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Chandigarh News: डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग महिला पर बनाया मानसिक दबाव, 2.5 करोड़ ठगे
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चंडीगढ़। सेक्टर-10ए में महिला आर्किटेक्ट को डिजिटल अरेस्ट कर लगभग 2.5 करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। शातिरों ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और सुप्रीम कोर्ट का वरिष्ठ अधिकारी बताकर महिला को कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर मानसिक दबाव में रखा। साइबर अपराधियों ने महिला से रकम खाते में ट्रांसफर करवा ली। महिला की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि 3 मई को उन्हें एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग हुआ है। इस संबंध में उन पर एफआईआर दर्ज है। कॉलर ने खुद को ट्राई का अधिकारी बताया और आगे की जांच के लिए एक पुलिस अधिकारी से बात करवाने को कहा। इसके बाद महिला को व्हाट्सएप कॉल के जरिए एक व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने खुद को जांच अधिकारी विजय खन्ना बताया। फिर एक वीडियो कॉल में उन्हें छह अन्य लोगों के साथ जोड़ा गया, जिनमें से एक व्यक्ति ने खुद को राज रंजन, डीआईजी सीबीआई बताया।
इस कॉल के दौरान महिला को फर्जी गिरफ्तारी वारंट दिखाए गए और उन्हें बताया गया कि उनका नाम जेट एयरवेज के सीईओ नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है। उन्हें यह भी बताया गया कि उनके नाम से कैनरा बैंक, मुंबई में एक खाता खुला है, जिसका उपयोग अपराध में हो रहा है। जालसाजों ने महिला को सीबीआई की गोपनीय जांच का हवाला देकर धमकी दी कि वे इस बारे में किसी को नहीं बताएंगी, जिससे महिला पर और दबाव बन गया।
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महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि 3 मई को उन्हें एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग हुआ है। इस संबंध में उन पर एफआईआर दर्ज है। कॉलर ने खुद को ट्राई का अधिकारी बताया और आगे की जांच के लिए एक पुलिस अधिकारी से बात करवाने को कहा। इसके बाद महिला को व्हाट्सएप कॉल के जरिए एक व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने खुद को जांच अधिकारी विजय खन्ना बताया। फिर एक वीडियो कॉल में उन्हें छह अन्य लोगों के साथ जोड़ा गया, जिनमें से एक व्यक्ति ने खुद को राज रंजन, डीआईजी सीबीआई बताया।
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इस कॉल के दौरान महिला को फर्जी गिरफ्तारी वारंट दिखाए गए और उन्हें बताया गया कि उनका नाम जेट एयरवेज के सीईओ नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है। उन्हें यह भी बताया गया कि उनके नाम से कैनरा बैंक, मुंबई में एक खाता खुला है, जिसका उपयोग अपराध में हो रहा है। जालसाजों ने महिला को सीबीआई की गोपनीय जांच का हवाला देकर धमकी दी कि वे इस बारे में किसी को नहीं बताएंगी, जिससे महिला पर और दबाव बन गया।
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