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‘प्लास्टिक की थैली में नहीं, कांच की बोतल में मिले दूध’
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चंडीगढ़। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज-2020 के लिए शहर से एकमात्र सुझाव आया है। इस सुझाव पर अमल करने के लिए कमिश्नर केके यादव ने तीन सदस्यीय कमेटी बना दी है। इस कमेटी में संयुक्त आयुक्त सौरभ अरोड़ा, चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह व एमओएच डॉ. एपी सिंह शामिल हैं। कमेटी अगले सप्ताह तक प्रशासन को रिपोर्ट सौंप देगी। उसके बाद प्रशासन की ओर से अंतिम अधिसूचना जारी कर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज-2020 लागू कर दिया जाएगा।
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज-2020 के तहत प्लास्टिक वेस्ट को कूडे़ से अलग नहीं करने पर 5500 रुपये का जुर्माना देना होगा। घर से ही पूरे प्लास्टिक वेस्ट को अलग कर कूड़ा उठाने वाले को देना होगा। जुर्माना लगने के 10 दिन के अंदर इसका भुगतान भी करना होगा। भुगतान नहीं करने पर जुर्माने की रकम पानी के बिल या प्रॉपर्टी टैक्स में जोड़कर भेजी जाएगी। भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन भी काटने का प्रावधान है। निगम हाउस में इस ड्राफ्ट को पास कर लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट के पास नोटिफिकेशन के लिए भेजा गया था। वहां से नोटिफिकेशन होने के बाद नगर निगम ने 15 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक लोगों से सुझाव व आपत्तियां मांगी गई थीं। इसमें समस्या समाधान टीम ने सुझाव दिया है कि दूध को प्लास्टिक की थैली में न देकर कांच की बोतल में दिया जाए। साथ ही दूध के एटीएम लगाए जाएं ताकि कम से कम प्लास्टिक का उपयोग हो। अब कमेटी इस सुझाव पर चर्चा कर अंतिम नोटिफिकेशन के लिए प्रशासन को सुझाव भेजेगी।
कम्युनिटी सेंटर में बनेंगे कलेक्शन सेंटर
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज के तहत प्लास्टिक वेस्ट को अलग रखना होगा। प्लास्टिक वेस्ट इकट्ठा करने के लिए शहर के कम्युनिटी सेंटर में कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। यहां से कलेक्शन के बाद इसे प्रोसेस के लिए प्लांट भेजा जाएगा। बायलॉज के लागू होने के बाद प्लास्टिक कैरी बैग पर पूरी तरह से पाबंदी लगेगी। इसके अलावा प्लास्टिक प्लेट, स्ट्रॉ, चम्मच सहित प्लास्टिक मेड बर्तनों के इस्तेमाल पर रोक होगी। स्ट्रीट वेंडर भी प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करेंगे।
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सड़क और फ्यूल बनाने में होगा प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग
कूड़े से अलग करके आए प्लास्टिक को प्रोसेस करने के लिए नगर निगम को अलग से प्लांट लगाना होगा। इस प्लास्टिक की री-साइक्लिंग नहीं होगी। प्लास्टिक को प्रोसेस करने के बाद जो सामग्री आएगी, उसका प्रयोग सड़कों की मरम्मत में किया जाएगा। अभी कुछ सड़कों पर निगम ने प्लास्टिक का प्रयोग भी किया था।
बायलॉज पहले ही हो चुका है नोटिफाइड
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज पहले ही नोटिफाई हो चुका है, जिसमें गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करना अनिवार्य है। हालांकि अभी पूरे शहर में यह शुरू नहीं हो सका है। नगर निगम को इसके लिए 390 नई गाड़ियां आने का इंतजार है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भी इसके लिए फटकार लगा चुका है। प्लास्टिक वेस्ट बायलॉज पर भी एनजीटी में जवाब देना है।
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प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज-2020 के तहत प्लास्टिक वेस्ट को कूडे़ से अलग नहीं करने पर 5500 रुपये का जुर्माना देना होगा। घर से ही पूरे प्लास्टिक वेस्ट को अलग कर कूड़ा उठाने वाले को देना होगा। जुर्माना लगने के 10 दिन के अंदर इसका भुगतान भी करना होगा। भुगतान नहीं करने पर जुर्माने की रकम पानी के बिल या प्रॉपर्टी टैक्स में जोड़कर भेजी जाएगी। भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन भी काटने का प्रावधान है। निगम हाउस में इस ड्राफ्ट को पास कर लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट के पास नोटिफिकेशन के लिए भेजा गया था। वहां से नोटिफिकेशन होने के बाद नगर निगम ने 15 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक लोगों से सुझाव व आपत्तियां मांगी गई थीं। इसमें समस्या समाधान टीम ने सुझाव दिया है कि दूध को प्लास्टिक की थैली में न देकर कांच की बोतल में दिया जाए। साथ ही दूध के एटीएम लगाए जाएं ताकि कम से कम प्लास्टिक का उपयोग हो। अब कमेटी इस सुझाव पर चर्चा कर अंतिम नोटिफिकेशन के लिए प्रशासन को सुझाव भेजेगी।
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कम्युनिटी सेंटर में बनेंगे कलेक्शन सेंटर
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज के तहत प्लास्टिक वेस्ट को अलग रखना होगा। प्लास्टिक वेस्ट इकट्ठा करने के लिए शहर के कम्युनिटी सेंटर में कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। यहां से कलेक्शन के बाद इसे प्रोसेस के लिए प्लांट भेजा जाएगा। बायलॉज के लागू होने के बाद प्लास्टिक कैरी बैग पर पूरी तरह से पाबंदी लगेगी। इसके अलावा प्लास्टिक प्लेट, स्ट्रॉ, चम्मच सहित प्लास्टिक मेड बर्तनों के इस्तेमाल पर रोक होगी। स्ट्रीट वेंडर भी प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करेंगे।
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सड़क और फ्यूल बनाने में होगा प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग
कूड़े से अलग करके आए प्लास्टिक को प्रोसेस करने के लिए नगर निगम को अलग से प्लांट लगाना होगा। इस प्लास्टिक की री-साइक्लिंग नहीं होगी। प्लास्टिक को प्रोसेस करने के बाद जो सामग्री आएगी, उसका प्रयोग सड़कों की मरम्मत में किया जाएगा। अभी कुछ सड़कों पर निगम ने प्लास्टिक का प्रयोग भी किया था।
बायलॉज पहले ही हो चुका है नोटिफाइड
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज पहले ही नोटिफाई हो चुका है, जिसमें गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करना अनिवार्य है। हालांकि अभी पूरे शहर में यह शुरू नहीं हो सका है। नगर निगम को इसके लिए 390 नई गाड़ियां आने का इंतजार है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भी इसके लिए फटकार लगा चुका है। प्लास्टिक वेस्ट बायलॉज पर भी एनजीटी में जवाब देना है।