Punjab: पंजाब में कांग्रेस और AAP में गठबंधन नहीं, मंत्री अनमोल गगन मान बोलीं- अकेले लड़ेंगे लोकसभा चुनाव
अनमोल गगन मान ने कहा कि पंजाब में लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ हमारी पार्टी को चुना है। ऐसे में हमें अपने सारे वादे पूरे करने हैं। सीएम भगवंत मान की अगुवाई में उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव में उतरेगी। कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग का कोई फॉर्मूला नहीं है। पार्टी सभी सीटों पर अपने स्तर पर चुनाव लड़ेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) एक ही मंच पर आ गई है। दोनों दल I.N.D.I.A गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन पंजाब में दोनों दलों के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। कांग्रेस नेताओं के बाद अब आप सरकार में मंत्री अनमोल गगन मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ हमारी पार्टी को चुना है। ऐसे में हमें अपने सारे वादे पूरे करने हैं। सीएम भगवंत मान की अगुवाई में उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव में उतरेगी। कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग का कोई फॉर्मूला नहीं है। पार्टी सभी सीटों पर अपने स्तर पर चुनाव लड़ेगी।
उधर, मंगलवार को चंडीगढ़ में कांग्रेस नेताओं की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें अधिकांश कांग्रेस नेता पंजाब में आप के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं थे। पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दो दिन मीटिंग कर नेताओं की नब्ज टटोली थी। इस दौरान अधिकांश नेताओं का कहना था कि बीते डेढ़ साल के दौरान आप सरकार ने पंजाब में जिस तरह कांग्रेस को कुचलने का प्रयास किया है, पार्टी नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किए हैं और विजिलेंस कार्रवाई की गई है, उसे देखते हुए इस पार्टी के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता।
26 सितंबर को बेंगलुरु में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष और सीएलपी नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें वे अपनी विस्तृत रिपोर्ट और राय हाईकमान के समक्ष रखेंगे। आप से गठजोड़ के मुद्दे पर प्रताप सिंह बाजवा से जब उनकी निजी राय पूछी गई तो उन्होंने इतना ही कहा कि इस मुद्दे पर मेरी राय हर कोई जानता है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस के नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया है, उससे यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस की आप के साथ जुड़ने की कोई इच्छा नहीं है।