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स्कूल बस में बच्चों पर अब मां बाप खुद रख सकेंगे नजर, बस ये तरीका अपनाएं
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 16 Sep 2017 01:36 PM IST
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स्कूल बस
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अब मां बाप घर बैठे ही मोबाइल से स्कूल बस में सफर कर रहे अपने नौनिहाल पर नजर रख सकेंगे। इसके लिए उन्हें बस एक तरीका अपनाना होगा। गुड़गांव के रायन स्कूल में 7 साल के बच्चे की हत्या के बाद प्रशासन के स्टेट ट्रांसपोर्ट अर्थारिटी एक कंपनी के साथ मिलकर एक एप बनाया है। इस एप का डेमो अगले सप्ताह किया जाएगा। इसके बाद इस ट्रैकिंग सिस्टम को लांच कर दिया जाएगा।
इस एप में शहर के सभी स्कूल बसों, उनके चालक और परिचालक की जानकारी होगी। अभिभावक नजर रख पाएंगे कि उनका बच्चा कब स्कूल पहुंचेगा और छुट्टी होने के बाद बस किस जगह पर है। ऐसा होने से बस का इंतजार कर रहे अभिभावकों को भी सुविधा हो जाएगी। हर स्कूल की बस में जीपीएस सिस्टम होगा। इस ट्रैकिंग सिस्टम से एसटीए को यह भी पता चल जाएगा कि किस स्कूली बस का ट्रैकिंग सिस्टम नहीं चल रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
रूट बदलने पर आएगा अलर्ट मैसेज
एसटीएम के अनुसार कई अभिभावकों की ओर से समय- समय पर शिकायतें आती है तो बसों में जीपीएस सिस्टम नहीं है लेकिन वह बसों को ट्रैक नहीं कर पाते है लेकिन इस एप की मदद से एक एक बस का पता चल जाएगा कि किस स्कूली बस का जीपीएस सिस्टम चल रहा है और कौन सा बंद पड़ा है। एप में स्कूल बस के चालक, परिचालक और अटेंडेंट की तस्वीर और उनका मोबाइल नंबर भी शामिल होगा।
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अगर कोई बस चालक अपने तय रूट को बदलेगा तो एप पर अलर्ट मैसेज आ जाएगा और इसकी जानकारी स्कूल प्रशासन के पास भी आ जाएगी। इस एप में अभिभावकों की जानकारी के लिए बच्चे के प्वाइंट या घर पर पहुंचने का संभावित समय भी दिखेगा।
सभी स्कूली बसों में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इस मोबाइल एप से अभिभावकों और विभाग को काफी मदद मिलेगी। एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा जिससे स्कूल बसों पर नजर रखी जाएगी।
- राजीव तिवारी, अतिरिक्त सचिव, स्टेट ट्रांसपोर्ट अथारिटी
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इस एप में शहर के सभी स्कूल बसों, उनके चालक और परिचालक की जानकारी होगी। अभिभावक नजर रख पाएंगे कि उनका बच्चा कब स्कूल पहुंचेगा और छुट्टी होने के बाद बस किस जगह पर है। ऐसा होने से बस का इंतजार कर रहे अभिभावकों को भी सुविधा हो जाएगी। हर स्कूल की बस में जीपीएस सिस्टम होगा। इस ट्रैकिंग सिस्टम से एसटीए को यह भी पता चल जाएगा कि किस स्कूली बस का ट्रैकिंग सिस्टम नहीं चल रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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रूट बदलने पर आएगा अलर्ट मैसेज
एसटीएम के अनुसार कई अभिभावकों की ओर से समय- समय पर शिकायतें आती है तो बसों में जीपीएस सिस्टम नहीं है लेकिन वह बसों को ट्रैक नहीं कर पाते है लेकिन इस एप की मदद से एक एक बस का पता चल जाएगा कि किस स्कूली बस का जीपीएस सिस्टम चल रहा है और कौन सा बंद पड़ा है। एप में स्कूल बस के चालक, परिचालक और अटेंडेंट की तस्वीर और उनका मोबाइल नंबर भी शामिल होगा।
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अगर कोई बस चालक अपने तय रूट को बदलेगा तो एप पर अलर्ट मैसेज आ जाएगा और इसकी जानकारी स्कूल प्रशासन के पास भी आ जाएगी। इस एप में अभिभावकों की जानकारी के लिए बच्चे के प्वाइंट या घर पर पहुंचने का संभावित समय भी दिखेगा।
सभी स्कूली बसों में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इस मोबाइल एप से अभिभावकों और विभाग को काफी मदद मिलेगी। एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा जिससे स्कूल बसों पर नजर रखी जाएगी।
- राजीव तिवारी, अतिरिक्त सचिव, स्टेट ट्रांसपोर्ट अथारिटी