एमसी चुनाव : लोगों से जुड़े मुद्दे भूले, सब पर भारी नोटबंदी
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नगर निगम चुनाव में नोटबंदी सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। जबकि लोगों से जुड़े मुद्दों की चर्चा नहीं हो रही है। कांग्रेस, भाजपा और बसपा की जनसभाओं में इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ जनता के सामने रख रहे हैं।
जो स्टारक प्रचारक आ रहे हैं उनके भाषण का केंद्रबिंदु भी नोटबंदी ही है। कांग्रेस और बसपा नोटबंदी के कारण लोगों को हो रहीं परेशानियों को उठा कर वोट बटोरने का प्रयास कर रहीं हैं तो भाजपा नोटबंदी के भविष्य में होने वाले फायदों को गिनाकर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रही है।
परिणाम बताएंगे नोटबंदी से लोग कितने खुश
इस समय शहर की बैंकों के बाहर नोट निकलवाने के लिए लंबी लाइनें लगी हैं, लेकिन चंडीगढ़ के लोग नोटबंदी के फैसले को किस तरह से ले रहे हैं। इसका जवाब नगर निगम चुनाव के परिणाम ही बताएंगे। 18 को मतदान के बाद 20 को परिणाम आएगा।
भाजपा अब भी घोटाले उठा रही
नोटबंदी का नुकसान न हो ऐसे में भाजपा के नेता कांग्रेस के कार्यकाल में हुए घोटालों को उठा रही है। यह घोटाले भाजपा ने पिछले नगर निगम चुनाव में भी उठाए थे। भाजपा के नेता रेल गेट और बूथ घोटाले को भी उठा रही है।
भाजपा नेता गिना रहे नोटबंदी के फायदे
नोटबंदी के फैसले से थोड़ी परेशानी जरूर आ रही है, लेकिन इसके फायदे आम लोगों को अगले कुछ दिनों में मिलने शुरू हो जाएंगे। शहरवासी यह महसूस कर रहे है कि काला धन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कदम ऐतिहासिक है। -संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
नोटबंदी से हर वर्ग परेशान है। बच्चों की स्कूल फीस नहीं भरी जा रही है। मरीज इलाज नहीं करवा पा रहे हैं। कारोबार पूरी तरह से ठप्प हो गया है। यह बात भाजपा को पता चल गई है कि नोटबंदी ने उन्हें चुनाव हरवा देगी।
इसलिए अब वह अपने केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राष्ट्रीय नेताओं को चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में उतार रही है। लेकिन इसका फायदा उन्हें नहीं मिलेगा। -प्रदीप छाबड़ा, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
नोटबंदी से कारोबार सिर्फ 20 प्रतिशत रह गया है। कारोबार में भारी मंदी है। अभी लोग खाने-पीने का सामान खरीदने के लिए पैसे का जुगाड़ कर रहे हैं। व्यापारियों को जल्द सुधार की उम्मीद है। -संजय सहगल, महासचिव, ज्वेलर्स एसोसिएशन