फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Metro is once again in crisis: Administrator seeks comparative report on ridership and financial burden

चंडीगढ़ मेट्रो पर संकट के बादल: यूएमटीए की बैठक में प्रशासक ने मांगी सवारी-वित्तीय बोझ की तुलनात्मक रिपोर्ट

Tue, 03 Sep 2024 07:17 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 03 Sep 2024 07:17 AM IST
सार

ट्राइसिटी के लिए दो चरणों में लगभग 154.5 किलोमीटर तक फैले मेट्रो ट्रेन नेटवर्क पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। चरण-एक के तहत ट्राइसिटी में 85.65 किलोमीटर का मार्ग प्रस्तावित किया गया है, जिसमें चंडीगढ़ के हेरिटेज सेक्टरों में 16.5 किलोमीटर भूमिगत मार्ग शामिल है।

विज्ञापन
Metro is once again in crisis: Administrator seeks comparative report on ridership and financial burden
metro - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में मेट्रो प्रोजेक्ट पर फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सोमवार को मेट्रो परियोजना के लिए बनाई गई यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (यूएमटीए) की तीसरी बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने पहली बार की। उन्होंने विभिन्न विभागों की प्रेजेंटेशन देखी और फिर मेट्रो की व्यवहार्यता को लेकर सवाल जवाब किए। 

विज्ञापन


प्रशासक ने सवारियों की संख्या और आने वाले खर्च को लेकर तुलनात्मक रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए हैं। बैठक में एमआरटीएस के लिए ‘विकल्प विश्लेषण रिपोर्ट’ और ‘भू-तकनीकी जांच रिपोर्ट’ पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान जयपुर मेट्रो का भी जिक्र हुआ, जिसे बनाने में हजारों करोड़ लगे लेकिन वहां कई बार कम सवारी होने की बात सामने आती है इसलिए प्रशासन ने अधिकारियों को आदेश दिए कि वह चंडीगढ़ ट्राइसिटी में मेट्रो की बेहतर योजना के लिए समान आकार के शहरों के लिए वित्तीय/आर्थिक व सवारियों की व्यवहार्यता की जांच करें, जहां मेट्रो का संचालन किया गया है। इसके लिए एक कमेटी का भी गठन किया गया है, जो ये रिपोर्ट तैयार करेंगे। 
विज्ञापन


बैठक में ट्राइसिटी के लिए दो चरणों में लगभग 154.5 किलोमीटर तक फैले मेट्रो ट्रेन नेटवर्क पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। चरण-एक के तहत ट्राइसिटी में 85.65 किलोमीटर का मार्ग प्रस्तावित किया गया है, जिसमें चंडीगढ़ के हेरिटेज सेक्टरों में 16.5 किलोमीटर भूमिगत मार्ग शामिल है।

विज्ञापन
विज्ञापन

दो डिब्बों की मेट्रो को चलाने का प्रस्ताव 

प्रस्तुति के दौरान जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई, उनमें सवारियों का अनुमान, भू-तकनीकी जांच, वैकल्पिक विश्लेषण, एमआरटीएस प्रणाली का प्रकार, डिपो भूमि की आवश्यकता आदि शामिल थे। परियोजना सलाहकार-राइट्स द्वारा तैयार वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार ट्राइसिटी के लिए 2 कोच मेट्रो को सबसे व्यवहार्य एमआरटी प्रणाली पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार चरण-दो कॉरिडोर पर काम 2032 तक पूरा हो जाएगा, जिसमें ओवरहेड और भूमिगत नेटवर्क दोनों होंगे। इस विषय पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और निर्णय लिया गया कि इस मामले में आवश्यक जांच के बाद अगली बैठक एक माह बाद आयोजित की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed