पवित्र ग्रंथ बेअदबी प्रकरण में सरकार का अहम फैसला
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से संबंधित मामलों की जांच अब सीबीआई करेगी। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने यह जांच सीबीआई को सौंपने संबंधी सहमति दे दी है। इस प्रकार अब जिला फरीदकोट में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की चोरी, आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाने और उसके बाद बेअदबी के संबंध में दर्ज मामलों की जांच सीबीआई करेगी।
जांच सीबीआई को सौंपे जाने के संबंध में फैसला रविवार देर शाम हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने इसकी पुष्टि की है।
वहीं, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार एचएस बैंस के अनुसार बैठक के दौरान मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बेअदबी की घटनाओं की पड़ताल देश की उच्चतर जांच एजेंसी से करवाने का फैसला लिया और इसे सीबीआई को सौंपने की मंजूरी प्रदान कर दी। इसके बाद इस संबंध में कार्रवाई के लिए सीबीआई को सिफारिश कर दी गई है।
यह है जांच सीबीआई को सौंपे जाने का एक बड़ा कारण
बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री को इन घटनाओं से बहुत दुख पहुंचा है और वह चाहते हैं कि इस मामले में पूरा न्याय हो। यह फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री ने इस संबंध में सिख संगठनों और आरोपियों के परिवारों की मांग को भी ध्यान में रखा है।
बता दें कि इस मामले से संबंधित तीन केस पुलिस स्टेशन बाजा खाना में दर्ज हैं, जिनकी जांच सीबीआई को सौंपी गई है। बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल मामले के हल के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध हैं।
आरोपी भाइयों का लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार न होना भी है वजह
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी भाइयों रुपिंदर सिंह और जसविंदर सिंह का लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार न होना भी जांच सीबीआई को सौंपे जाने का एक बड़ा कारण बताया जा रहा है।
जानकारों के अनुसार इससे पुलिस जांच काफी प्रभावित हो रही थी और उनकी रिहाई के लिए भी विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार मांग उठ रही थी। इसलिए अन्य कारणों के साथ इस बात को ध्यान में रखते हुए जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला सरकार ने ले लिया।