बंदर का खौफ, छात्रा ने हॉस्टल की पहली मंजिल से लगाई छलांग
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बंदर के खौफ से पीयू की छात्रा ने गर्ल्स हॉस्टल नंबर-3 की पहली मंजिल से छलांग दी। उसे गंभीर हालत में पीजीआई में भरती करवाया गया है। लुधियाना की नूर पीयू में साइकालजी से पीएचडी की कर रही है।
वह गर्ल्स हास्टल तीन में रहती है। बुधवार को दोपहर करीब 1.30 बजे नूर हास्टल की बॉलकनी में बैठी हुई थी तभी एक बंदर ने उस पर हमला कर दिया। नूर ने अपने बचाव के लिए शोर भी मचाया। लेकिन उस दौरान वहां आसपास कोई नहीं था जो उसकी मदद करता। खतरे में घिरा पाकर बचाव केलिए उसने बॉलकनी से छलांग लगा दी। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
बाद में मौके पर पहुंचे नूर के दोस्तों ने उसे पीजीआई में भर्ती करवाया। बताया जा रहा है कि छात्रा के पैर में फ्रेक्चर हो गया है। घटना की सूचना छात्रा केपरजिनों को दे दी है।
छात्राओं के कपड़े उठा ले जाते हैं बंदर
हॉस्टल नंबर-1 के स्टूडेंट पवन ने बताया कि वह एक दिन रूम की कुंडी लगाना भूल गया था। जब रूम में आया तो देखा कि कमरे में बंदर लैपटॉप पर अपनी उंगलियां चला रहा था। पूरे कमरे का सामान इधर-उधर पड़ा हुआ था।
वहीं कुछ हॉस्टल छात्राओं का कहना था कि बंदर उनकेकपड़े उठा कर ले जाते हैं। कभी - कभी तो कपडे़ पहनकर बॉलकनी की दीवार पर बैठकर शरारतें करते हैं।
प्रभदीप बराड़, हास्टल वार्डन ने कहा कि हॉस्टल में बंदरों का खौफ है। आए दिन बंदर छात्राओं व उनके सामान को नुकसान पहुंचाते रहते हैं। हॉस्टलों से बंदरों को भगाने का काम एक टीम को सौंपा गया है जो लंगूर की आवाज निकालकर उनको भगाते हैं। यह टीम पीयू में ही रहती है। इससे पहले एक व्यक्ति, जिसके पास लंगूर था, वह बंदर भगाने का काम करता था। लेकिन एनिमल एक्ट केतहत उसे पीयू ने हटाना पड़ा।
जितेंदर ग्रोवर, चीफ सिक्योरिटी अफसर, पीयू ने बताया कि बंदर से डरकर छात्रा ने छलांग लगाई है। छात्रा को पीजीआई भर्ती करवाया गया है। उसके पैर पर चोट आई है।