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जानिए कब शुरू हो रहा देसी नववर्ष : नव संवत्सर का शुभारंभ आज से
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चंडीगढ़। नवरात्र से ही नए संवत्सर 2078 का आरंभ हो रहा है। ‘राक्षस’ नामक संवत्सर का वास धोबी के घर होगा, इसलिए अच्छी वर्षा और कृषि कार्यों में उत्तम सफलता मिलेगी। यह बात सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कही है। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल से इस वर्ष के राजा मंगल ही रहेंगे और सूर्य 13 अप्रैल को ही मेष संक्रांति में आएंगे, इसलिए मंत्रीपद का स्थान भी मंगल के पास ही रहेगा।
उन्होंने कहा कि संवत्सर 2078 कई प्रकार से विशेष प्रभाव रखेगा। मंगल स्वभाव से ही पाप ग्रह है। वह युद्ध प्रिय, तोड़फोड़, दंगे फसाद इत्यादि का ग्रह है। वर्ष प्रवेश कुंडली में 12वें स्थान का राहु वृष लग्न के साथ बैठा हुआ है। इसका भाव यह है कि इस संवत्सर में समस्त संसार अपनी सारी ताकत युद्ध सामग्री को एकत्रित करने और सैन्य बल को बढ़ाने में लगा रहेगा। कंप्यूटर तकनीक से युद्धोन्मादी प्रभाव बढ़ेगा।
मंगल के राजा और मंत्री दोनों होने से सामाजिक और राजनीतिक तौर पर बड़े बदलाव हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास जारी रहेगा, किंतु सरकार अपने कर्तव्यों से देश का नाम ऊंचा रखेगी। चूंकि शनि मकर राशि में विराजमान है। भारत की राशि भी मकर राशि है, इसलिए मकर राशि में विराजमान शनि भारत की छवि को खराब नहीं होने देंगे। इस वर्ष प्राकृतिक आपदाएं जैसे आंधी, तूफान, चक्रवात, बवंडर, हिमपात, भूकंप, ओलावृष्टि और समुद्री तूफान आदि आने की संभावना है।
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उन्होंने कहा कि संवत्सर 2078 कई प्रकार से विशेष प्रभाव रखेगा। मंगल स्वभाव से ही पाप ग्रह है। वह युद्ध प्रिय, तोड़फोड़, दंगे फसाद इत्यादि का ग्रह है। वर्ष प्रवेश कुंडली में 12वें स्थान का राहु वृष लग्न के साथ बैठा हुआ है। इसका भाव यह है कि इस संवत्सर में समस्त संसार अपनी सारी ताकत युद्ध सामग्री को एकत्रित करने और सैन्य बल को बढ़ाने में लगा रहेगा। कंप्यूटर तकनीक से युद्धोन्मादी प्रभाव बढ़ेगा।
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मंगल के राजा और मंत्री दोनों होने से सामाजिक और राजनीतिक तौर पर बड़े बदलाव हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास जारी रहेगा, किंतु सरकार अपने कर्तव्यों से देश का नाम ऊंचा रखेगी। चूंकि शनि मकर राशि में विराजमान है। भारत की राशि भी मकर राशि है, इसलिए मकर राशि में विराजमान शनि भारत की छवि को खराब नहीं होने देंगे। इस वर्ष प्राकृतिक आपदाएं जैसे आंधी, तूफान, चक्रवात, बवंडर, हिमपात, भूकंप, ओलावृष्टि और समुद्री तूफान आदि आने की संभावना है।
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