अपने बयान पर कायम सिद्धू, कहा-आज भी कहता हूं, आतंकवाद का कोई देश-धर्म नहीं
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पंजाब के निकाय विभाग मंत्री नवजोत सिद्धू ने शनिवार को कहा कि वे आज भी कहते हैं आतंकवाद का न कोई देश होता है, न जात, न धर्म लेकिन उनके इस पूरे बयान का सिर्फ एक हिस्सा दिखा कर बवाल खड़ा किया गया है। सिद्धू लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सिद्धू ने कहा कि मेरा सवाल यह है कि अगर कोई नेता जाता है, तो पूरा शहर बंद हो जाता है लेकिन जब सेना के जवान निकलते है तब रास्ते क्यों बंद नहीं किया गया।
उन्होंने दावा किया कि चार लोगों की वजह से करतारपुर कॉरिडोर पर सवालिया निशान नहीं लग सकता है, क्या प्रधानमंत्री के निर्णय पर सवालिया निशान लगेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तान जाकर पाक सेना प्रमुख को झप्पी डालने के सवाल पर सिद्धू पूरी तरह से तिलमिला गए। उन्होंने कहा कि मुझे तो न्योता देकर बुलाया गया था, लेकिन प्रधानमंत्री बिना बुलाए वहां चले गए थे।
उनके लौटने के कुछ समय बाद ही पठानकोट हमला हो गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गए तो कारगिल युद्ध हो गया। जब मैं गया तो वहां से सिर्फ शांति की आवाज ही आई। जो लोग अब मेरे खिलाफ बातें कर रहे हैं, उनसे पूछा जाए वो भी तो साथ गए थे। कश्मीर का एक पक्का इलाज होना चाहिए। जवान पर बार-बार हमला क्यों होता है।
युवा भाजपाइयों को घेरना था सिद्धू, घेर लिया बिट्टू
निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू के होटल पार्क प्लाजा पहुंचने की खबर लगते ही युवा भाजपा नेता सुबह से भाई वाला चौक में इकट्ठे हो गए। योजना थी कि सिद्धू को घेर कर काले झंडे दिखाए जाएंगे। इस दौरान सांसद रवनीत बिट्टू अपने सुरक्षा मुलाजिमों के साथ भाई वाला चौक पहुंचे तो युवा भाजपा नेताओं ने सिद्धू की गाड़ी समझकर उन्हें घेर लिया।
बाद में पता चला कि यह गाड़ी तो सांसद की है। जैसे भाजपाइयों के घेराव की योजना की खबर पुलिस को लगी उन्होंने सिद्धू के रूट प्लान चेंज कर दिया। उन्हें होटल के साथ लगती पतली गली से लाकर होटल के अंदर भेजा गया। इस दौरान वहां पर खड़े भाजपाइयों को पहले पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।