{"_id":"591ed4024f1c1b8c358b456d","slug":"mewat-biryani-controversy-hearing-in-delhi-rohini-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानूनी फेर में फंसी मेवात की बीफ बिरयानी, अब मामला दिल्ली पहुंच गया है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानूनी फेर में फंसी मेवात की बीफ बिरयानी, अब मामला दिल्ली पहुंच गया है
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 19 May 2017 04:46 PM IST
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बिरयानी के नाम पर बीफ
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हरियाणा के मेवात जिले की बीफ बिरयानी में गोमांस होने को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामला अब दिल्ली पहुंच गया है। लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज हिसार के बिरयानी में गोवंश होने की पुष्टि करने के बाद लगभग डेढ़ सप्ताह बाद भी सरकार की ओर से कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है, जिसे देखते हुए एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के मास्टर ट्रेनर और पीपुल्स फार एनिमल की हरियाणा इकाई के आजीवन चेयरमैन नरेश कादियान ने दिल्ली के रोहिणी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
कादियान ने मेवात के फिरोजपुर झिरका में सात बिरयानी विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने पर रोहिणी के प्रशांत विहार थाने में ही जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी, इसलिए अब उन्होंने केस भी रोहिणी कोर्ट में ही दायर किया है। शुक्रवार को दो बजे रोहिणी के कोर्ट नंबर 110 में इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। नरेश कादियान ने बताया कि उन्हें न्याय की पूरी उम्मीद है। हरियाणा सरकार तो हिसार यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट आने के बाद से ही तुष्टिकरण का रवैया अपनाए हुए है।
अभी तक फिरोजपुर झिरका के उन सात बिरयानी विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, जिनके यहां से बीते वर्ष 24 अगस्त को मांस के टुकड़े जांच के लिए एकत्रित किए गए थे। इनमें गोमांस की पुष्टि होने के बावजूद कार्रवाई न होना मामले में राजनीतिक दखल की ओर इशारा कर रहा है। गो प्रकोष्ठ के इंस्पेक्टर को जांच देकर कर्तव्य से इतिश्री कर ली गई है। सीएम विंडो की शिकायत पर भी अभी कोई कदम नहीं उठाया गया है। सरकार ने 15 मई से प्रदेश में मांस की अवैध दुकानें बंद करने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन मेवात में आज भी बीफ बिरयानी खुले तौर पर बेची जा रही है।
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कादियान ने मेवात के फिरोजपुर झिरका में सात बिरयानी विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने पर रोहिणी के प्रशांत विहार थाने में ही जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी, इसलिए अब उन्होंने केस भी रोहिणी कोर्ट में ही दायर किया है। शुक्रवार को दो बजे रोहिणी के कोर्ट नंबर 110 में इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। नरेश कादियान ने बताया कि उन्हें न्याय की पूरी उम्मीद है। हरियाणा सरकार तो हिसार यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट आने के बाद से ही तुष्टिकरण का रवैया अपनाए हुए है।
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अभी तक फिरोजपुर झिरका के उन सात बिरयानी विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, जिनके यहां से बीते वर्ष 24 अगस्त को मांस के टुकड़े जांच के लिए एकत्रित किए गए थे। इनमें गोमांस की पुष्टि होने के बावजूद कार्रवाई न होना मामले में राजनीतिक दखल की ओर इशारा कर रहा है। गो प्रकोष्ठ के इंस्पेक्टर को जांच देकर कर्तव्य से इतिश्री कर ली गई है। सीएम विंडो की शिकायत पर भी अभी कोई कदम नहीं उठाया गया है। सरकार ने 15 मई से प्रदेश में मांस की अवैध दुकानें बंद करने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन मेवात में आज भी बीफ बिरयानी खुले तौर पर बेची जा रही है।
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