{"_id":"5c134880bdec22416605a6d3","slug":"navjot-sidhu-criticized-to-bring-black-partridge-from-pakistan","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान से मिले 'काले तीतर' पर मुश्किल में नवजोत सिद्धू, पक्षी प्रेमियों ने दर्ज कराई शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाकिस्तान से मिले 'काले तीतर' पर मुश्किल में नवजोत सिद्धू, पक्षी प्रेमियों ने दर्ज कराई शिकायत
Sat, 15 Dec 2018 11:36 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 15 Dec 2018 11:36 AM IST
विज्ञापन
नवजोत सिद्धू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने पाकिस्तान दौरों के कारण बार-बार मुश्किल में फंस रहे क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू के लिए नई परेशानी खड़ी हो गई है। दो पक्षी प्रेमियों नरेश कादयान और लुधियाना के संदीप जैन ने उनके खिलाफ वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के पास शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन पर काले तीतर की खाल का बना सजावटी तोहफा अपने पास रख कर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम-1972 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन
पंजाब सरकार में मंत्री सिद्धू को यह तोहफा एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उस समय दिया था, जब वह करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण शुरू करने के मौके पर पड़ोसी देश में गए थे। सिद्धू ने 12 दिसंबर को यह काला तीतर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को भेंट कर दिया था। हालांकि अमरिंदर ने वन्य जीव विभाग से जानकारी मांगी है कि वह इस तीतर को अपने पास रख सकते हैं या नहीं।
विज्ञापन
शुक्रवार को पक्षी प्रेमी नरेश कादयान ने कहा, मैंने वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के पास नवजोत सिंह सिद्धू की तरफ से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई है। उधर, इसी तरह की एक शिकायत लुधियाना में पक्षी प्रेमी संदीप जैन ने भी दर्ज कराई और मांग की कि इस मामले में जांच कराकर सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
जैन ने अपनी शिकायत में कहा है कि काला तीतर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक संरक्षित प्रजाति है। बता दें कि डब्ल्यूसीसीबी पर्यावरण मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एक सांविधिक संस्था है, जो संगठित वन्य जीव अपराधों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गठित की गई है।