{"_id":"61ad285698646918c077a68d","slug":"municipal-elections-ethnic-regional-equation-big-factor-trying-to-balance-chandigarh-news-pkl435143016","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम चुनाव: जातीय-क्षेत्रीय समीकरण बड़ा फैक्टर, संतुलन बनाने की कोशिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम चुनाव: जातीय-क्षेत्रीय समीकरण बड़ा फैक्टर, संतुलन बनाने की कोशिश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। नगर निगम चुनाव में सभी सियासी दल क्षेत्रीय समीकरण बैठाने में जुटे हैं। चंडीगढ़ में बड़ी संख्या में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वांचल के मतदाता हैं, ऐसे में इन मतदाताओं को लुभाने और इनके वोट बैंक को कैश करने के लिए सभी दलों ने इन राज्यों के प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। यही नहीं, इन सभी राज्यों से स्टार प्रचारकों को भी बुलाने की तैयारी है।
भाजपा ने उत्तराखंड और हिमाचल के उम्मीदवारों को वरीयता दी है। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली से नेताओं को अपने पक्ष में प्रचार करने के लिए बुलाया है। कांग्रेस ने कांग्रेस ने उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत से लेकर, बिहार से कन्हैया कुमार और हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह वोटरों को लुभाने के लिए बुलाया है। अब तीनों पार्टी के स्टार प्रचारक से लेकर प्रदेश के पदाधिकारी और प्रत्याशी इन प्रकोष्ठ के वोटरों को लुभाने का पूरा प्रयास करेंगे।
भाजपा के उत्तराखंड प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भूपिंदर शर्मा ने बताया कि शहर में करीब दो से ढाई लाख लोग ऐसे हैं, जो उत्तराखंड से संबंध रखते हैं। हमने पार्टी से सात टिकट मांगे थे। पार्टी ने चार ही उम्मीदवार खड़े किए। इनमें हीरा नेगी, शक्ति प्रकाश देवशाली, भूपेंदर शर्मा और रविंदर रावत शामिल हैं। वहीं, भाजपा के हिमाचल प्रकोष्ठ के प्रमुख ओपी सिंह ने बताया कि पार्टी ने रविंदर पठानिया, रविकांत शर्मा और राजेंद्र शर्मा को टिकट दिया है, ये सभी हिमाचल से जुड़े हैं। वहीं पूर्वांचल से गोपाल शुक्ला और अनिल दुबे की पत्नी को भाजपा ने टिकट थमाया है।
विज्ञापन
कांग्रेस ने भी भरी हुंकार
कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुभाष चावला का कहना है कि उन्होंने पूर्वांचल, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं के आधार पर टिकट नहीं बांटा है, क्योंकि यहां कई ऐसे लोग हैं, जो पीछे से अन्य प्रदेशों के हैं, लेकिन चंडीगढ़ में काफी समय से रहने के कारण यहीं के होकर रह गए हैं। उत्तराखंड, हिमाचल व उत्तर प्रदेश से स्टार प्रचारकों को यहां इस लिए बुलाया जाता है, क्योंकि यहां इन क्षेत्रों के काफी संख्या में लोग रहते हैं, इसलिए इन वोटरों तक अपनी बात उनकी भाषा में पहुंचाना हमारा लक्ष्य होता है।
आप भी तैयार वोटरों को लुभाने के लिए
आम आदमी पार्टी ने भी इन राज्यों के मतदाताओं को लुभाने की योजना बनाई है। पार्टी ने उत्तराखंड के विक्रम पुंडीर, हिमाचल के चंद्रमुखी शर्मा और पूूर्वांचल के रामचंद्र यादव को मैदान में उतारा है। पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि पार्टी ने दिल्ली से राज्यसभा सांसद संजय सिंह के अलावा एनडी गुप्ता, भगवंत मान को बुलाने की योजना बनाई है। समन्वयक प्रेम गर्ग ने कहा कि पार्टी दिल्ली के स्टार प्रचारकों से ही चुनाव में पूरा दम लगाएगी। स्टार प्रचारकों की सूची भी जल्द जारी होगी।
किस राज्य के मतदाता कहां अधिक संख्या में
धनास, मलोया, मौलीजागरां, दड़वा, सेक्टर-56 समेत कई इलाकों में हिमाचल के लोगों की संख्या काफी अधिक है। वहीं, सेक्टर 56, दड़वा, सेक्टर-22 में उत्तराखंड के लोग काफी संख्या में हैं। वहीं, कॉलोनियों में पूर्वांचल के मतदाताओं की संख्या अधिक है।
एक नजर में वोटर
- उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लगते राज्यों के प्रवासी मतदाताओं की संख्या करीब दो लाख
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के वोटरों की संख्या लगभग 50-50 हजार है।
विज्ञापन
भाजपा ने उत्तराखंड और हिमाचल के उम्मीदवारों को वरीयता दी है। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली से नेताओं को अपने पक्ष में प्रचार करने के लिए बुलाया है। कांग्रेस ने कांग्रेस ने उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत से लेकर, बिहार से कन्हैया कुमार और हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह वोटरों को लुभाने के लिए बुलाया है। अब तीनों पार्टी के स्टार प्रचारक से लेकर प्रदेश के पदाधिकारी और प्रत्याशी इन प्रकोष्ठ के वोटरों को लुभाने का पूरा प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
भाजपा के उत्तराखंड प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भूपिंदर शर्मा ने बताया कि शहर में करीब दो से ढाई लाख लोग ऐसे हैं, जो उत्तराखंड से संबंध रखते हैं। हमने पार्टी से सात टिकट मांगे थे। पार्टी ने चार ही उम्मीदवार खड़े किए। इनमें हीरा नेगी, शक्ति प्रकाश देवशाली, भूपेंदर शर्मा और रविंदर रावत शामिल हैं। वहीं, भाजपा के हिमाचल प्रकोष्ठ के प्रमुख ओपी सिंह ने बताया कि पार्टी ने रविंदर पठानिया, रविकांत शर्मा और राजेंद्र शर्मा को टिकट दिया है, ये सभी हिमाचल से जुड़े हैं। वहीं पूर्वांचल से गोपाल शुक्ला और अनिल दुबे की पत्नी को भाजपा ने टिकट थमाया है।
विज्ञापन
कांग्रेस ने भी भरी हुंकार
कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुभाष चावला का कहना है कि उन्होंने पूर्वांचल, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं के आधार पर टिकट नहीं बांटा है, क्योंकि यहां कई ऐसे लोग हैं, जो पीछे से अन्य प्रदेशों के हैं, लेकिन चंडीगढ़ में काफी समय से रहने के कारण यहीं के होकर रह गए हैं। उत्तराखंड, हिमाचल व उत्तर प्रदेश से स्टार प्रचारकों को यहां इस लिए बुलाया जाता है, क्योंकि यहां इन क्षेत्रों के काफी संख्या में लोग रहते हैं, इसलिए इन वोटरों तक अपनी बात उनकी भाषा में पहुंचाना हमारा लक्ष्य होता है।
आप भी तैयार वोटरों को लुभाने के लिए
आम आदमी पार्टी ने भी इन राज्यों के मतदाताओं को लुभाने की योजना बनाई है। पार्टी ने उत्तराखंड के विक्रम पुंडीर, हिमाचल के चंद्रमुखी शर्मा और पूूर्वांचल के रामचंद्र यादव को मैदान में उतारा है। पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि पार्टी ने दिल्ली से राज्यसभा सांसद संजय सिंह के अलावा एनडी गुप्ता, भगवंत मान को बुलाने की योजना बनाई है। समन्वयक प्रेम गर्ग ने कहा कि पार्टी दिल्ली के स्टार प्रचारकों से ही चुनाव में पूरा दम लगाएगी। स्टार प्रचारकों की सूची भी जल्द जारी होगी।
किस राज्य के मतदाता कहां अधिक संख्या में
धनास, मलोया, मौलीजागरां, दड़वा, सेक्टर-56 समेत कई इलाकों में हिमाचल के लोगों की संख्या काफी अधिक है। वहीं, सेक्टर 56, दड़वा, सेक्टर-22 में उत्तराखंड के लोग काफी संख्या में हैं। वहीं, कॉलोनियों में पूर्वांचल के मतदाताओं की संख्या अधिक है।
एक नजर में वोटर
- उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लगते राज्यों के प्रवासी मतदाताओं की संख्या करीब दो लाख
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के वोटरों की संख्या लगभग 50-50 हजार है।