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जाम से निपटने के लिए राइट्स तैयार कर रहा मोबिलिटी प्लान, रिपोर्ट में पार्किंग व्यवस्था को बताया खराब

Fri, 08 Apr 2022 09:48 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2022 09:48 PM IST
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Mobility plan is being prepared to deal with the jam, in the report the parking system is said to be bad
चंडीगढ़। ट्राइसिटी में बढ़ते ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए यूटी प्रशासन व्यापक मोबिलिटी प्लान तैयार कर रहा है। इसके लिए कई हफ्तों से रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) कंपनी शहरभर में सर्वे कर रही है। पहली स्टडी रिपोर्ट में राइट्स ने प्रशासन को बस, रेलवे व एयरपोर्ट की स्थिति के बारे में जानकारी दी है। साथ ही शहर में पार्किंग व्यवस्था पर कई सवाल उठाते हुए इसे ठीक करने के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं।
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स्टडी रिपोर्ट में राइट्स ने बताया है कि शहर में 89 पार्किंग लॉट्स हैं जिनमें 22,725 कारों को खड़ी करने की व्यवस्था है लेकिन इन पार्किंग लॉट्स में कई तरह की समस्याएं हैं। सबसे अहम कि कोई रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम नहीं है। पार्किंग में जाने के बाद जगह ढूंढने में काफी समय बर्बाद होता है। इसकी वजह से कई बार जाम भी लग जाता है। पार्किंग लॉट्स में जगह का इस्तेमाल ठीक तरीके से नहीं किया जाता है। इससे प्रदूषण तो होता ही है, लोगों को भी काफी परेशानी होती है। राइट्स ने पार्किंग के दाम को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि पार्किंग के दामों में लचीलापन नहीं है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए राइट्स ने तीन तरह के प्लान प्रशासन को सुझाए हैं। इसमें शॉर्ट, मीडियम और लांग टर्म प्लान है।
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शॉर्ट टर्म सुझाव
- दिव्यांग, इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिल और पिक एंड ड्रॉप को प्राथमिकता देना
- पार्किंग का रेट दिन के घंटे पर आधारित होना चाहिए जिसमें व्यस्त समय के लिए अधिक शुल्क और गैर पीक घंटों के दौरान कम शुल्क हो
- बाजार क्षेत्रों में ग्राहकों के पक्ष में मूल्य निर्धारण और पार्किंग का प्रबंधन हो
- खाली जगहों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जाए
- पार्किंग लॉट में जगह का ठीक से उपयोग
- पार्किंग प्रवर्तन नीति में दुरुपयोग, सार्वजनिक भूमि और पैदल यात्री स्थान का अतिक्रमण, अधिक चार्ज करने के खिलाफ सख्त
-स्टाफ के लिए बस शुरू करना जिससे पार्किंग की मांग हो सके। स्कूलों और कार्यालयों के समय में बदलाव कर भी व्यवस्था ठीक की जा सकती है।
मीडियम टर्म सुझाव
- पार्किंग के प्रबंधन के लिए एप-आईटी को लागू किया जाए
- जगह की कमी के कारण नए पार्किंग स्थल प्रस्तावित किए बिना मल्टी लेवल पार्किंग की योजना बननी चाहिए
- लोगों द्वारा पार्किंग स्थान खोजने में लगने वाले समय को कम करें
- ई-वॉलेट, डेबिट और क्रेडिट कार्ड सहित मोबाइल से भुगतान की सुविधा मिले
लांग टर्म सुझाव
- किराए के आधार पर पड़ोस के कमर्शियल और संस्थागत पार्किंग स्थल का उपयोग कर पार्किंग की आपूर्ति बढ़ाई जा सकती है।
-पैदल चलने और साइकिल को प्रोत्साहन देने के बाद पार्किंग की आवश्यकता को काफी कम किया जा सकता है।
- बड़े पार्किंग स्थल में ऐसे पैदल मार्ग होने चाहिए जो पैदल चलने वालों को यातायात से बचाते हैं और आसानी से फुटपाथ से जुड़ते हों।
- यूटी प्रशासन और पार्किंग ठेकेदारों के बीच एक उचित राजस्व साझाकरण मॉडल विकसित किया जाना चाहिए।
- राजस्व का एक हिस्सा स्थानीय क्षेत्र में सुधार के लिए निर्धारित किया जाना चाहिए।
- पार्किंग के नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
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