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मंत्री जी बोले, 'गांधी जी चाहते तो आज जिंदा होते भगत सिंह'

Tue, 05 May 2015 07:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट(हरियाणा) Updated Tue, 05 May 2015 07:51 AM IST
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minister said, if gandhi want then bhagat singh would alive today

हरियाणा के एक मंत्री ने आज फिर दोहराया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का देश में आजादी में अहम योगदान रहा है, लेकिन गांधी जी चाहते तो भगत सिंह आज जिंदा होते। ये बयान हैं, प्रदेश के स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज के। उन्होंने कहा कि यदि महात्मा गांधी अंग्रेजी सरकार पर दबाव बनाते तो भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की फांसी रोकी जा सकती थी।

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महात्मा गांधी देश को इकट्ठा करते तो अंग्रेजों की सरकार में इतना दम नहीं था कि वह तीनों को फांसी की सजा दे पाती। अनिल विज सोमवार को अपने आवास पर शहीद सुखदेव के दोहते विशाल का स्वागत करने के बाद बोल रहे थे।
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अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस और तत्कालीन सत्ता के लोभी नेताओं ने एक सोची समझी साजिश के तहत शहीदों की शहादत को गुमनामी की गर्त में धकेलने के प्रयास किए ताकि लोग उन्हें याद न रख सकें। यह सच्चाई है कि यदि आजादी के बाद ये शहीद जीवित होते तो करोड़ों युवाओं के समर्थन से देश की बागडोर उनके हाथ में होती।
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आज लालची नेताओं का नहीं बल्कि शहीदों के सपनों का भारत होता। इतना ही नहीं, इन शहीदों के जीवन दर्शन को स्कूलों के पाठ्यक्रम से भी दूर रखा गया है। कांग्रेस ने अपने नेताओं के नाम पर दिल्ली में कई-कई एकड़ में स्मारक बनवाए हैं, लेकिन शहीद सुखदेव के लुधियाना स्थित मकान को 67 वर्ष तक अनदेखा किया गया है।

इस अवसर पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष सोम चोपड़ा, जसबीर जस्सी, बलविंद्र सिंह, भाजपा नेता लक्खी सिंह राणा, ललित चौधरी, ओम सहगल, गुरपाल माजरा, नीतू सचदेवा, आशीष तायल, सुरेंद्र तिवारी, बंटी सोनकर, श्याम सिंगला, गगन थापर, नीता खेड़ा, मूनिया रानी, पुष्पा वैश, राकेश शर्मा, गुलशन तूली, कपिल विज, जगपाल जस्सी, छोटू, राजेश अग्रवाल, अशोक शर्मा, बलकेश वत्स आदि मौजूद रहे।

शहीदों की जीवनी बांटेंगे हरियाणा में: विशाल
शहीद सुखदेव के दोहते विशाल नय्यर ने कहा कि आजादी के लंबे समय बाद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने हरियाणा से शहीदों के सम्मान के लिए आवाज बुलंद की है। पंजाब के सभी विद्यालयों में बच्चों और युवाओं तक शहीदों के जीवन पर आधारित ‘नौ घरों से फांसी तक’ पुस्तक वितरित करने के प्रयास आरंभ किए हैं और अब हरियाणा व हिमाचल में भी हिंदी व पंजाबी में ऐसी पुस्तकें वितरित की जाएंगी।

शहीद सुखदेव के दोहते के पांव छूकर लिया आशीर्वाद

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अनिल विज ने शहीद सुखदेव के दोहते विशाल नैयर के पांव छूकर आशीर्वाद लिया। विज ने कहा कि देश के वास्तविक हीरो के वंशज का स्वागत करते खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। शहीदों के वंशज देश के लिए पूजनीय हैं और उनका आशीर्वाद हासिल करना गौरवान्वित कर देता है।

इस दौरान शहीद सुखदेव के दोहते विशाल नैयर ने विज को गले लगाकर धन्यवाद किया। विज ने कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी खेल परिसरों का नाम शहीद सुखदेव, भगत सिंह, राजगुरु, मदन लाल ढींगरा सहित अन्य क्रांतिकारी शहीदों के नाम पर रखने का निश्चय किया है।

इससे स्टेडियमों में खेलने आने वाले खिलाड़ी और युवाओं को इन महान शहीदों के जीवन दर्शन से प्रेरणा मिलेगी। शहीद परिवारों के पक्ष में आवाज उठाने के बाद लाखों युवाओं ने फेसबुक पर इस पहल का समर्थन किया है और वे शहीदों को उनका वास्तविक सम्मान दिलवाने के लिए सभी संभव प्रयास करेंगे।

अंबाला में स्मारक बनाने का प्रयास
अंबाला में शहीद स्मारक की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा की गई है, जिससे के लिए स्मारक से संबंधित सभी पुरानी फाइलें तलाशी जा रही हैं। पूर्व सरकार के कार्यकाल में भी उन्होंने अंबाला कैंट में यह स्मारक बनाने की आवाज उठाई थी, लेकिन तत्कालीन हुड्डा सरकार ने मात्र शहीद स्मारक की घोषणा करने के सिवाय और कोई प्रयास नहीं किया। पूरे देश में शहीदों के सम्मान के लिए एक आंदोलन चलाया जाएगा।

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