चंडीगढ़: कोरोना संक्रमितों की संख्या घटी, लाखों खर्च कर बने मिनी कोविड केयर सेंटर अब तीसरी लहर में आएंगे काम
सात सेंटरों के 292 बेड पर 160 कोरोना के मरीज भर्ती हैं। इन केंद्रों में 45 प्रतिशत बेड खाली हैं। संस्थाओं ने लाखों खर्च कर व्यवस्था बनाई है। प्रशासन फिलहाल इन्हें नहीं हटाना चाहता।
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चंडीगढ़ में बीते कुछ दिनों से कोरोना के सक्रिय मामलों में काफी कमी आई है। रिकवरी रेट के बढ़ने से ज्यादा मरीज ठीक होकर अपने घर लौट रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शहर में विभिन्न संस्थाओं ने जो मिनी कोविड केयर सेंटर बनाए हैं, उनका भविष्य में क्या होगा। क्या उन्हें हटा दिया जाएगा या फिर हमेशा के लिए वहीं रहने दिया जाएगा।
चंडीगढ़ में वर्तमान में सात मिनी कोविड केयर सेंटर और एक डीआरडीओ का क्वारंटीन सेंटर चल रहा है। सातों सेंटरों को शहर के समाजसेवी संस्थाओं व बिजनेसमैन ने अपने खर्चे पर तैयार किए हैं। वर्तमान में सात सेंटरों में 292 बेड की व्यवस्था है, जिनमें मंगलवार शाम तक 160 मरीज भर्ती थे। करीब 45 प्रतिशत बेड खाली हैं। हालांकि, इन सेंटरों को तैयार करने में लाखों का खर्च आया है। सिर्फ सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन की पाइपलाइन बिछाने के लिए कुछ सेंटरों के संचालकों ने लाखों रुपये खर्च किए हैं। ऐसे में जब कोरोना के सक्रिय मरीज कम हो रहे हैं, तो इन सेंटरों का क्या होगा।
इस पर शहर में सभी मिनी कोविड केयर सेंटर के इंचार्ज यशपाल गर्ग ने बताया कि सभी सेंटर संचालकों ने काफी मेहनत और बहुत अच्छा काम किया है। काफी पैसे खर्च कर ऑक्सीजन के साथ ये अस्पताल बनाए हैं, इसलिए इन्हें फिलहाल हटाना उचित नहीं होगा।
यशपाल गर्ग ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर की चर्चाएं भी अब तेजी से होने लगी हैं, इसलिए इन्हें तीसरी लहर के लिए भी बैकअप में रखा जा सकता है। इस बारे में कोई आखिरी फैसला प्रशासक वीपी सिंह बदनौर एक-दो दिनों में लेंगे।
बीते दिनों यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने भी अमर उजाला से बातचीत में कहा था कि मिनी कोविड केयर सेंटरों का इस्तेमाल अब तीसरी लहर के लिए किया जाएगा। शहर में कोरोना की संक्रमण की दर 8.6 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ऐसे में अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में रोजाना के केसों की संख्या दो डिजिट में पहुंच जाएगी।
प्रशासन ने प्रबंधकों को सौंपा सूद धर्मशाला व धन्वंतरि अस्पताल
सूद धर्मशाला में मरीजों को रखने के लिए प्रशासन को रोजाना 90 हजार रुपये किराया देना पड़ रहा था। अन्य खर्चे अलग थे, इसलिए इन्हें खाली करने पर प्रशासन की रोजाना लाखों की बचत होगी। अब जो भी कोरोना के कम गंभीर मरीज हैं, उन्हें मिनी कोविड सेंटरों में ही भर्ती किया जा रहा है।
यह है सेंटरों की स्थिति (मंगलवार शाम 7.30 तक)
स्थान कुल बेड मरीज भर्ती
वर्किंग वुमेन हॉस्टल, सेक्टर-23 50 48
इंदिरा हॉलीडे होम, सेक्टर-24 47 47
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, सेक्टर-34 50 21
श्री अरबिंदो स्कूल, सेक्टर-27 25 23
कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-47 20 11
जीएमएसएसएस, सेक्टर-8 50 03
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, सेक्टर-43 50 07