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अलविदा मिग-21: दंग कर देगी विमानों की फॉर्मेशन, आसमान में विदाई... जगुआर के साथ मिग करेगा कॉम्बैट एयर फ्लाई
Fri, 26 Sep 2025 08:59 AM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Fri, 26 Sep 2025 08:59 AM IST
सार
चंडीगढ़ वायुसेना स्टेशन से शुक्रवार यानी आज मिग-21 को विदाई दी जाएगी। चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन 12 विंग का एयरबेस और आसमान दोनों ही इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
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एयरफोर्स स्टेशन चंडीगढ़ में रिहर्सल।
- फोटो : अमर उजाला (फाइल)
विस्तार
एयरफोर्स के सबसे खतरनाक फाइटर जेट रहे मिग-21 को यादगार विदाई कैसे देनी है इसकी तैयारियां व्यापक स्तर पर की गई हैं। चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन 12 विंग का एयरबेस और आसमान दोनों ही इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
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मिग भी पहुंच चुके हैं और उनके स्वागत के लिए अन्य टीमें भी। खास मेहमान भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। उसके बाद इस जंगी जहाज को आखिरी सलामी देकर एयरफोर्स के बेड़े से बाहर कर दिया जाएगा। इन पलों को ऐतिहासिक बनाने के लिए जहां विभिन्न एयर शो आसमान में दिखेंगे, वहीं आकाशगंगा के स्काई डाइवर्स की टीम भी खतरनाक कारनामे दिखाएंगे। आगरा से पहुंचे यह स्काई डाइवर्स एएन-32 विमान से 8000 फीट की ऊंचाई से तिरंगा व इंडियन एयरफोर्स के फ्लैग लेकर कूदेंगे और मिग-21 को स्काई सैल्यूट करेंगे।
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इसके अलावा मिग-21 और सूर्यकिरण एरोबेटिक की टीम विभिन्न फाॅर्मेशन बनाकर दर्शकों को दंग कर देगी। अपनी अलविदा उड़ान में मिग-21 दो हैरतअंगेज पैंथर्स और विक फार्मेशन में दिखेंगे। इन्हें दो तेजस विमान एस्कार्ट करेंगे जबकि पीछे तिरंगा धुआं छोड़ती सूर्यकिरण के हॉक एमके-132 जेट विमानों की टीम होगी।
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इसके अलावा सूर्यकिरण की टीम करीब 25 मिनट तक आसमान में खतरनाक पैंतरेबाजी दिखाएगी। विमानों की लाइन ब्रस्ट फॉर्मेशन, एक्लॉन फार्मेशन, स्काई, बिग व स्मॉल डायमंड फाॅर्मेशन भी हैरान करेंगी। इनके अलावा सूर्यकिरण के विमानों की आसमान में धुएं से हार्ट एरो बनाकर मिग को दी जाने वाली आखिरी सलामी भी बहुत खास होगी। उसके बाद सभी विमान एयरबेस पर लौट आएंगे।
जगुआर भी अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से पहुंचे चंडीगढ़
एक लड़ाकू विमान की कॉम्बैट एयर फ्लाई सबसे अहम मानी जाती है। इसका मतलब आमतौर पर लड़ाकू विमानों की उड़ान या युद्धक वायुसेना के संचालन से होता है। इनमें एयर वॉर, सामरिक उड़ानें और कुछ लड़ाकू मिशन शामिल होते हैं। मिग-21 अपनी अंतिम प्रतीकात्मक काॅम्बैट एयर फ्लाई जगुआर के साथ करेगा। इसके लिए जगुआर भी अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। आसमान में भिड़ते हुए इन दोनों विमानों का नजारा दांतों तले अंगुली चबाने के लिए मजबूर कर देगा। इस दौरान मिग-21 लड़ाकू विमान जगुआर को इंटरसेप्ट करते हुए दिखेगा।