'मोदी के मंत्री ने दी जान से मारने की धमकी'
धर्मांतरण मसले पर संसद से लेकर सड़क तक घिरी भाजपा सरकार की उनके मंत्री भी परेशानी बढ़ा रहे हैं। यहां केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह पर सिंचाई विभाग के एक एक्सईएन को जान से मारने की धमकी देने और जाति सूचक शब्द कहने का आरोप लगा है।
घटना हरियाणा के जींद से जुड़ी है। सोमवार को अभियंता ने डीसी को ज्ञापन देकर केंद्र सरकार से इस मसले पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। अभियंता के समर्थन में कई संगठन भी डीसी ऑफिस पहुंचे थे। इस मामले में केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नंबर बंद आया।
डीसी को सौंपे ज्ञापन में कार्यकारी अभियंता श्रवण कुमार ने आरोप लगाया है कि कुछ दिन पहले ग्रामीणों की शिकायत पर सिंचाई विभाग की डिस्ट्रीब्यूटरी नंबर चार पर कार्यरत मेट ओमप्रकाश का तबादला कर दिया गया था। तबादले के बाद मेट ओमप्रकाश बीरेंद्र सिंह के समर्थकों के साथ मेरे कार्यालय पहुंचे और दुर्व्यवहार किया। लेकिन तब मामला शांत हो गया।
इसके बाद 19 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह का मेरे मोबाइल पर फोन आया और जान से मारने धमकी दी। इसके साथ ही जातिसूचक शब्द भी कहे। यही नहीं समर्थकों के साथ सही व्यवहार नहीं करने पर सजा भुगतने के लिए तैयार रहने को भी कहा गया।
एक्सईएन के समर्थन में उतरे ग्रामीण
पीड़ित एक्सईएन ने बताया कि सिंचाई विभाग के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव आरआर जोल के निर्देश पर 19 दिसंबर को मैं कुछ लोगों को लेकर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के आवास पर पहुंचा तो वहां पर भी मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया। मैंने डीसी को ज्ञापन देकर प्रशासन से मांग की कि इस मामले में हस्तक्षेप किया जाए और जांच कर सही कार्रवाई की जाए।
इस मामले में अजीत बालाजी जोशी, डीसी जींद ने बताया कि एक्सईएन की ओर से केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के खिलाफ ज्ञापन मिला। इसे केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा।
पीड़ित सिंचाई विभाग के एक्सईएन श्रवण कुमार ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने एक तबादले के मामले में मुझे फोन पर धमकी दी और जातिसूचक शब्द कहे। मैंने इसकी शिकायत डीसी को ज्ञापन देकर की है।
वहीं निडानी गांव के लोगों ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर एक्सईएन के खिलाफ षड्यंत्र की बात कही है। इन लोगों ने कहा कि एक्सईएन ईमानदार व्यक्ति है और कुछ लोग उनके खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र कर रहे हैं। ऐसे में उनका तबादला रोकने की मांग की गई है।