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सबको अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है : अंसारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 26 Mar 2017 12:40 AM IST
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दीक्षांत समारोह
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उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार सभी को है। हक के लिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन भी जायज है। वे शनिवार को पंजाब यूनिवर्सिटी के 66वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। दीक्षांत समारोह में उन्होंने 1088 लोगों को डिग्रियां बांटीं। अंसारी ने कहा कि विश्वविद्यालयों को शोध के लिए नए संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है। अगर ये उपलब्ध होंगे तो सामाजिक गतिशीलता और समानता का मार्ग बनेगा।
उन्होंने इशारों में हाल ही में दिल्ली यूनिवर्सिटी में हुई हिंसक घटनाओं को लेकर मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त की। उपराष्ट्रपति ने कहा कि हायर एजुकेशन का उद्देश्य है कि स्टूडेंट्स के मन में नया जानने की इच्छा होनी चाहिए। उनमें सवाल पूछे जाने की तार्किक क्षमता का विकास किया जाना चाहिए। इससे शोध के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी आगे जाएगी। इस दौरान उन्होंने रबींद्र नाथ टैगोर और भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि डिस्कशन की आजादी सबको है। अगर सही डिस्कशन नहीं होगा तो शोध कार्य बेहतरीन नहीं होंगे। यह यूनिवर्सिटी की जिम्मेवारी होनी चाहिए कि वह तार्किक मुद्दों पर विद्यार्थियों को सवाल पूछने के लिए तैयार करे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि यूनिवर्सिटी को चुप नहीं रहना चाहिए। किसी के दृष्टिकोण को अपनाने के लिए कोई मजबूर नहीं है। किसी गैरकानूनी आचरण या हिंसा होने पर विश्वविद्यालय को खामोश नहीं रहना चाहिए। न ही उसके शिक्षकों या छात्रों को किसी दृष्टिकोण विशेष का समर्थन या खंडन करने के लिए प्रभावित करना चाहिए। विश्वविद्यालयों को अपनी सैद्धांतिक अखंडता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हर कानूनी तरीका अपनाना चाहिए। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने हाल ही में दिल्ली में हुई रामजस कालेज की घटना की ओर इशारा किया। इस मौके पर बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी को डी लिट की उपाधि से नवाजा गया। इस मौके पर चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, हरियाणा के गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी, चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर, पीयू के वीसी अरुण कुमार ग्रोवर सहित कई लोग उपस्थित रहे।
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उन्होंने इशारों में हाल ही में दिल्ली यूनिवर्सिटी में हुई हिंसक घटनाओं को लेकर मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त की। उपराष्ट्रपति ने कहा कि हायर एजुकेशन का उद्देश्य है कि स्टूडेंट्स के मन में नया जानने की इच्छा होनी चाहिए। उनमें सवाल पूछे जाने की तार्किक क्षमता का विकास किया जाना चाहिए। इससे शोध के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी आगे जाएगी। इस दौरान उन्होंने रबींद्र नाथ टैगोर और भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि डिस्कशन की आजादी सबको है। अगर सही डिस्कशन नहीं होगा तो शोध कार्य बेहतरीन नहीं होंगे। यह यूनिवर्सिटी की जिम्मेवारी होनी चाहिए कि वह तार्किक मुद्दों पर विद्यार्थियों को सवाल पूछने के लिए तैयार करे।
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उपराष्ट्रपति ने कहा कि यूनिवर्सिटी को चुप नहीं रहना चाहिए। किसी के दृष्टिकोण को अपनाने के लिए कोई मजबूर नहीं है। किसी गैरकानूनी आचरण या हिंसा होने पर विश्वविद्यालय को खामोश नहीं रहना चाहिए। न ही उसके शिक्षकों या छात्रों को किसी दृष्टिकोण विशेष का समर्थन या खंडन करने के लिए प्रभावित करना चाहिए। विश्वविद्यालयों को अपनी सैद्धांतिक अखंडता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हर कानूनी तरीका अपनाना चाहिए। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने हाल ही में दिल्ली में हुई रामजस कालेज की घटना की ओर इशारा किया। इस मौके पर बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी को डी लिट की उपाधि से नवाजा गया। इस मौके पर चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, हरियाणा के गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी, चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर, पीयू के वीसी अरुण कुमार ग्रोवर सहित कई लोग उपस्थित रहे।
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