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मोदी के लिए बदला टाइम, बच्चे पहुंचे ही नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला/जालंधर
Updated Fri, 05 Sep 2014 10:07 PM IST
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पीएम नरेंद्र मोदी के लाइव भाषण के लिए पहली बार स्कूलों को अपना समय बदलना पड़ा। सुबह सात बजे लगने वाले स्कूल दोपहर 12 बजे से लगे। लेकिन समय के बदलाव के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्कूल ही नहीं पहुंचे।
शहर के स्कूलों में हाजिरी 60 फीसदी के आसपास रही जबकि आमतौर पर यह 90 फीसदी तक हो जाती है। ग्रामीण इलाकों में तो हाजिरी 50 फीसदी तक ही पहुंच पाई।
सीनियर मॉडल स्कूल में शुक्रवार को हाजिरी 527 बच्चों की रही, जबकि इस स्कूल में बच्चों की संख्या 801 है। वहीं स्पोर्ट्स स्कूल में कुल 140 विद्यार्थी हैं लेकिन शुक्रवार को 95 ही हाजिर रहे। एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने बताया कि सख्त फरमान था कि बच्चों को स्कूल बुलाकर भाषण सुनाना है, इसके लिए सारे तामझाम किए गए थे। विद्यार्थियों को सख्त चेतावनी थी कि वह हर हालत में स्कूल में आएंगे, लेकिन स्कूलों में बच्चों की हाजिरी कम रही। उनका तर्क था कि शायद पहली बार स्कूल का समय बदला गया है, इस कारण बच्चों ने स्कूल आना मुनासिब नहीं समझा।
सीबीएसई स्कूल की नौवीं की छात्रा भी स्कूल में दोपहर को नहीं गई। उसका कहना था कि भाषण ही सुनना है तो घर में टेलीविजन पर सुना जा सकता है या पीएम को चाहिए था कि वह इस समय ही सुबह 11 बजे या प्रार्थना का रखते, इसलिए वह स्कूल ही नहीं गई। स्कूल में वैसे भी शुक्रवार को पढ़ाया तो जाना नहीं था।
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लाडोवाली गर्ल्स स्कूल में 264 छात्राओं में से सिर्फ 168 ही स्कूल तक मोदी का भाषण सुनने के लिए पहुंची जबकि प्राइमरी स्कूल में 150 में से 100 बच्चे ही हाजिर हुए। प्रिंसिपल कमलजोत कौर के मुताबिक स्कूलों में स्टाफ पूरा मौजूद रहा लेकिन बच्चों की हाजिर में जरूर कुछ कमी रही।
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शहर के स्कूलों में हाजिरी 60 फीसदी के आसपास रही जबकि आमतौर पर यह 90 फीसदी तक हो जाती है। ग्रामीण इलाकों में तो हाजिरी 50 फीसदी तक ही पहुंच पाई।
सीनियर मॉडल स्कूल में शुक्रवार को हाजिरी 527 बच्चों की रही, जबकि इस स्कूल में बच्चों की संख्या 801 है। वहीं स्पोर्ट्स स्कूल में कुल 140 विद्यार्थी हैं लेकिन शुक्रवार को 95 ही हाजिर रहे। एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने बताया कि सख्त फरमान था कि बच्चों को स्कूल बुलाकर भाषण सुनाना है, इसके लिए सारे तामझाम किए गए थे। विद्यार्थियों को सख्त चेतावनी थी कि वह हर हालत में स्कूल में आएंगे, लेकिन स्कूलों में बच्चों की हाजिरी कम रही। उनका तर्क था कि शायद पहली बार स्कूल का समय बदला गया है, इस कारण बच्चों ने स्कूल आना मुनासिब नहीं समझा।
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सीबीएसई स्कूल की नौवीं की छात्रा भी स्कूल में दोपहर को नहीं गई। उसका कहना था कि भाषण ही सुनना है तो घर में टेलीविजन पर सुना जा सकता है या पीएम को चाहिए था कि वह इस समय ही सुबह 11 बजे या प्रार्थना का रखते, इसलिए वह स्कूल ही नहीं गई। स्कूल में वैसे भी शुक्रवार को पढ़ाया तो जाना नहीं था।
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लाडोवाली गर्ल्स स्कूल में 264 छात्राओं में से सिर्फ 168 ही स्कूल तक मोदी का भाषण सुनने के लिए पहुंची जबकि प्राइमरी स्कूल में 150 में से 100 बच्चे ही हाजिर हुए। प्रिंसिपल कमलजोत कौर के मुताबिक स्कूलों में स्टाफ पूरा मौजूद रहा लेकिन बच्चों की हाजिर में जरूर कुछ कमी रही।