गजब, कंप्यूटर की 'बाप' है 5 साल की बच्ची
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जो लोग गर्भ में ही बेटी को मार देते हैं, उनके लिए सीख है बाघोत की पांच वर्षीय रेनु। सामान्य ज्ञान की बात की जाए तो पांच साल के बच्चे को अपने आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों के नाम भी पता नहीं होते हैं, मगर रेनु को 10 हजार से ज्यादा सवाल टिप्स पर याद हैं। जैसे ही कोई सवाल करता है, वह तुरंत जवाब देती है।
देश ही नहीं बल्कि विदेशों के बारे में भी उसके सामान्य ज्ञान का कोई सानी नहीं है। इतना ही नहीं जिस स्कूल में रेनु पढ़ती है, वहां उसकी फीस माफ की गई है तथा उसकी पढ़ाई का पूरा खर्चा भी स्कूल द्वारा ही उठाया जाता है। आलम यह है कि लोग रेनु को गूगल ब्वॉय कौटिल्य की छोटी बहन कहने लगे हैं।
मेहनत-मजदूरी कर परिवार का गुजारा चलाने वाले बाघोत निवासी ताराचंद के घर पांच साल पहले जब बेटी पैदा हुई तो उसने सोचा भी नहीं था कि यही बेटी एक दिन उनका नाम रोशन करेगी। उसे चिंता होती थी कि वह पूरा दिन टीवी के सामने ही बैठी रहती है।
किताबों से चिपकी रहती है दिनभर
रेनु के पिता ताराचंद ने बताया कि वह और उसकी पत्नी बबीता दोनों अनपढ़ हैं। उन्हें नहीं पता कि उनकी बेटी रेनु इतनी होशियार कैसे है। उसने बताया कि वह दिनभर किताब पढ़ती रहती है। टीवी देखती रहती है। किसी के घर के बाहर अगर उसे अखबार पड़ा मिल जाए तो वह उसे पूरा पढ़ती है। उसकी खेलने में कोई रुचि नहीं है।
बिजली जाने पर टार्च से पढ़ती है
मां बबीता कहती है कि रेनु को अगर पढ़ने के लिए किताब मिल जाए तो फिर भले ही उसे खाना मत दो। वह इस बात का ध्यान भी नहीं रखती है। वह अलग चारपाई पर सोती है तथा अपने साथ टार्च रखती है। अगर रात को बिजली चली जाए तो टार्च जलाकर पढ़ना शुरू कर देती है।
कुछ दिन पहले टार्च नहीं जली तो एक कटोरी में तेल डालकर तथा बात बनाकर रातभर पढ़ती रही। वो रात को उसे पढ़ता हुआ छोड़कर सो जाते हैं और जब सुबह उठते हैं तो वह किताबों से चिपकी हुई ही मिलती है।
राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय खबरों की जानकारी रखती है
तीन साल की उम्र से ही उसकी अनोखी प्रतिभा का अहसास होने लगा था। वह टीवी पर आने वाली बातों को दोहराती थी। अब रेनु वर्तमान में होने वाली हर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं की जानकारी रखती है।
देश के प्रधानमंत्री से लेकर देश के राज्यों, उनकी राजधानी, मुख्यमंत्री के बारे में उसे जानकारी है। पूछने वाले के मुंह से सवाल पूरा नहीं होता और वो जवाब दे देती है। वह रेवाड़ी के सीबीआर स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ती है। पहले वह एलकेजी में थी, मगर उसकी प्रतिभा व ज्ञान को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने उसे पहली कक्षा में शिफ्ट कर दिया।
स्कूल संचालक नरसिंह ने बताया कि स्कूल के सभी अध्यापक व बच्चे रेनु से प्रभावित हैं। उसकी प्रतिभा व आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसकी स्कूल फीस माफ की गई है तथा उसकी किताबों से लेकर वर्दी का पूरा खर्चा स्कूल द्वारा ही वहन करता है।