फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   name plate issue in panchkula

नेम प्लेट तोड़ दी, लेकिन ये ‘दीवार’ टूटती ही नहीं

Tue, 24 Mar 2015 03:24 PM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला Updated Tue, 24 Mar 2015 03:24 PM IST
विज्ञापन
name plate issue in panchkula

राजनीति की गलियों में कोई यह कहे कि नाम में क्या रखा है तो बिलकुल गलत होगा। राजनीति में बहुत कुछ नाम में ही रखा है। इस बात की गवाह एक शिलान्यास पट्टिका है। ऐसी शिलान्यास पट्टिका, जहां नेताओं के नाम लिखने पर खूब बवाल हुआ था।

विज्ञापन


अब सरकार क्या बदली कि किसी ने यहां नेम प्लेट ही तोड़ दी है, जिसके बाद फिर विरोध के सुर उभरने लगे हैं। इस नेम प्लेट पर बार-बार विवाद ने कई नेताओं के बीच ऐसी दीवार खड़ी कर दी है, जो टूटने का नाम ही नहीं ले रही। मामला सेक्टर-16 की सिक्योरिटी वॉल का है।
विज्ञापन


यहां शिलान्यास पट्टिका से तोड़ी गई नेम प्लेट के मामले को कोई शरारती तत्वों का काम बता रहा है तो कोई इसे राजनीतिक चाल कह रहा है। हैरत की बात यह है कि नेम प्लेट तोड़ने के बाद उस पर पत्थर रख दिया गया है। अक्टूबर-2013 में यहां शिलान्यास करने पंचकूला के तत्कालीन विधायक डीके बंसल पहुंचे थे। उसके बाद निगम की बैठक में यह मुद्दा गरमाया रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले ने तूल पकड़ा तो सरकार ने इसे नियमानुसार बताते हुए पार्षदों की मांग खारिज कर दी। वहीं, हैरानी इस पर भी है कि सिक्योरिटी वॉल के शिलान्यास के बाद प्रोजेक्ट पूरा हुआ तो इसके बाद भी नेम प्लेट दीवार के अंदर नहीं लगवाई गई। जहां शिलान्यास हुआ था, उसे वहीं छोड़ दिया गया।

बैठक में पार्षदों ने किया था हंगामा  
तीन मार्च 2014 को निगम की बैठक में वार्ड नंबर 10 के सेक्टर-16 के लिए बनाई गई दीवार का दोबारा शिलान्यास कर नींव पत्थर पर विधायक का नाम लगाने का मुद्दा गरमाया था। पार्षद भावना गुप्ता ने इस पत्थर को तुरंत हटाने की मांग करते हुए स्थानीय विधायक डीके बंसल को सो-कॉल्ड विधायक कह दिया था।

भावना गुप्ता ने कहा था कि वह इसका उद्घाटन कर चुकी थीं तो विधायक नगर निगम पार्षद के काम में दखल देने के लिए अपने नाम का पत्थर लगाने पहुंच गए। उधर, विधायक ने भी जवाब देते हुए कहा था कि मैंने पंचकूला के दर्जनों भवनों और निर्माण का शिलान्यास किया है। किसी में हिम्मत है तो इसे हटवाए।

इसके बाद सभी पार्षद एकजुट हो गए और विधायक की नेम प्लेट एक दिन में हटाने की मांग करने लगे। लगभग 20 मिनट तक इस पर हंगामा होता रहा। उस दौरान पंचकूला की मेयर उपिंदर कौर आहलूवालिया ने कहा था कि उस पत्थर पर मेरा नाम भी है, जिसे हटाकर भावना गुप्ता का लिख दो, लेकिन इस पर पार्षद सहमत नहीं हुए और पत्थर हटाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद मामला सरकार तक पहुंचा और सरकार ने इसे नियमानुसार सही बताते हुए पार्षदों की मांग खारिज कर दी।


कोई भी बुद्धिजीवी ऐसी हरकत नहीं करेगा। हमें नेम प्लेट तोड़नी होती तो पहले ही तोड़ दी होती। निगम की बैठक में मामला नहीं उठाते। घटिया मैटिरियल के प्रयोग की वजह से नेम प्लेट टूटकर गिर गई होगी या किसी शरारती तत्व का काम हो सकता है।
-भावना गुप्ता, पार्षद, वार्ड नंबर 10 पंचकूला।
इस बारे में मुझें कोई जानकारी नहीं है। इस मामले की जांच होगी। एमसी के फैसले के मुताबिक नई नेम प्लेट लगाई जाएगी।
-उपिंदर कौर आहलूवालिया, मेयर, पंचकूला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed