फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   neet result 2018 chandigarh toppers

Neet Result 2018: चंडीगढ़ की महक की ऑल इंडिया 31वीं रैंक, टॉप 100 में 5 होनहार

Tue, 05 Jun 2018 04:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 05 Jun 2018 04:59 PM IST
विज्ञापन
neet result 2018 chandigarh toppers
टॉपर महक अरोड़ा
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) के एग्माज में टॉप 100 में चंडीगढ़ के पांच होनहार रहे। राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) के परिणाम की घोषणा सोमवार को कर दी गई। चंडीगढ़ में टॉप -100 में पांच छात्रों ने जगह बनाई है। शहर की महक अरोड़ा ने नीट की परीक्षा में 31वीं रैंक हासिल कर ट्राइसिटी में टॉप किया है। दूसरा स्थान 44वीं रैंक हासिल करने वाली मेघा शर्मा, तीसरा स्थान 47वीं रैंक हासिल करने वाली पारुल बेरी, चौथा स्थान सागर मिश्रा ने 49वीं रैंक हासिल की है।
विज्ञापन


वहीं पांचवां स्थान वैभव गर्ग ने 69वीं रैंक हासिल करके किया। नीट की परीक्षा पास हुए छात्रों की पहली पसंद दिल्ली का मौलाना आजाद मेडिकल कालेज और दूसरा कालेज चंडीगढ़ का जीएमसीएच -32 है। वहीं एम्स के रिजल्ट का भी छात्र बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नीट की परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों का  कहना है कि अगर कोई काम पूरी लगन के साथ किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। इस बार नीट की परीक्षा इंग्लिश, हिंदी, तेलुगू, असमिया, गुजराती, मराठी, तमिल, बंगला, कन्नड़, उर्दू के साथ-साथ कई क्षेत्रीय भाषाओं में हुई थी।
विज्ञापन


पिता का सपना पूरा करने के लिए बनी मैं डाक्टर
अमर उजाला से बातचीत में ट्राइसिटी की टॉपर महक अरोड़ा ने बताया कि कोचिंग क्लास 4.45 घंटे के बाद वह छह घंटे रोजाना सेल्फ स्टडी करती थीं। फिजिक्स उसका पसंदीदा विषय है। वह सवालों को हल करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से अपने टीचर्स से मदद लेती थी। महक अरोड़ा ने बताया कि अगर किसी सब्जेक्ट का कांसेप्ट क्लीयर है तो उसे पढ़ने में मजा आता है। एनसीईआरटी की बुक्स से तैयारी काफी अहम है। केमिस्ट्री, बायोलाजी के प्रश्न इसी बुक्स से आए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसके पिता महेश अरोड़ा का सपना था कि वह डॉक्टर बने। मैं अपने पिता के सपने को पूरा करूंगी। मेरे पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। महक की मां रेनू अरोड़ा  चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने हमेशा पढ़ाई केे लिए मुझे प्रोत्साहित किया। महक ने बताया कि उसकी पहली पसंद एम्स में दाखिला लेना है। अभी वह एम्स के रिजल्ट की वेट कर रही हैं। पढ़ाई से तनाव को दूर रखने के लिए वह बास्केट बाल खेलती थी। वहीं चेस और मार्शल आर्ट की आठवीं में वह अच्छी खिलाड़ी थी। वह दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कालेज में दाखिला लेना चाहती है।

पैंरेट्स से डॉक्टर बनने की प्रेरणा ली

neet result 2018 chandigarh toppers
टॉपर पारुल बेरी
शिशु निकेतन मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कल-22 की छात्रा रही पारुल बेरी ने नीट की परीक्षा में 47वां रैंक हासिल किया। वह अपने पैरेंट्स की तरह डॉक्टर बनना चाहती है। उसके रोल मॉडल पिता डा. प्रवीन बेरी हैं। पारुल बेरी ने बताया कि उनके पिता प्रवीन बेरी बच्चों के डॉक्टर हैं। वह जालंधर में अपना हॉस्पिटल चलाते हैं। वहीं उनकी मां सीमा बेरी गायनकोलॉजिस्ट हैं। नीट की परीक्षा पास करने के लिए उसने सात घंटे पढ़ाई की है। फिजिक्स, केमिस्ट्री के प्रश्नों की तैयारी के लिए वह उन्हें दोहराती थी। प्रश्नों को हल करने के लिए टीचर्स से व्हाट्सअप पर भी मदद लेती थी। अपने को तनाव से मुक्त रखने के लिए स्वीमिंग, चेस और बॉस्केट बाल खेलती थी। नीट का एग्जाम पास करने के बाद वह दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कालेज में  पढ़ना चाहती है।

रोजाना 10 घंटे की पढ़ाई के बाद मिलती है सफलता
रोजाना 10 घंटे की सेल्फ स्टडी के बाद नीट की परीक्षा में वैभव गर्ग ने 69वां रैंक हासिल किया है। उन्हाेंने बताया कि  बायोलॉजी की तैयारी में उनकी सहायता उनके टीचर अरविंद गोयल ने की है। वहीं फिजिक्स और केमिस्ट्री के लिए वह चार घंटे अलग से पढ़ाई करते थे। वैभव गर्ग ने बताया कि पढ़ाई के साथ वह बैडमिंटन, कैरम और क्रि केट खेलते थे। उनके पिता संजीव गर्ग असिस्टेंट इंजीनियर के पद तैनात हैं। वहीं उनकी माता मंजू गर्ग  स्कूल टीचर है। मौलाना आजाद मेडिकल कालेज दिल्ली में दाखिला लेना पहली पसंद है। वह श्री गुरु गोबिंद सिंह कालेजिएट पब्लिक स्कूल सेक्टर - 26 से पढ़ाई की थी। 12वीं में उन्होंने 96.6 फीसदी अंक हासिल किया है।

पैरेंट्स से प्रेरणा लेकर की पढ़ाई
मेरे पैरेंट्स डॉक्टर हैं। मैंने उनसे प्रेरणा लेकर पढ़ाई की। नीट के लिए मैने 12 घंटे की पढ़ाई की। 159वां रैंक हासिल करने वाले मनराज सिंह सरा ने बताया कि वह बैडमिंटन खेलना पसंद करते हैं। वहीं इसके अलावा वह वॉकिंग भी करते थे। उनके पिता नवप्रीत सरा आंखों के डाक्टर हैं। एसडी स्कूल में पढ़ाई के बाद मेने अपनी तैयारी की है।वह जीएमसीएच- 32 में दाखिला लेना चाहते हैं। वहीं 140वां रैंक हासिल करने वाले अरमान सिंह ने बताया कि वह अपना रोल मॉडल अपने पिता परमिंदर सिंह को मानते है। परमिंदर कार्डियोलॉजी के डॉक्टर हैं। वहीं उनकी मां डा. गुरप्रीत डेटिस्ट हैं। वह एनसीईआरटी की बुक्स से पढ़ाई करते थे। इसके अलावा उन्होंने फिजिक्स के सवालों की प्रेक्टिस लगातार की है। इस कारण वह यह रैंक हासिल कर पाए। इससे उनके घर में खुशी का माहौल है।

एयरफोर्स अकाउंटेंट के बेटे ने हासिल की 49वीं रैंक

neet result 2018 chandigarh toppers
टॉपर सागर मिश्रा
नीट की परीक्षा में 49वां रैंक हासिल करने वाले सागर मिश्रा ने बताया कि वह छह घंटे नियमित पढ़ाई करते थे। जो कांसेप्ट चैप्टर्स के क्लीयर नहीं होते थे। वह उसे ग्रुप डिस्कशन के माध्यम से क्लीयर करते थे। उन्होंने बताया कि उनके पिता सुशील मिश्रा एयरफोर्स  में अकाउंटेंट हैं। उनकी माता कांति मिश्रा हाउस वाइफ हैं। उन्होंने बताया कि घर वालों के प्रोत्साहन से मैं नीट निकालने के लिए कड़ी मेहनत कर पाया। वह फिजिक्स, केमिस्ट्री ज्यूलॉजी और बाटनी की एनसीईआरटी की बुक्स का निरंतर अध्ययन करते थे। इसी सिलेबस की तैयारी के कारण वह इस कंपटीशन में 49वीं रैंक हासिल कर पाए। पढ़ाई के बाद वह की बोर्ड, वीडियो गेम्स भी खेलते थे।

इन स्टूडेंट्स ने किया है कमाल
नीट में 349वां रैंक हासिल करने वाले राजवीर सिंह ने बताया कि वह छह घंटे की सेल्फ स्टडी के बाद यह अंक हासिल कर पाए हैं। वह चेस खेलना पसंद करते हैं। उनके पिता हरजीत सिंह किसान और उनकी माता जसवीर कोर हाउस वाइफ हैं। उन्होंने बताया कि उनके फिजिक्स टीचर रविंदर यादव ने सबसे अधिक उनकी मदद की है। 387वां रैंक हासिल करने वाले आधीश बेरी ने बताया कि वह छह घंटे पढ़ाई करते थे। एनसीईआरटी की बुक्स की पढ़ाई के बाद ही कांसेप्ट क्लीयर हुए हैं।

जीएमसीएच-32 में दाखिला लेना है पहली पसंद: प्रभजोत सिंह
चंडीगढ़ के एलेन इंस्टीट्यूट के छात्र प्रभजोत सिंह ने नीट की परीक्षा में 83वीं रैक मिली है। प्रभजोत ने 720 में से 657 अंक हासिल किए हैं। प्रभजोत ने बताया कि नीट में सफलता उसे दूसरे प्रयास में मिली है। प्रभजोत ने बताया कि उसने पिछले साल अगस्त में परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। 10 घंटे की पढ़ाई के बाद उसे सफलता मिली है। टीचर्स ने हर विषय को अच्छी तरह से समझाया। जिससे मैं परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पाया। प्रभजोत ने बताया कि अब उसे एमबीबीएस में दाखिला लेना है। चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 कालेज उनकी पहली पसंद है। अगर उसे दाखिला यहां नहीं मिलेगा तो इसके बाद वह दिल्ली के मेडिकल कालेज में दाखिला लेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed