नवजोत सिद्धू के 'ठहाकों' पर इतना हंगामा क्यों है बरपा?
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सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू भी आगे आईं और साफ-साफ कह दिया कि उनके पास टीवी शो ही एकमात्र बिजनेस है या आय का साधन है। इसे सिद्धू नहीं छोड़ सकते। पंजाब के कई मत्री जिनमें वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, बिजली एवं सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत सिंह आदि को भी सिद्धू के टीवी शो से कोई परेशानी नहीं है। राणा गुरजीत ने तो यहां तक कह दिया कि सिद्धू पार्टी के बड़े नेता हैं और वह अगर टीवी पर आते हैं और उनके अलावा पार्टी की भी पब्लिसिटी होती है। तो सवाल ये है कि, जब सब राजी हैं तो इतना हंगामा हो क्यो रहा है?
हंगामा होने का एक कारण ये भी...
हंगामा होने का एक कारण ये भी है कि अमृतसर से तीन बार सांसद बने सिद्धू के टीवी शो व कमर्शियल बाइट शहरवासियों और उनके बीच दूरियों का कारण बनते रहे हैं। सांसद बनने के बाद उनकी कई बार लंबे समय तक गैरहाजिरी शहर से रही।
भाजपा की शीर्ष लीडरशिप के समक्ष भी उनके लॉफ्टर शो में ठहाके लगाने पर आपत्ति उठती रही। इसके बावजूद सिद्धू ने अपने शो ये कहते हुए जारी रखे कि ये उनके सोर्स ऑफ इंकम हैं। अब सबसे अहम निकाय विभाग संभालने के बाद वे इस समस्या से कितना पार पाते हैं, ये आने वाला समय ही बताएगा।
लेकिन इसबार नवजोत सिंह सिद्धू ने पूरी प्लानिंग कर रखी है कि कैसे वह पंजाब और कपिल शर्मा के शो को समय देंगे। सिद्धू ने बताया था, 'अगर मुझे शो करना होगा तो मैं यहां (पंजाब) 3 बजे निकलूंगा और शो को पूरा करके सुबह किसी के भी उठने से पहले वापस आ जाउंगा।' लेकिन कांग्रेस को डर है कि विधायक के तौर पर सिद्धू को “ऑफिस ऑफ प्रॉफिट (लाभ का पद)” धारण करने वाला समझा जाएगा। कांग्रेस को यह भी डर सता रहा है कि पार्टी के ही अन्य नेता इस संबंध में चुनाव आयोग और पंजाब के गवर्नर को ना लिख दें।
सीएम कैप्टन लेंगे कानूनी राय
उधर, बार-बार सिद्धू के टीवी शो के सवालों पर आखिरकार पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी अपना रूख साफ कर दिया। कैप्टन ने एक टीवी न्यूज चैनल को बताया कि वह ‘द कपिल शर्मा शो’ पर सिद्धू के सेलिब्रिटी-जज बने रहने को लेकर एडवोकेट जनरल से अपनी राय देने के लिए कहेंगे। सीएम कैप्टन ने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि इस मामले पर संविधान या कानून क्या कहता है। हम एडवोकेट जनरल से इस पर उनकी राय रखने के लिए कहेंगे कि क्या कोई व्यक्ति जो मंत्री है, वह वो काम कर सकता है तो वह करना चाहता है।’
तो कुल मिलाकर बात ये है कि अब सिद्धू के चाहने या न चाहने से कुछ नही होने वाला है। अब अगर कानूनी राय, सिद्धू की राय से जुदा होती है तो उन्हें टीवी की दुनिया को अलविदा कहना होगा। फिर कपिल शर्मा को बिना सिद्धू पाजी के ही अपना शो चलाना पड़ेगा।
बता दें कि सिद्धू ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2017 से कुछ वक्त पहले ही कांग्रेस पार्टी ज्वॉइन की थी। इससे पहले तक वह भाजपा से सांसद थे। पंजाब में मिली जीत के बाद कांग्रेस नेता और अब पंजाब के मुख्यमंत्री बने अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू को अपनी कैबिनेट में शामिल किया है। सिद्धू को स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग का प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा उनको कला-संस्कृति, पुरातत्व एवं संग्रहालयों का भी काम-काज दिया गया है।