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हो जाएं आगाह: एक डिग्री बढ़ गया है पंजाब का न्यूनतम तापमान, नहीं बदलेंगे तो मौसम हमें बदल देगा
Wed, 13 Sep 2023 08:12 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 13 Sep 2023 08:12 AM IST
सार
पंजाब में पिछले 20 साल के मानसून का विश्लेषण किया गया तो पाया कि सिर्फ दो-तीन साल ही मानसून सीजन में बारिश औसत या फिर औसत से थोड़ी ज्यादा हुई है। अन्य वर्षों में औसतन से कम ही बारिश हुई है। ये चिंताजनक है क्योंकि पंजाब में फसल के लिए बारिश की जरूरत पड़ती है।
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पंजाब का तापमान बढ़ा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पिछले 40 से 50 साल में पंजाब का न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़ चुका है। इससे मौसम में कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की एग्रोमीटरोलॉजी की प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. प्रभजोत ने यह जानकारी दी। उन्होंने लोगों को आगाह किया है कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा है। अगर अभी भी हम नहीं बदलेंगे तो मौसम हमें बदल देगा।
सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में वायु प्रदूषण पर आयोजित एक पैनल चर्चा में डॉ. प्रभजोत ने लोगों को मौसम में आ रहे बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब के पिछले 40 से 50 साल के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया तो पाया कि रात का न्यूनतम तापमान तेजी से बढ़ रहा है। इन वर्षों में रात के तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। अभी सिर्फ एक डिग्री तापमान बढ़ा है तो मौसम में कई बदलाव हो रहे हैं।
यह भी पढ़ें: Wealth Report : कार्तिक शर्मा हरियाणा के सबसे अमीर सांसद, 390 करोड़ के मालिक, जानें बाकी प्रतिनिधियों की दौलत
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पंजाब में पिछले 20 साल के मानसून का विश्लेषण किया गया तो पाया कि सिर्फ दो-तीन साल ही मानसून सीजन में बारिश औसत या फिर औसत से थोड़ी ज्यादा हुई है। अन्य वर्षों में औसतन से कम ही बारिश हुई है। ये चिंताजनक है क्योंकि पंजाब में फसल के लिए बारिश की जरूरत पड़ती है। अगर इसी तरह बारिश कम होती जाएगी तो बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की वजह से तापमान भी बढ़ रहा है और धरती पर पहुंचने वाली सूर्य की रोशनी भी बहुत धीरे-धीरे कम हो रही है।
कुदरत कर रही है जलवायु परिवर्तन का इशारा
डॉ. प्रभजोत ने कहा कि अगर इस वर्ष जनवरी से सितंबर माह को 10 साल पहले के जनवरी से सितंबर माह के तापमान से तुलना करेंगे तो पाएंगे कि इन वर्षों में ही मौसम बदल गया है। अप्रैल-मई में तापमान कम रहा लेकिन अब सितंबर माह में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। लोगों को ऐसा लग सकता है कि इतने वर्षों में एक डिग्री ही तो बढ़ा है। इससे क्या हो जाएगा लेकिन लोगों को समझना चाहिए कि इतने वर्षों में एक डिग्री तापमान बढ़ा है तो मौसम में इतने बदलाव देखने को मिल रहे हैं और सभी काफी फिक्रमंद महसूस कर रहे हैं। अगर अभी भी हम नहीं बदलेंगे तो मौसम ही हमें बदल देगा। कुदरत इशारा कर रही है कि जलवायु परिवर्तन हो रहा है।
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सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में वायु प्रदूषण पर आयोजित एक पैनल चर्चा में डॉ. प्रभजोत ने लोगों को मौसम में आ रहे बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब के पिछले 40 से 50 साल के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया तो पाया कि रात का न्यूनतम तापमान तेजी से बढ़ रहा है। इन वर्षों में रात के तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। अभी सिर्फ एक डिग्री तापमान बढ़ा है तो मौसम में कई बदलाव हो रहे हैं।
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पंजाब में पिछले 20 साल के मानसून का विश्लेषण किया गया तो पाया कि सिर्फ दो-तीन साल ही मानसून सीजन में बारिश औसत या फिर औसत से थोड़ी ज्यादा हुई है। अन्य वर्षों में औसतन से कम ही बारिश हुई है। ये चिंताजनक है क्योंकि पंजाब में फसल के लिए बारिश की जरूरत पड़ती है। अगर इसी तरह बारिश कम होती जाएगी तो बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की वजह से तापमान भी बढ़ रहा है और धरती पर पहुंचने वाली सूर्य की रोशनी भी बहुत धीरे-धीरे कम हो रही है।
कुदरत कर रही है जलवायु परिवर्तन का इशारा
डॉ. प्रभजोत ने कहा कि अगर इस वर्ष जनवरी से सितंबर माह को 10 साल पहले के जनवरी से सितंबर माह के तापमान से तुलना करेंगे तो पाएंगे कि इन वर्षों में ही मौसम बदल गया है। अप्रैल-मई में तापमान कम रहा लेकिन अब सितंबर माह में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। लोगों को ऐसा लग सकता है कि इतने वर्षों में एक डिग्री ही तो बढ़ा है। इससे क्या हो जाएगा लेकिन लोगों को समझना चाहिए कि इतने वर्षों में एक डिग्री तापमान बढ़ा है तो मौसम में इतने बदलाव देखने को मिल रहे हैं और सभी काफी फिक्रमंद महसूस कर रहे हैं। अगर अभी भी हम नहीं बदलेंगे तो मौसम ही हमें बदल देगा। कुदरत इशारा कर रही है कि जलवायु परिवर्तन हो रहा है।