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अमृतपाल सिंह को सशर्त पैरोल: घर नहीं आ पाएगा खडूर साहिब का सांसद, दिल्ली में ही रहना होगा; बंद कमरे में शपथ
Thu, 04 Jul 2024 02:23 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 04 Jul 2024 02:23 PM IST
सार
अमृतपाल को पंजाब पुलिस ने पिछले साल अप्रैल में मोगा से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ एनएसए के अंतर्गत आरोप लगाए गए हैं। डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल पर पंजाब में ग्यारह आपराधिक मामले दर्ज हैं। जेल में बंद रहने के दौरान अमृतपाल ने खडूर साहिब से बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ा और 1.97 लाख वोटों से जीत हासिल की।
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Amritpal Singh
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह पांच जुलाई को पद की शपथ लेगा। पंजाब सरकार की सिफारिशों पर उसे पैरोल मिल गई है। अमृतपाल को पांच जुलाई से नौ जुलाई तक पैरोल मिली है।
अमृतपाल डिब्रूगढ़ जेल से ही सीधे संसद में जाएगा और वहीं लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के कमरे में ही उनके समक्ष शपथ लेगा। पैरोल के दौरान अमृतपाल अपने घर नहीं जा सकेगा। उसका परिवार दिल्ली जाकर ही उससे मिलेगा। नजरबंदी अधिनियम 1981 की धारा 2 (सी) के अनुसार परिवार के सदस्य उससे मिल सकेंगे।
वहीं शपथ लेने से पहले और बाद में अमृतपाल सिंह अमृतसर ग्रामीण एसएसपी और लोकसभा सचिव द्वारा तय की गई जगह पर रहेगा। अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक कोई भी कार्य करने या कोई भी बयान देने से परहेज करेगा। अस्थायी रिहाई की अवधि में केंद्रीय जेल, डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली और वापस आने में लगने वाला समय शामिल होगा। डीजीपी के अधीन विभाग अमृतपाल की यात्रा का सारा खर्च वहन करेगा। शपथ लेने की पूरी प्रक्रिया के दौरान अमृतसर ग्रामीण एसएसपी लोकसभा महासचिव के संपर्क में रहेंगे।
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अमृतपाल डिब्रूगढ़ जेल से ही सीधे संसद में जाएगा और वहीं लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के कमरे में ही उनके समक्ष शपथ लेगा। पैरोल के दौरान अमृतपाल अपने घर नहीं जा सकेगा। उसका परिवार दिल्ली जाकर ही उससे मिलेगा। नजरबंदी अधिनियम 1981 की धारा 2 (सी) के अनुसार परिवार के सदस्य उससे मिल सकेंगे।
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वहीं शपथ लेने से पहले और बाद में अमृतपाल सिंह अमृतसर ग्रामीण एसएसपी और लोकसभा सचिव द्वारा तय की गई जगह पर रहेगा। अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक कोई भी कार्य करने या कोई भी बयान देने से परहेज करेगा। अस्थायी रिहाई की अवधि में केंद्रीय जेल, डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली और वापस आने में लगने वाला समय शामिल होगा। डीजीपी के अधीन विभाग अमृतपाल की यात्रा का सारा खर्च वहन करेगा। शपथ लेने की पूरी प्रक्रिया के दौरान अमृतसर ग्रामीण एसएसपी लोकसभा महासचिव के संपर्क में रहेंगे।
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चाचा बोले-देर आए दुरुस्त आए
अमृतपाल को पैरोल मिलने पर उसके चाचा सुखचैन सिंह ने कहा कि हमें सोशल मीडिया से पता चला कि सरकार उन्हें 5 जुलाई को शपथ दिलवाने जा रही है। हम चाहते थे कि उनका शपथ ग्रहण समारोह तब होता जब अन्य सांसद शपथ ले रहे होते। लेकिन देर आए दुरुस्त आए।अमृतपाल सिंह के चाचा सुखचैन ने कहा कि हम प्रशासन से बात करेंगे कि जब वह संसद में शपथ लें तो परिवार मौजूद रहे। उन्हें रिहा किया जाना चाहिए। लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली सरकार को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। एनएसए को हटाया जाना चाहिए और उन्हें लोगों की सेवा करने का मौका दिया जाना चाहिए।
अमृतपाल की माता बलविंदर कौर ने कहा कि हमें खुशी है कि सरकार ने अमृतपाल को शपथ लेने के लिए पैरोल दी है। हम चाहते है कि सरकार को लोगों की आवाज को सुनते हुए अमृतपाल को जेल से रिहा करना चाहिए। क्योंकि अमृतपाल ने बढ़े मतों के अंतर से जीत हासिल की है। उस पर से एनएसए कानून भी हटा कर उसके साथियों समेत रिहा करना चाहिए।