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निगम का फरमान, शहर से बाहर होंगी रेहड़ी-फड़ी

Fri, 02 Oct 2015 05:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Fri, 02 Oct 2015 05:27 PM IST
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municipal corporation new decree for street vendors

मोहाली शहर में बड़ी संख्या में लगने वाली रेहड़ी-फड़ी अब शहर से बाहर होंगी। नगर निगम ने इस बारे में अब अपना मन बना लिया। रेहड़ी-फड़ी वालों शहर से बाहर तय की गई जगह पर ही अपना कारोबार कर सकेंगे।

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पिछले दिनों हुई नगर निगम सदन की पहली बैठक में स्ट्रीट वेंडर कमेटी बनाने का प्रस्ताव पास किया जा चुका है। जल्द ही निगम यह कमेटी गठित करने की तैयारी में है। उसके बाद रेहड़ी-फड़ी से संबंधित सभी फैसले इस कमेटी के सुझाव पर ही लिए जाएंगे।
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यह कमेटी ही तय करेगी कि किस रेहड़ी-फड़ी वाले को लाइसेंस देना है और निर्धारित जगह पर रेहड़ी-फड़ी लगाने की इजाजत देनी है। लेकिन मेयर कुलवंत सिंह ने मन बना लिया है कि रेहड़ी-फड़ी को शहर में नहीं लगने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे या मार्केटों में किसी भी हालत में रेहड़ियां नहीं लगने दी जाएंगी। क़्योंकि इससे आवाजाही में रुकावट आती है, ट्रैफिक समस्या आती है।
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शहर के बाहर एक या दो जगहों पर रेहड़ी मार्केट लगवाई जाएगी। जगह लेने के लिए गमाडा के साथ बातचीत चल रही है। बहुत जल्द स्ट्रीट वेंडर कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। यह कमेटी इस बात का ध्यान रखेगी कि जहां भी रेहड़ी मार्केट बनाई जाए, वहां ट्रैफिक की समस्या न आए।

साथ ही रेहड़ी मार्केट में सफाई का प्रबंध सुनिश्चित कराना भी कमेटी का काम होगा। सभी रेहड़ी वालों को एक कूड़ेदान भी साथ रखना होगा। सफाई का प्रबंध न करने वाले रेहड़ी वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मेयर कुलवंत ने कहा कि रेहड़ी-फड़ी वालों का कुछ रिकार्ड निगम के पास मौजूद है। बाकी ब्यौरा स्ट्रीट वेंडर कमेटी इकट्ठा करेगी।

रेहड़ी-फड़ी यूनियन आई विरोध
एक तरफ नगर निगम ने रेहड़ी-फड़ी शहर से बाहर करने का मन बना लिया है, वहीं रेहड़ी-फड़ी यूनियन इसके विरोध में आ गई है। यूनियन के प्रधान सोहन सिंह ने बताया कि अगले हफ्ते मीटिंग बुलाई गई, जिसमें इस पर रणनीति तय की जाएगी।

उन्होंने सवाल किया कि शहर से बाहर कौन ग्राहक आएगा, कारोबार ही नहीं होगा। कुछ समय पहले भी निगम कमिश्नर ने स्ट्रीट वेंडर कमेटी बनाई थी। पर कोई ऐसा हल नहीं निकल सका, जिससे समस्या भी हल हो जाए और रेहड़ी वाले भी प्रभावित न हों। उनकी मांग है कि बेशक सड़कों के किनारे न रेहड़ी लगने दी जाएं। लेकिन, मार्केटों के पास जहां खाली जगह हैं, वहां इजाजत दी जाए।

रेहड़ी-फड़ी वालों के चयन के लिए पांच साल पहले कराए गए सर्वे को आधार बनाया जाए। क्योंकि डेढ़ साल पहले चंडीगढ़ में सख्ती के बाद बड़ी संख्या में रेहड़ी वालों ने मोहाली का रुख कर लिया है।


पहले फेल हो चुका है प्रयोग
नगर निगम ने इससे पहले भी रेहड़ियां बाहर करने का प्रयोग किया था, पर वह सफल नहीं हो सका था। पिछले साल निगम ने फेज सात मार्केट में शाम को लगने वाली रेहड़ी-फड़ी को फेज आठ के दशहरा ग्राउंड शिफ्ट करने का फैसला किया था। उनके आदेश के बाद दुकानदार वहां चले भी गए, लेकिन ग्राहक ही नहीं आए। इसके बाद दुकानदार वापस मार्केट में लौट आए थे।

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