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लागू हो जाए तो उद्योगों के लिए संजीवनी होगा MSME एक्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 02 Dec 2015 02:50 PM IST
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पंचकूला के औद्योगिक क्षेत्र को पटरी पर लाने के लिए अब एमएसएमई एक्ट 2006 लागू करने की दरकार है। उद्योगपतियों का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए माइक्रो स्माल मीडियम इंटरप्राजिज एक्ट 2006 को हरियाणा सरकार लागू नहीं करती, तब तक पंचकूला के औद्योगिक क्षेत्र को वो लाभ नहीं मिलेगा, जोकि दिल्ली, उडीसा और गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों में लगी यूनिटों को मिल रहा है,क्योंकि यहां एमएसएमई एक्ट लागू हो चुका है।
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अमर उजाला से बातचीत में उद्योगपतियों ने बताया कि मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री और स्थानीय विधायक एमएसएमई को लागू करने के आश्वासन कई बार दे चुके हैं,लेकिन लागू करने के नाम पर उन्हें यही बताया जा सकता है कि इस एक्ट को लागू करने के लिए फाईल मूवमेंट में है।
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उद्योगपतियों ने बताया कि पंचकूला के विधायक ज्ञान चंद गुप्ता भी चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में एमएसएमई एक्ट लागू करने की बात कह चुके हैं। अगर उद्योगपतियों के मुताबिक कई तरह की समस्याओं के चलते पंचकूला इंडस्ट्री एरिया में अब तक कई यूनिटें बंद हो चुकी हैं और अभी भी कई पलायन के पलायन की नौबत आ रही है।
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तीन माह में सीएम से मिल चुके हैं तीन बार
हरियाणा चेंबर आफ कामर्स के एग्जीक्यूटिव मेंबर ओमप्रकाश चुघ के मुताबिक अगर सरकार एमएसएमई एक्ट 2006 को लागू करती है तो इससे सर्विस इंडस्ट्री रफ्तार पकडेगी,गोदाम,वेयरहाउसिंग, अस्पताल, होटल और कार्गो जैसे सेक्टरों में काम हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन माह में पंचकूला के उद्योगपति तीन बार मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिल चुके हैं। वे इसे लागू करने में पाजिटिव दिख रहे हैं,लेकिन ब्यूरोक्रेसी की फीडबैक एक्ट को लागू कराने में बड़ा रोड़ा साबित हो रही है।
टेक्स नीति में हो बदलाव
उद्योगपति श्यामलाल मंगला के मुताबिक सरकार को टेक्स नीति में बदलाव करने की आश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्लाइवुड पर टेक्स काफी अधिक है,इसकी वजह से कारोबार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लकड़ी पर जहां 5.25 प्रतिशत टेक्स है वहीं प्लाइवुड पर 13.13 का भारीभरकम टेक्स लगाया हुआ।
बिजली के दाम घटे
उद्योगपति कृष्ण कुमार के मुताबिक एमएसएमई और टेक्स नीति में बदलाव करना संभवत सरकार के लिए बड़ा कदम हो सकता है,लेकिन मूलभूत सुविधाएं भी इंडस्ट्री एरिया में नहीं है। उन्होंने बताया कि सड़कें, स्ट्रीट लाइट की समस्या दूर नहीं हो रही, बिजली के बढ़े हुए दाम उद्योगपतियों पर भारी पड़ रहे हैं।