ऑनलाइन सट्टेबाजी: कैमरों तक ही सीमित नहीं, पर्दे के पीछे का शातिर खिलाड़ी है दुर्गेश
स्वाड़ा में फर्जी टी-20 क्रिकेट मैच करवाकर उसे ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के जरिए श्रीलंका में हो रहा बताकर दिखाते हुए करोड़ों का सट्टा लगाने के मामले में अब पुलिस की जांच तेज हो गई। मैच में कैमरे मुहैया करवाने वाले आरोपी दुर्गेश को शनिवार खरड़ अदालत में पेश किया गया। दरअसल, पुलिस ने आरोपी को सोनीपत से दबोचा था और पुलिस ने आरोपी का रिमांड लेने के लिए अदालत में कई तर्क रखे।
पुलिस का कहना है कि मैच में आरोपी केवल कैमरे ही मुहैया नहीं करवाता था बल्कि पर्दे के पीछे का भी हीरो है। उसकी हर मैच पर सट्टेबाजी में अहम भूमिका रही है और वह करोड़ों के सट्टे में बुकी रविंदर सिंह डंडीवाल का बराबर का साथी है। पर्दे के आगे और पीछे का पूरा गेम दुर्गेश ही संभाल रहा था। इसलिए इस सट्टेबाजी के खेल के राज उगलवाने के लिए इन दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है।
क्योंकि कुछ राज ऐसे हैं जो यह दोनों की जानते हैं। वहीं, अगर इनसे पूछताछ नहीं होती है तो पूरी कहानी अधर में ही रह जाएगी। क्योंकि इस गेम में केवल इंडिया नहीं, बल्कि विदेश तक के तार जुड़े हैं। पूरी सीरीज ही प्लानिंग के तहत करवाई गई। यह एक व्यक्ति के दिमाग का गेम नहीं है, बल्कि पूरी रणनीति के साथ फर्जी मैच का आयोजन किया गया।
पुलिस की दलील सुनकर अदालत ने आरोपी का पांच दिन का रिमांड दे दिया। वहीं दूसरी तरफ बुकी डंडीवाल को भी 5 दिन का रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पुलिस के तर्क के बाद उसे भी दोबारा 5 दिन के रिमांड पर भेज दिया है। खास बात यह है कि अमर उजाला ने शनिवार के अंक में बता दिया था कि दुर्गेश को पुलिस ने काबू कर लिया है और इसके साथ ही उसे अदालत में पेश किया जाना है।
अब श्री लंका टीम के नाम की जर्सियां तलाशने राजस्थान जाएगी पुलिस
पुलिस के मुताबिक बुकी डंडीवाल से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसने ऑनलाइन आर्डर देकर जालंधर की कंपनी से श्रीलंका के खिलाड़ियों की टीम के नाम की जर्सी तैयार करवाई थीं। डंडीवाल ने कहा है कि मैच में जो खिलाड़ियों ने जर्सी पहनी थी वह और अन्य सामान राजस्थान में जाकर रख आया है। इसलिए जांच के लिए अब पुलिस राजस्थान जाने की तैयारी में है। इसके अलावा पुलिस ने कई और लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
डंडीवाल के मोबाइल फोन में ही छिपे हैं राज
पुलिस के मुताबिक आरोपी डंडीवाल का पासपोर्ट, मोबाइल फोन और लैपटॉप उनके कब्जे में हैं। मोबाइल नंबर से काफी अहम जानकारियां जुटाई जाएंगी। रिमांड में डंडीवाल ने दुर्गेश समेत तीन लोगों के नामों का खुलासा किया था। जिनमें से पुलिस ने दुर्गेश को पकड़ लिया है। जबकि दो आरोपी फरार हैं। जिनको पकड़ने को पुलिस की टीमें पूरी प्लानिंग से जुटी हैं। दूसरी तरफ पुलिस ने स्वाड़ा में हुए मैच के समय मोबाइल कॉल डंप भी चेक किया। हालांकि पता चला है कि उस समय अधिकतर व्हाट्सएप और इंटरनेट कॉलिंग हुई है।