नदीम से पहले इन मासूमों ने भी बोरवेल में लड़ी जिंदगी की जंग, एक की चली गई थी जान
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हिसार के गांव बालसमंद के पास ढाणी में बोरवेल में गिरा डेढ़ साल का मासूम नदीम 48 घंटे तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद जीत गया। सेना और एनडीआरएफ के जवानों की दिन-रात की मेहनत शुक्रवार को रंग लाई।
नदीम शायद हरियाणा का पहला मासूम है, जो 48 घंटे तक 60 फीट गहरे बोरवेल में फंसे रहने के बाद भी जीवित निकला है। इस घटना से करीब 13 साल पहले पांच साल के प्रिंस को 50 फीट गहरे बोरवेल से 40 घंटे के बाद सकुशल बाहर निकाला गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने 12 फरवरी 2012 में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को राज्य में जितने भी बोरवेल खोदे जाएं, उन्हें ढकने के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद भी सरकारों ने बोरवेल को खुला छोड़ने वालों पर किसी तरह के प्रतिबंध अथवा बोरवेल को ढकने के बंदोबस्त नहीं किए।
समय पर सेना और एनडीआरएफ की ओर से राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया तो प्रिंस को तो बचा लिया गया, लेकिन 2012 में गुरुग्राम की चार साल की माही को नहीं बचाया जा सका।
कुरुक्षेत्र के हलदाहेड़ी गांव में 21 जुलाई 2006 को प्रिंस 50 फीट गहरे बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। तब उसे बचाने के लिए चलाए गए अभियान में जिला प्रशासन ने सेना की मदद ली थी। करीब तीन दिनों तक चले अभियान के बाद बालक को सकुशल बाहर निकाल लिया गया था। आज प्रिंस 18 वर्ष का हो चुका है। प्रिंस की तरह नदीम के लिए दुआएं काम आईं और लगातार तीन दिन तक चले अभियान के बाद उसे सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
1. प्रिंस - 23 जुलाई 2006
अपने जन्मदिन के दिन कुरुक्षेत्र के हलदाहेड़ी गांव का पांच साल का प्रिंस अपने घर के पास खुले 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। 40 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे सकुशल निकाला गया।
2. माही - 20 जून 2012
गुड़गांव में 68 फीट गहरे बोरवेल में चार साल की माही गिर गई। 86 घंटे के बाद उसे निकाला गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
3. नदीम- 19 मार्च, 2019
गांव बालसमंद से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित ढाणी में 60 फुट गहरे बोरवेल में मासूम बच्चा नदीम गिरा। 22 मार्च को 48 घंटे के बाद उसे सकुशल निकाला गया