीं बनाया गया कि बच्चों से स्कूलों में कार्य करवाया जाए।
हर 100 बच्चों के लिए तीन मिड-डे-मील वर्कर नियुक्त किए गए हैं। जिनका कार्य इन बच्चों को खाना खिलाना और अन्य कार्य करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को स्कूलों में दी जा रही सुविधाओं और निर्देशों संबंधी पूर्ण ज्ञान होना अनिवार्य है।
आपके माध्यम से ये मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस संबंध में जरूर बनती कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पढ़ने पर मिड डे मील के कर्मचारियों को तलब भी किया जा सकता है।