{"_id":"58bc6ab94f1c1b046ae7efe1","slug":"municipality-wants-to-increase-their-income-chandigarh-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम बढ़ाना चाहता है अपनी आय, शहरवासियों पर लग सकते हैं कई टैक्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम बढ़ाना चाहता है अपनी आय, शहरवासियों पर लग सकते हैं कई टैक्स
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 06 Mar 2017 09:18 AM IST
विज्ञापन
Municipal Corporation office Chandigarh
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस साल शहरवासियों पर कुछ नए टैक्स लग सकते हैं और पुराने टैक्स की दरों में इजाफा होने की पूरी संभावना है। जबकि हाल ही में नगर निगम ने पेड पार्किंग के रेट बढ़ाने का फैसला लिया है।
नगर निगम ने आय के साधन बढ़ाने का जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसमें अहमदाबाद की तर्ज पर शहर में प्रोफंशनल टैक्स लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। प्रोफेशनल टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर नगर निगम अगले माह सदन की बैठक में निर्णय लेगा। इसके साथ ही पानी के रेट बढ़ाने का निर्णय भी इस साल लिया जाएगा। नगर निगम के अनुसार हर साल पानी का घाटा 60 करोड़ रुपये पड़ रहा है, इसके साथ ही हाउस टैक्स का रेट बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
नगर निगम ने जो आय के साधन बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। उसमें कहा गया है कि पिछले 4 से 5 साल प्रशासन से नगर निगम को मिलने वाली ग्रांट इन एड में लगातार कमी होती जा रही है। नगर निगम कमिश्नर ने भी सदन में कहा था कि अगर आय के साधन न बढ़ाए गए तो विकास के काम के लिए निगम के पास पैसा नहीं होगा। जो ग्रांट इन एड मिली है उससे सिर्फ कर्मचारियों के वेतन ही दिए जा सकेंगे।
विज्ञापन
प्रोफेशनल टैक्स किस किस पर लगेगा
अहमदाबाद में यह टैक्स वकीलों, डाक्टर, कसल्टेंट, वास्तुकार, इंजीनियर, चार्टड अकाउटंट, शेयर ब्रोकर, केबल टीवी आपरेटर, ट्यूशन पढ़ाने वाले, मनी लेंडर, वीडियो पार्लर्स, फैक्ट्री मालिक, सभी बैंकिंग कंपनियों और वेतनभोगी कर्मचारी शामिल हैं। नगर निगम के अनुसार इनसे 80 रुपये से लेकर दो हजार रुपये का प्रोफेशनल टैक्स वसूल किया जाता है।
विज्ञापन
नगर निगम ने आय के साधन बढ़ाने का जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसमें अहमदाबाद की तर्ज पर शहर में प्रोफंशनल टैक्स लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। प्रोफेशनल टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर नगर निगम अगले माह सदन की बैठक में निर्णय लेगा। इसके साथ ही पानी के रेट बढ़ाने का निर्णय भी इस साल लिया जाएगा। नगर निगम के अनुसार हर साल पानी का घाटा 60 करोड़ रुपये पड़ रहा है, इसके साथ ही हाउस टैक्स का रेट बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
नगर निगम ने जो आय के साधन बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। उसमें कहा गया है कि पिछले 4 से 5 साल प्रशासन से नगर निगम को मिलने वाली ग्रांट इन एड में लगातार कमी होती जा रही है। नगर निगम कमिश्नर ने भी सदन में कहा था कि अगर आय के साधन न बढ़ाए गए तो विकास के काम के लिए निगम के पास पैसा नहीं होगा। जो ग्रांट इन एड मिली है उससे सिर्फ कर्मचारियों के वेतन ही दिए जा सकेंगे।
विज्ञापन
प्रोफेशनल टैक्स किस किस पर लगेगा
अहमदाबाद में यह टैक्स वकीलों, डाक्टर, कसल्टेंट, वास्तुकार, इंजीनियर, चार्टड अकाउटंट, शेयर ब्रोकर, केबल टीवी आपरेटर, ट्यूशन पढ़ाने वाले, मनी लेंडर, वीडियो पार्लर्स, फैक्ट्री मालिक, सभी बैंकिंग कंपनियों और वेतनभोगी कर्मचारी शामिल हैं। नगर निगम के अनुसार इनसे 80 रुपये से लेकर दो हजार रुपये का प्रोफेशनल टैक्स वसूल किया जाता है।
इन टैक्सों पर किया जा रहा है विचार
व्हीकल टैक्स
प्रस्ताव के अनुसार अहमदाबाद की तर्ज पर शहर में व्हीकल टैक्स लगाया जा सकता है। यह नगर निगम की सीमा पर बिकने वाले वाहनों पर लगाया जाएगा। वाहनों की कीमत का एक से ढाई प्रतिशत प्रोफेशनल टैक्स लगाया जा सकता है। नगर निगम की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसमे शिमला नगर निगम की ओर से चार्ज किए जा रहे ग्रीन और एंट्री टैक्स का भी उल्लेख किया गया है। मालूम हो कि एंट्री टैक्स चार्ज करने का फैसला प्रशासन ले चुका है लेकिन अभी इसे लागू नहीं किया गया है।
इन टैक्सों पर किया जा रहा है विचार
. मोहाली में फायर का नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट को रेन्यू करवाने के लिए 5 हजार रुपये वसूले जाते हैं। यह चार्ज सिनेमा हाल, माल, स्कूलों, पेट्रोल पंप, कालेज और विश्वविद्यालय से लिया जाता है। चंडीगढ़ में ऐसा सिस्टम लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
.इसके अलावा शहर में गारबेज प्रोसेस करने का खर्च भी पड़ने वाला है। शहरवासियों पर सैनिटेशन सेस भी लगाया जा सकता है।
प्रस्ताव के अनुसार अहमदाबाद की तर्ज पर शहर में व्हीकल टैक्स लगाया जा सकता है। यह नगर निगम की सीमा पर बिकने वाले वाहनों पर लगाया जाएगा। वाहनों की कीमत का एक से ढाई प्रतिशत प्रोफेशनल टैक्स लगाया जा सकता है। नगर निगम की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसमे शिमला नगर निगम की ओर से चार्ज किए जा रहे ग्रीन और एंट्री टैक्स का भी उल्लेख किया गया है। मालूम हो कि एंट्री टैक्स चार्ज करने का फैसला प्रशासन ले चुका है लेकिन अभी इसे लागू नहीं किया गया है।
इन टैक्सों पर किया जा रहा है विचार
. मोहाली में फायर का नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट को रेन्यू करवाने के लिए 5 हजार रुपये वसूले जाते हैं। यह चार्ज सिनेमा हाल, माल, स्कूलों, पेट्रोल पंप, कालेज और विश्वविद्यालय से लिया जाता है। चंडीगढ़ में ऐसा सिस्टम लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
.इसके अलावा शहर में गारबेज प्रोसेस करने का खर्च भी पड़ने वाला है। शहरवासियों पर सैनिटेशन सेस भी लगाया जा सकता है।
पार्षदों की राय लूंगी : मेयर
पार्षदों की राय लूंगी : मेयर
- फोटो : File Photo
कांग्रेस का 14 साल तक नगर निगम पर कब्जा रहा, लेकिन कोई अतिरिक्त बोझ शहरवासियों पर नहीं डाला गया। भाजपा ने पहले पार्किंग रेट काफी बढ़ा दिए हैं, ऐसे में अब और टैक्स लगाकर शहरवासियों पर बोझ बढ़ा रही है। भाजपा के तानाशाही रवैये का जबाव आने वाले लोकसभा चुनाव में जनता देगी। नगर निगम चुनाव में भाजपा ने शहरवासियों से वायदा किया था नए टैक्स नहीं लगाए जाएंगे, लेकिन अब शहर को नए नए टैक्स की ओर धकेला जा रहा है।
प्रदीप छाबड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष
पिछली बैठक में आय का साधन बढ़ाने का प्रस्ताव आया था लेकिन उसमें जो टैक्स लगाने की बात की गई हैथी, उसे फिलहाल अगली बैठक के लिए टाल दिया गया है। उसमें जिन टैक्स का जिक्र किया गया है वे बढ़ाए नहीं जा रहे हैं। अभी सिर्फ चर्चा के लिए एजेंडा बनाया गया है। नगर निगम की वित्तीय हालत खराब होने के लिए कांग्रेस ही जिम्मेवार है।
सतीश कैंथ, भाजपा पार्षद
पार्षदों की राय लूंगी : मेयर
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि प्रोफेशनल टैक्स सहित अन्य आय का साधन बढ़ाने का प्रस्ताव अधिकारियों की ओर से आया है लेकिन मार्च माह की सदन की बैठक में इस एजेंडे को लाने से पहले वह पार्षदों की एक विशेष बैठक बुलाकर उनकी राय जानेगी ताकि इस मुद्दे पर एक मत बन सके।
प्रदीप छाबड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष
पिछली बैठक में आय का साधन बढ़ाने का प्रस्ताव आया था लेकिन उसमें जो टैक्स लगाने की बात की गई हैथी, उसे फिलहाल अगली बैठक के लिए टाल दिया गया है। उसमें जिन टैक्स का जिक्र किया गया है वे बढ़ाए नहीं जा रहे हैं। अभी सिर्फ चर्चा के लिए एजेंडा बनाया गया है। नगर निगम की वित्तीय हालत खराब होने के लिए कांग्रेस ही जिम्मेवार है।
सतीश कैंथ, भाजपा पार्षद
पार्षदों की राय लूंगी : मेयर
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि प्रोफेशनल टैक्स सहित अन्य आय का साधन बढ़ाने का प्रस्ताव अधिकारियों की ओर से आया है लेकिन मार्च माह की सदन की बैठक में इस एजेंडे को लाने से पहले वह पार्षदों की एक विशेष बैठक बुलाकर उनकी राय जानेगी ताकि इस मुद्दे पर एक मत बन सके।