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अमेरिका में फ्रंटलाइन में तैनात हैं मिल्खा सिंह की डॉक्टर बेटी, हफ्ते में पांच दिन काम कर बचा रहीं जिंदगियां
Tue, 21 Apr 2020 12:24 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 21 Apr 2020 12:24 AM IST
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मिल्खा सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
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उड़न सिख के नाम से मशहूर पद्मश्री मिल्खा सिंह का परिवार यहां लोगों की सेवा में लगा है तो उनकी बेटी मोना अमेरिका में कोरोना मरीजों की जिंदगी बचाने में जीजान से जुटी हैं। मिल्खा सिंह की बेटी मोना अमेरिका में रहती हैं। वह न्यूयार्क में मेट्रोपॉलिटन अस्पताल में इमरजेंसी मेडिसन डॉक्टर हैं।
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मिल्खा सिंह ने बताया कि इन दिनों कोरोना ने अमेरिका में सबसे ज्यादा कहर मचाया हुआ है। हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों की फौज इस महामारी से पीड़ित लोगों की सेवा में जुटी हुई हैं। मेरी बेटी भी उनमें से एक है। इसका मुझे गर्व है। लगभग रोजाना ही उससे फोन पर बात होती है। परिवार को बेटी की चिंता तो होती है लेकिन अपना कर्त्तव्य निभाने का यही सही समय है।
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यह जिंदगी बचाने की मैराथन है
चार बार के यूरोपीयन टूर चैंपियन जीव ने कहा,‘मोना न्यूयॉर्क के मेट्रोपोलिटन अस्पताल सेंटर में आपात कक्ष में डॉक्टर हैं। जब भी कोरोना के लक्षण वाला कोई मरीज आता है तो उसका उपचार करना होता है। वह पहले मरीज की जांच करती हैं जिसके बाद उन्हें एकांतवास के लिए विशेष वार्ड में भेजा जाता है। मुझे उस पर गर्व है।
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वह हर रोज मैराथन दौड़ रही हैं। वह हफ्ते में पांच दिन काम करती हैं। कभी दिन में, कभी रात में और 12-12 घंटे। मैं उसे लेकर चिंतित हूं। लोगों का इलाज करते समय कुछ भी हो सकता है। हम उससे रोज बात करते हैं। मम्मी-पापा भी रोज उससे बात करते हैं। मैं उसे सकारात्मक रहने और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कहता हूं।’
90 के दशक में बस गई थीं अमेरिका में
54 वर्ष की मोना ने पटियाला से एमबीबीएस किया और नब्बे के दशक में अमेरिका में बस गई। जीव ने कहा,‘मैं देश के हर नागरिक से अपील करना चाहता हूं कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जुटे लोगों का सम्मान करें। चाहे वह डॉक्टर हो, पुलिस या फिर सफाईकर्मी। उनका सम्मान और चिंता करनी चाहिए।