हरियाणाः कई गांवों की बदली तहसील, शहर में बनेंगे डेयरी कॉम्पलेक्स, पढ़िए कैबिनेट के 15 फैसले
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हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में अब आधुनिक डेयरी कांप्लेक्स तैयार किए जाएंगे। ‘समग्र एकीकृत डेयरी परिसर’ के नाम से तैयार होने वाले इन आधुनिक कांप्लेक्स में डेयरी कारोबारियों को न केवल बढ़िया सुविधाएं दी जाएंगी, बल्कि सरकार के इस प्रयास से डेयरी उद्योग को भी नई दिशा मिलेगी। इसके लिए मंत्रिपरिषद की उपसमिति द्वारा तीन प्रकार के ब्लूप्रिंट तैयार किए गए हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन और सहकारिता राज्य मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर की इस उपसमिति के प्रस्ताव और ब्लू प्रिंट को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
इस प्रकार होगा लेआउट
रिपोर्ट में एकीकृत डेयरी परिसरों के लिए तीन प्रकार की लेआउट योजनाएं शामिल हैं। इनमें डेयरी किसानों के लिए 50 एकड़ भूमि में आधुनिक समग्र एकीकृत डेयरी परिसरों का निर्माण, 25 एकड़ भूमि पर भी आधुनिक समग्र एकीकृत डेयरी परिसर का निर्माण के लिए लेआउट का ब्लूप्रिंट और 500 वर्ग गज पर डेयरी शेड के समान समरूप लेआउट शामिल हैं। 500 वर्ग गज में बनने वाले डेयरी शेड एक जैसे ही बनाए जाएंगे।
ये आधुनिक सुविधाएं होंगी शामिल
तीनों लेआउट योजनाओं को इस तरह से तैयार किया गया है कि एकीकृत डेयरी परिसर में कम से कम 10 दुधारू पशुओं की अधिकतम संख्या की डेयरी इकाइयां होगी। इसके अतिरिक्त सांझा दुग्ध दूहन क्षेत्र, थोक दुग्ध शीतलन प्रणाली, बायोगैस संयंत्र या कचरा प्रबंधन, पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाओं, मवेशी फीड, डेयरी यंत्र, दवाओं, दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की बिक्री के लिए वाणिज्यिक दुकान या बूथ और डेयरियों की देखभाल करने वालों के लिए आवासीय स्थल जैसे प्रावधानों के अलावा उचित वेंटिलेशन के साथ आरामदायक आधुनिक आवास प्रणाली होगी।
इसमें जैव कचरे के निपटान या स्लरी पंपों के लिए स्वचालित कन्वेयर सिस्टम का प्रावधान भी किया गया है। डेयरी किसानों के लिए सिलेज बनाने और सूखा चारा ब्लॉक बनाने की प्रणाली का प्रावधान इस परिसर का अभिन्न अंग होगा। इसके अलावा, दुग्ध शीतलन प्रणाली और पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रदान की गई जगह में सूक्ष्म दूध प्रसंस्करण इकाइयों और दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना का प्रावधानों भी होगा।
आबादी से दूर ही रहेंगी डेयरियां
इसके अलावा शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा इस संदर्भ में पहले से कार्यान्वित की जा रही योजनाएं व दिशानिर्देश भी इस ब्लूप्रिंट एवं लेआउट योजना में शामिल होंगे जैसा कि शहरों में स्थित मौजूदा डेयरियों को शहरों के बाहरी इलाके में स्थानांतरित करने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए, शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा शहरों या कस्बों के बाहरी इलाकों में उपयुक्त भूमि की पहचान की जाएगी। यदि आवश्यकता हो, तो आसपास के या पड़ोसी गांवों में भूमि की पहचान करने की संभावनाओं का भी पता लगाया जाएगा।
आधुनिक सुविधाएं मिले तो प्रयास अच्छा
हरियाणा में कैटल डेयरी यूनियन के अध्यक्ष हीरालाल यादव ने कहा कि डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने केलिए जिस तरह का मसौदा तैयार किया गया है। यदि इसके तहत आधुनिक सुविधाएं मिलती है और इस कारोबार को बढ़ावा मिलता है, तो सरकार को ये प्रयास सराहनीय हैं। इसे जल्द धरातल पर उतारने की जरूरत है।
मंत्रिमंडल की बैठक में स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स, रोहतक का नाम बदलकर पंडित लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स, रोहतक करने के लिए एक अध्यादेश जारी किया गया। स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स, रोहतक की स्थापना चार संस्थानों स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन और स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन प्लानिंग एड आर्किटेक्चर को अपग्रेड और एकीकृत करके की गई थी।
ऐसा डिजाइन ललित कला, फिल्म और टेलीविजन, शहरी नियोजन और वास्तुकला के नए आयामों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के उभरते क्षेत्रों में अध्ययन और अनुसंधान को ध्यान में रखते हुए किया गया। लेकिन अब, सरकार ने हरियाणा के एक प्रसिद्ध कवि, पंडित लख्मी चंद के नाम पर विश्वविद्यालय का नाम बदल कर पंडित लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स फैसला लिया है, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा मरणोपरांत सूर्य कवि की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
2- चीफ फार्मासिस्ट के 1020 पद भी स्वीकृत किए गए
कैबिनेट में हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग अधीनस्थ कार्यालय (ग्रुप बी) सेवा नियम 2018 को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही इसके अलावा विभाग में चीफ फार्मासिस्ट के 1020 पद भी स्वीकृत किए गए हैं। इन पर जल्द भर्ती होंगे। उधर, अब ऐसे किसी भी व्यक्ति को सीधी भर्ती द्वारा सेवा में नियुक्त नहीं किया जाएगा, जिसकी आयु हरियाणा लोक सेवा आयोग में आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि के बाद के महीने के पहले दिन न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा से कम या अधिक है।
सरकारी विश्लेषक के पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा 25 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष होगी। इसी प्रकार, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (बैक्टीरियोलॉजी), वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (फार्मास्यूटिकल कैमिस्ट्री) और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा 22 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष होगी।
3- कुछ बैंकों कैश क्रेडिट लिमिट बढ़ाने को स्वीकृति
मंत्रिमंडल की बैठक में जहां कुछ बैंकों की कैश क्रेडिट (सीसी) लिमिट बढ़ाने को स्वीकृति दी गई, वहीं अन्य बैंकों की सीसी लिमिट को भी सरकार ने स्वीकृत किया। केनरा बैंक द्वारा 250 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआई) बैंक द्वारा 200 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट (सीसी) लिमिट को मंजूरी दी गई है। साथ ही आंध्रा बैंक द्वारा सीसी सीमा को 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 250 करोड़ रुपये, इसके बाद से 250 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 370 करोड़ रुपये करने को भी स्वीकृत किया गया है।
एनसीआरपीबी, नई दिल्ली द्वारा 5.93 करोड़ रुपये उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) को दिए जाने के लिए 625.93 करोड़ रुपये की राज्य सरकार की गारंटी देने की स्वीकृति प्रदान की है। उधर, केनरा बैंक, सीबीआई और आंध्रा बैंक राज्य सरकार की गारंटी के विरूद्ध वार्षिक ब्याज दर को क्रमश: 9.65 प्रतिशत से 8.30 प्रतिशत, 9.65 प्रतिशत से 8.10 प्रतिशत और 9.65 प्रतिशत से 8.35 प्रतिशत तक कम करने पर सहमत हुए हैं। ब्याज दर कम होने के बाद, निगम को 8.14 करोड़ रुपये वार्षिक की बचत होगी।
4- चीफ फार्मासिस्ट को अब राजपत्रित दर्जा
मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य औषधाकारक (चीफ फार्मासिस्ट) के पद को राजपत्रित घोषित करने के लिए विभागीय सेवा नियमों में संशोधन करने की स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्य औषधकारक का पद उच्च जिम्मेवारी का है जिसका कार्य जिला औषधि भंडार और नागरिक अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में औषधि भंडारों की निगरानी करना है। साथ ही वह जिलास्तर पर दवाइयों तथा उपकरण खरीद कमेटी का सदस्य होता है और जिलास्तर पर निरीक्षण कमेटी का सदस्य भी होता है।
5- सीधी भर्ती पर दो वर्ष को होगा प्रोबेशन
मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, मुख्यालय (ग्रुप डी) सेवा नियम 2018 को स्वीकृति प्रदान की गई। विभाग में अब सीधी भर्ती द्वारा नियुक्ति होने पर व्यक्ति दो वर्ष की अवधि के लिए और अन्य प्रकार से नियुक्ति होने पर एक वर्ष के लिए प्रोबेशन पर रहेगा। विभाग में लैब अटैंडेंट, स्वास्थ्य सहायक, सेवादार, चौकीदार, स्वीपर, माली और पैकर के मामले की सीधी भर्ती होने पर उक्त प्रोबेशन नियम लागू होंगे।
6- विभाग का नाम बदला
मंत्रिमंडल की बैठक में इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का नाम बदल कर सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रोनिक्स एवं संचार विभाग रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। प्रदेश में संचार से जुड़ी अवसंरचना सुविधाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने संचार एवं संयोजकता अवसंरचना नीति नामक एक नीति अधिसूचित की थी। जिसके अंतर्गत अब विभाग का नाम बदल दिया गया है।
7- जमीन हिसार नगर निगम को हस्तांतरित
कैबिनेट बैठक में राजकीय पशुधन फार्म हिसार की 32 एकड़ 4 कनाल व 2 मरला जमीन ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र की स्थापना हेतु नगर निगम, हिसार को हस्तांतरित करने के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड द्वारा राशि का प्रयोग ‘डेड एनिमलस डिस्पोजल सेंटर्स’ की स्थापना के लिए किया जाएगा।
8- पशु विज्ञान विश्वविद्यालय को कलेक्टर रेट पर मिलेगी जमीन
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में खाण्डा खेडी में मुर्राह अनुसंधान एवं कौशल विकास केंद्र की स्थापना के लिए लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार को 8 कनाल एक एकड़ भूमि कलेक्टर रेट पर हस्तांतरित करने को मंजूरी दी गई।
इस केंद्र की स्थापना पर, मुराह भैंस की नस्ल विकसित करने के लिए शोध संभव होगा और कौशल विकास की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। यह केंद्र पशुधन प्रजनकों के लिए भी उपयोगी होगा।
9- नियंत्रण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट में पंजाब नई राजधानी (परिधि) नियंत्रण अधिनियम 1952 (1953 की अधिनियम संख्या 1) में संशोधन को मंजूरी दी गई। हरियाणा सरकार ने 10 नवंबर, 2017 को उन परियोजनाओं के लिए भूमि उपयोग अनुमतियां प्रदान करने के लिए एक नीति अधिसूचित की थी। इसके बाद अब 1953 की अधिनियम संख्या 1 में संशोधन की आवश्यकता थी, क्योंकि इन परियोजनाओं के लिए ऐसी भूमि उपयोग की अनुमतियां नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से दी जानी हैं। सीएलयू आवेदन की चल रही ऑनलाइन प्राप्ति और अनुमोदन तंत्र में भी संशोधन की आवश्यकता है।
10- पिंजौर एचएमटी पर सेब, फल, सब्जी मंडी बनाने को स्वीकृति
कैबिनेट की बैठक में जिला पंचकूला के पिंजौर में एचएमटी की 78.33 एकड़ भूमि पर सेब, फल और सब्जी मंडी स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसकी घोषणा हरियाणा सरकार पहले कर चुकी है। इस मंडी में धुलाई, छटाई, वैक्सिंग और पैकेजिंग, नियंत्रित वातावरण, शीत भंडारण, रसद तथा अन्य संबद्ध सेवाओं की नवीनतम अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस मंडी में हिमाचल के प्रवेश द्वार जोकि पिंजौर है, में सेब व्यापार की वितरण क्षमता का दोहन करने में सक्षम होगी। जो सेब उत्पादकों, व्यापारियों और खरीदारों के लिए एक अल्ट्रामोडर्न सुविधा सृजित करेगी जिससे वे बिक्री और वितरण के लिए इस गंतव्य क्षेत्र को प्राथमिकता दे सकेंगे।
11- झज्जर, पानीपत की जमीनें बदलने को स्वीकृति
मंत्रिमंडल की बैठक में ग्राम पंचायत फैजाबाद पाहसौर खंड, जिला झज्जर की 46 कनाल 16 मरला शामलात भूमि को मॉडल इकोनॉमिक टाउनशिप लिमिटेड की 46 कनाल 16 मरला भूमि के साथ बदलने की स्वीकृति प्रदान की गई। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि मॉडल इकोनॉमिक टाउनशिप की भूमि खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए उपयुक्त है और पंचायत भूमि गांव आबादी से बहुत दूर है। इसी तरह मंत्रिमंडल ने ग्राम पंचायत झट्टीपुर खंड, जिला पानीपत की 840 वर्गगज शामलात भूमि को कपूर इंडस्ट्रीज की 4 कनाल भूमि के साथ बदलने की भी स्वीकृति प्रदान की है।
मंत्रिमंडल ने हरियाणा पुलिस (शिकायत प्राधिकरणों के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति) नियम 2018 को स्वीकृति प्रदान की गई। इन नियमों के तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण व जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं सदस्यों के नामों की सिफारिश करेगी। महाधिवक्ता हरियाणा और अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग इस समिति के सदस्य होंगे। जबकि सचिव या विशेष सचिव, गृह-1 इसके सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
13- भुगतान के लिए एक साल का समय और
15 नवंबर- हरियाणा सरकार ने खनिज रियायत धारकों को प्रतिभूति की शेष राशि के प्रति अधिकतम बोली का 15 प्रतिशत भुगतान, मासिक डीड किराए का भुगतान व अनुबंध राशि की अदायगी के लिए अब एक वर्ष का और समय मिलेगा। पहले इस भुगतान के लिए एक वर्ष का समय था अब इसके लिए 12 महीने और मिलेंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में इसे स्वीकृति मिल गई है।
14- बनेगा सैनिक शिक्षा केंद्र
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जिला पंचकूला की तहसील बरवाला के गांव बतौड़ में सैनिक शिक्षा केंद्र के निर्माण के लिए 10 एकड़ भूमि निशुल्क हस्तांतरित करने के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। यह भूमि राजस्व विभाग की है और इसे सैनिक शिक्षा केंद्र के निर्माण के लिए केंद्र सरकार (मुख्यालय, पश्चिमी कमान, सेना) को हस्तांतरित की जाएगी।
15- कुछ गांवों की तहसील बदली
कैबिनेट ने यमुनानगर के बिलासपुर में तहसील और उपमंडल मुख्यालय की भौगोलिक समीपता के आधार पर ग्रामीणों की मांग पर उप-तहसील खिजराबाद के गांव जाटावाला और डारपूर को तहसील छछरौली जिला यमुनानगर में शामिल करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने रेवाड़ी में तहसील और उप-मंडल मुख्यालय की भौगोलिक समीपता के आधार पर ग्रामीणों की मांग पर जिला रेवाड़ी में उप-तहसील डहीना के गांव अहरौद (ढाणी शोभा), कोलाना, नांगल जमालपुर, बासदूदा और ऊंचा (ढाणी जैरावत) को उप-तहसील मनेठी में शामिल करने की स्वीकृति भी दी।