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राशन न लेकर ग्रामीणों ने डिपो पर काटा बवाल
ब्यूरा/अमर उजाला/ यमुनानगर।
Updated Mon, 25 Aug 2014 12:26 AM IST
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कम और दो माह में एक बार राशन देने के आरोप लगाते हुए गांव रामपुर कंबोयान के सैकड़ों लोगों ने डिपो संचालिका के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्ड धारकों ने डिपो संचालिका सोनिया पर हेराफेरी का आरोप लगाते हुए राशन लेने से इंकार कर दिया।
गांव की जमरो देवी, सुषमा, बबली, सुनीता, कृष्णा, सोमादेवी, सरोजबाला, नीलम, सुनीता, धर्मपाल, सचिन सैनी, रमेश कुमार, अर्जुन सिंह, प्रिंस, रघुवीर सिंह ने बताया कि डिपो संचालिका सोनिया के पास उनके कार्ड हैं, जिस कारण वह वहीं से सरकारी राशन लेते हैं। लेकिन डिपो संचालिका उन्हें पूरा राशन नहीं देती हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत दिया जाने वाला राशन उन्हें छह महीने में केवल तीन बार मिला है। उसमें भी चावल, दाल और तेल नहीं दिया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संचालिका ने उनसे दाम तो पूरे लिए हैं, लेकिन गेहूं पूरी नहीं दी जाती है। इस बारे में जब डिपो संचालिका से बात करते हैं तो वह बिलासपुर खाद्य आपूर्ति विभाग कार्यालय से संपर्क करने की बात कहती है। लोगों का कहना है कि योजना के तहत पांच एकड़ से कम जमीन वाले व ट्रैक्टर वालों को इसमें शामिल किया गया है।
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ग्रामीणों ने बताया डिपो संचालिका का कहना है कि वह दो एकड़ जमीन वालों को गेहूं देगी और जिसके पास ट्रैक्टर है उन्हें राशन नहीं मिलेगा। लोगों ने डिपो होल्डर महिला पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया। डिपो संचालक सोनिया का कहना है कि उसे विभाग द्वारा आदेश मिले हैं कि ट्रैक्टर वालों को राशन न दें और केवल दो एकड़ वालों को ही राशन दिया जाए।
उसने कहा कि उसके राशन की सप्लाई भी उक्त नियम के तहत मिल रही है। जब उसके पास राशन पहुंचता है तो वह बांट देती है।
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गांव की जमरो देवी, सुषमा, बबली, सुनीता, कृष्णा, सोमादेवी, सरोजबाला, नीलम, सुनीता, धर्मपाल, सचिन सैनी, रमेश कुमार, अर्जुन सिंह, प्रिंस, रघुवीर सिंह ने बताया कि डिपो संचालिका सोनिया के पास उनके कार्ड हैं, जिस कारण वह वहीं से सरकारी राशन लेते हैं। लेकिन डिपो संचालिका उन्हें पूरा राशन नहीं देती हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत दिया जाने वाला राशन उन्हें छह महीने में केवल तीन बार मिला है। उसमें भी चावल, दाल और तेल नहीं दिया गया।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संचालिका ने उनसे दाम तो पूरे लिए हैं, लेकिन गेहूं पूरी नहीं दी जाती है। इस बारे में जब डिपो संचालिका से बात करते हैं तो वह बिलासपुर खाद्य आपूर्ति विभाग कार्यालय से संपर्क करने की बात कहती है। लोगों का कहना है कि योजना के तहत पांच एकड़ से कम जमीन वाले व ट्रैक्टर वालों को इसमें शामिल किया गया है।
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ग्रामीणों ने बताया डिपो संचालिका का कहना है कि वह दो एकड़ जमीन वालों को गेहूं देगी और जिसके पास ट्रैक्टर है उन्हें राशन नहीं मिलेगा। लोगों ने डिपो होल्डर महिला पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया। डिपो संचालक सोनिया का कहना है कि उसे विभाग द्वारा आदेश मिले हैं कि ट्रैक्टर वालों को राशन न दें और केवल दो एकड़ वालों को ही राशन दिया जाए।
उसने कहा कि उसके राशन की सप्लाई भी उक्त नियम के तहत मिल रही है। जब उसके पास राशन पहुंचता है तो वह बांट देती है।