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अब केजरीवाल पर बरसे नवजोत सिद्धू: लगातार ट्वीट कर चुनावी वादों के बारे में पूछे सवाल
Mon, 29 Nov 2021 04:25 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 29 Nov 2021 04:25 PM IST
सार
शिक्षकों और नौकरियों पर सवाल उठाते हुए सिद्धू ने कहा कि 2015 में दिल्ली में शिक्षकों की 12515 रिक्तियां थीं, और 2021 में दिल्ली में शिक्षकों की ऐसी 19907 रिक्तियां हैं… और आप ज्यादातर रिक्त पदों को सिर्फ अतिथि व्याख्याताओं द्वारा भर रहे हैं।
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नवजोत सिद्धू और अरविंद केजरीवाल।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी (आप) के कन्वीनर अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा है कि केजरीवाल ने 2015 के अपने चुनावी मैनिफेस्टो में 8 लाख नौकरियां और 20 नए कालेज खोलने का वादा किया था। सिद्धू ने सवाल किया कि यह नौकरियां और कालेज आज कहां हैं? सिद्धू ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने गेस्ट लेक्चरों के जरिए ज्यादातर खाली पद भर दिए हैं।
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सिद्धू ने केजरीवाल को ताकीद की कि शीशे के घरों में रहने वालों को दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। केजरीवाल की ओर से पंजाब में चलाई गई मुहिम का जवाब देते हुए सिद्धू ने कहा कि केजरीवाल की असफल गारंटियों के विपरीत दिल्ली में बेरोजगारी की दर करीब 5 गुना बढ़ गई है। उन्होंने आगे कहा कि 2015 में अध्यापकों के 12515 पद थे जो 2021 में बढ़कर 19907 हो गए हैं। सिद्धू ने कहा कि केजरीवाल ने ज्यादातर खाली पद केवल गेस्ट लेक्चररों के जरिए भर दिए हैं।
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महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर सिद्धू ने कहा कि इसका अर्थ है महिलाओं को चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर अनिवार्य रूप से शामिल करना, जैसा कि कांग्रेस पंजाब में कर रही है। सिद्धू ने कहा कि सच्ची लीडरशिप 1000 रुपये के लालीपॉप देने में नहीं, बल्कि स्व-रोजगार और महिला उद्यमियों के लिए कौशल प्रदान करके उनके भविष्य में निवेश करना है। सिद्धू ने यह भी कहा कि केजरीवाल बात तो महिला सशक्तीकरण, नौकरियों और अध्यापकों की कर रहे हैं, लेकिन उनकी अपनी कैबिनेट में एक भी महिला मंत्री नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि शीला दीक्षित की ओर से रेवन्यू सरप्लस छोड़ने के बावजूद दिल्ली में कितनी महिलाओं को 1000 रुपये मिल रहे हैं।
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दो दिन पहले शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोहाली में कहा था कि एक तरफ पंजाब सरकार दावा करती है कि वह अध्यापकों को नौकरियां दे रहे हैं। 36 हजार कर्मचारियों को पक्का कर दिया है लेकिन बेरोजगार अध्यापक छह महीने पानी की टंकियों पर चढ़े हैं।