सुस्त प्रशासन: प्राइवेट स्कूलों में बिक चुकी प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के प्राइवेट स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। अभिभावकों ने मोटी रकम देकर किताबें भी खरीद ली हैं और अब शिकायतें मिलने के बाद डीईओ ने प्राइवेट पब्लिसर्श की किताबों के मामले में स्कूल प्रिंसिपलों से जवाब मांगा है।
मार्च में ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2016 सत्र से प्राइवेट स्कूलों में सिर्फ एनसीईआरटी की किताबें सिलेबस में शामिल करने का निर्देश दिया था। लेकिन अधिकारियों की अनदेखी और लापरवाही के कारण हजारों अभिभावकों को प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के कारण 300 रुपये वाला पुस्तकों के सेट 4 से 5 हजार में खरीदना पड़ा। अभिभावकों की लगातार शिकायतों के दबाव के बाद अधिकारियों की आंखें खुलीं और मामले को एमएचआरडी में उठाने का फैसला लिया। लेकिन अब तक लगभग सभी स्कूलों में बच्चों की किताबें खरीदी जा चुकी हैं। प्राइवेट स्कूलों ने प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों को सिलेबस में लगवाकर मोटा कमीशन वसूला है।
शहर के प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों को निजी पब्लिशर्स की किताबें खरीदने के मामले में शिक्षा विभाग ने पहले दौर की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) के पास पहुंची शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए संबंधित स्कूल प्रिंसिपल से लिखित में जवाब तलब किया है। फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी के पास जिन प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ शिकायत पहुंची हैं उन पर कार्रवाई होगी।
नई दिल्ली में एमएचआरडी की मीटिंग से लौटने के बाद अगले हफ्ते से डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन(डीएसई) और शिक्षा सचिव के पास पहुंची शिकायतों पर भी शिक्षा विभाग प्राइवट स्कूलों से पूरे मामले में रिपोर्ट तलब करेगा
आज रखेंगे अधिकारी अपनी बात मामला प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूलों से जुड़ा होने के कारण शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पूरे मामले को सीबीएसई और एमएचआरडी के सामने रखने का फैसला किया है। मंगलवार से दिल्ली में एमएचआरडी के साथ दो दिन की मीटिंग शुरू हुई है। चंडीगढ़ के शिक्षा अधिकारी भी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी का केस एमएचआरडी अधिकारियों को बताएंगे। यूटी के अधिकारी प्राइवेट स्कूलों पर सीबीएसई के माध्यम से कार्रवाई करवाने के हक में हैं। निजी पब्लिशर्स की मनमानी के मामले में बड़े प्राइवेट स्कूलों पर अभी तक शहर के अधिकारी खुद को दूर रख रहे हैं।
प्राइवेट स्कूलों द्वारा मानइोरिटी स्टेटस को बनाया ढाल: राइट टू एजुकेशन(आरटीई)के तहत 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिले को लेकर पिछले कई सालों से शिक्षा विभाग और प्राइवेट स्कूलों में ठनी हुई है। कई नामी स्कूलों ने माइनोरिटी स्टेटस लेकर खुद को बचा लिया। विभाग के अधिकारी माइनोरिटी कमीशन की कार्रवाई के डर से निजी स्कूलों पर सीधी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। प्राइवेट पब्लिशर्स के मामले में अभिभावकों की लिखित शिकायतों के बाद भी शिक्षा विभाग ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है।
कोर्ट में रिपोर्ट के बाद बनेगा कमीशन
प्राइवेट स्कूलों द्वारा निजी पब्लिशर्स की किताबें थोपने और फीस में मनमानी को रोकने के लिए जल्द ही यूटी शिक्षा विभाग एक रेगुलेटरी कमीशभन बनाने जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार जस्टिस आरएस मोंगिया द्वारा पंजाब एंड हरियाणा में प्राइवेट स्कूलों की रिपोर्ट सौंपते केे बाग रेगुलेटरी कमीशन गठित किया जाएगा। यह कमीशन्र शहर के सभी प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों की फीस और अन्य खर्चो पर नजर रखेगा। कमीशन की रिपोर्ट पर शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकेगा।
अभिभावकों की लगातार बढ़ रही शिकायतें: प्राइवेट स्कूलों की निजी पब्लिशर्स की किताबें लगवाने के मामले में अमर उजाला द्वारा चलाए गए अभियान के बाद अभिभावक लगातार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लिखित और व्हट्सअप पर शिकायतें भेज रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार अभिभावक अपना नाम सार्वजनिक नहीं करना चाहते, ताकि उनके बच्चों के भविष्य के साथ स्कूल प्रबंधन खिलावड़ नहीं कर सके। अगले हफ्ते शिक्षा सचिव पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेंगे। प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अभिभावक सेक्टर-19 स्थित जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) और सेक्टर-9 स्थित डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन(डीएसई) को लिखित शिकायत भेज सकते हैं।
रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ,डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ ने बताया कि मंगलवार को एमएचआरडी में मीटिंग हुई है। लेकिन पहले दिन सिर्फ मिड डे मील पर ही चर्चा जारी रही। प्राइवेट स्कूलों द्वारा प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों और मनमानी फीस का मामला उठाया जाएगा। देश भर के राज्य से शिक्षा और सीबीएसई अधिकारी भी मीटिंग में मौजूद होंगे।
विनय आर सूद , जिला शिक्षा अधिकारी चंडीगढ़ ने बताया कि कुछ प्राइवेट स्कूलों के बारे में मुझे अभिभावकों ने शिकायत दी थी। उन स्कूलों के प्रिंसिपल से लिखित में जवाब तलब किया गया है। कुछ अभिभावकों ने बाद में शिकायत वापिस ले ली। लेकिन शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों द्वारा किताब और अन्य कई मामलों में अभिभावकों की शिकायतों पर जरुर कार्रवाई करेगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी योजना बना रहे हैं।