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अधिकारियों से अनिल विज बोले-गब्बर इज बैक, अंबाला में रहना है तो काम करना पड़ेगा
Fri, 15 Nov 2019 11:45 AM IST
ajay kumar
उमेश भार्गव, अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)
उमेश भार्गव, अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 15 Nov 2019 11:45 AM IST
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अनिल विज (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कैबिनेट मंत्री बनने के बाद मंत्रालय मिलने से पहले कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए अनिल विज ने कहा कि मैंने कभी भी पार्टी में पद नहीं मांगा। मांगना अनिल विज की प्रवृति नहीं है। हां मैंने मुख्यमंत्री जी को यह जरूर कहा है कि वह उन्हें जहां भी खड़ा करेंगे वहीं से छक्का लगाऊंगा। विज ने कहा कि यह बात मैंने केवल आपके दम पर ही कही है। क्योंकि मुझे आप सभी पर भरोसा है।
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विज ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि जो भी अंबाला के विकास में बाधा बनेगा उसे अंबाला में रहने नहीं दूंगा और जो विकास में सहयोग करेगा उसे मान भी देंगे सम्मान भी देंगे। विज ने कहा कि इस बार तो सारी पार्टियां मुझे हराने के लिए एकजुट हो गई थी लेकिन आपके दम पर ही मैंने छठी जीत दर्ज की।
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गब्बर इज बैक
कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद जब पत्रकारों ने विज से सवाल किया कि आपको पूरे प्रदेश में गब्बर के नाम से जाना जाता है क्या अब भी गब्बर की छवि बरकरार रहेगी तो इसके जवाब में विज बोले गब्बर इज बैक।
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अनिल विज का प्रोफाइल
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से एसडी कालेज में पढ़ते हुए छात्र राजनीति की शुरुआत की।
- 1970 में पहली बार एबीवीपी के महासचिव बने।
- 1974 में स्टेट बैंक आफ इंडिया में नौकरी ज्वॉइन की।
- 1990 में विधायक सुषमा स्वराज को यहां से राज्यसभा में मनोनीत करने के कारण यह सीट खाली हुई।
- 1991 में नौकरी से इस्तीफा देकर पहला चुनाव भाजपा की टिकट से लड़ते हुए जीत दर्ज कराई।
- जीतने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा का स्टेट प्रधान बनाया गया।
- पार्टी से संबंध खराब होने के बाद 1996 फिर 2000 में आजाद उम्मीदवार खड़े हुए और जीत दर्ज की।
- 2005 में कांग्रेस के देवेंद्र बंसल से थोड़े से मार्जन से हार गए।
- 2009 में दोबारा भाजपा ज्वाइन की और छावनी विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक बने।
- 2014 में भाजपा ने इन पर फिर भरोसा दिखाया और विज यहां से जीतकर स्वास्थ्य मंत्री बने।
- 2019 में छठी जीत के साथ उनका कद भी बढ़ गया और गृह, स्वास्थ्य के साथ कई मंत्रालय विज को दे दिए गए।