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Chandigarh: नहीं होगी दोपहिया वाहनों की पार्किंग मुफ्त, मेयर ने की थी घोषणा, अफसरों ने मंजूरी ही नहीं दी
Fri, 01 Dec 2023 02:03 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 01 Dec 2023 02:03 AM IST
सार
दोपहिया वाहनों की फ्री पार्किंग के मुद्दे पर हाल में हुई सदन की बैठक में भी हंगामा हुआ था। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने कहा था फैसला अच्छा है लेकिन उन्होंने अकेले यह फैसला कैसे लिया। पूछा गया कि बिना एजेंडा पास किए वह इस तरह की घोषणा कैसे कर सकते हैं।मेयर की इस घोषणा के बाद से ही पार्टी के अंदर और बाहर फैसले के खिलाफ विरोध के स्वर उठने लगे थे।
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Chandigarh Parking
विस्तार
एक दिसंबर से चंडीगढ़ में दोपहिया वाहनों की फ्री पार्किंग पर नगर निगम और मेयर अनूप गुप्ता ने यू-टर्न ले लिया है। दिवाली के दिन घोषणा करने हुए कहा गया था कि यह जनता के लिए दिवाली का गिफ्ट है लेकिन उनके आदेश एक दिसंबर से लागू नहीं होंगे। बताया जा रहा है कि सभी पार्षद और अधिकारी इस फैसले से सहमत नहीं हैं। हालांकि मेयर अनूप गुप्ता का कहना है कि फ्री पार्किंग के आदेश जल्द ही जारी हो जाएंगे।
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दिवाली की पूर्व संध्या पर मेयर ने नगर निगम की ओर से संचालित शहर की सभी पार्किंग में दोपहिया वाहनों की पार्किंग एक दिसंबर से मुफ्त करने की घोषणा की थी। नगर निगम के आधिकारिक मीडिया ग्रुप में इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई थी।
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इसमें लिखा था कि सदन ने दोपहिया वाहनों के लिए मुफ्त पार्किंग के एजेंडे को मंजूरी दे दी है। अभी वह टेंडर होना है। ऐसे में लोगों को लाभ मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए इसलिए एक दिसंबर से दोपहिया वाहनों को पार्किंग शुल्क से देने से छूट दी जाएगी।
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उठने लगे थे विरोध के स्वर
मेयर की इस घोषणा के बाद से ही पार्टी के अंदर और बाहर फैसले के खिलाफ विरोध के स्वर उठने लगे थे। निगम और प्रशासन के अधिकारी भी इस फैसले से सहमत नहीं थे इसलिए अब तक इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी नहीं किए गए। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं।
कुछ लोगों का कहना है कि मेयर ने निगम के अधिकारियों और सभी पार्षदों को विश्वास में नहीं लिया। कुछ लोगों का मानना है कि पार्किंग फ्री करना एक प्रशासनिक फैसला है और इसकी पावर नगर निगम की आयुक्त के पास होता है। इस विवाद में ही लोग एक दिसंबर से मुफ्त पार्किंग से वंचित रह जाएंगे।
निगम खुद चला रहा सभी पार्किंग
बता दें कि वर्तमान में निगम खुद सभी पार्किंग चला रहा है। दोपहिया वाहन की पार्किंग के लिए लोगों को सात रुपये चुकाने पड़ते हैं। अधिकारियों का कहना है पार्किंग फ्री करने से निगम को काफी वित्तीय नुकसान होगा।
सदन में भी हुआ था हंगामा
दोपहिया वाहनों की फ्री पार्किंग के मुद्दे पर हाल में हुई सदन की बैठक में भी हंगामा हुआ था। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने कहा था फैसला अच्छा है लेकिन उन्होंने अकेले यह फैसला कैसे लिया। पूछा गया कि बिना एजेंडा पास किए वह इस तरह की घोषणा कैसे कर सकते हैं। इस पर मेयर ने कहा था कि पिछली बैठक में पार्किंग का जो एजेंडा पास किया गया, उसमें दोपहिया वाहन की पार्किंग को फ्री करने की बात थी। हालांकि आप पार्षद नहीं माने और उन्होंने कहा कि मेयर सभी फैसले खुद नहीं ले सकते हैं। उन्हें सदन में इस पर चर्चा करनी चाहिए थी।
दिवाली के बाद पार्किंग का टेंडर करने का आयुक्त ने किया था दावा
नगर निगम स्मार्ट पार्किंग परियोजना पर काम कर रहा है। सभी पार्किंग में बूम बैरियर लगाए जाएंगे, जो फास्ट टैग को स्कैन करने पर अपने आप खुल जाएंगे। निकासी के समय जितने समय गाड़ी पार्किंग में खड़ी हुई होगी, उसके हिसाब से फास्ट टैग से पैसे कट जाएंगे। इसके लिए 12 कंपनियों के साथ बैठक भी हुई है। अब रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार किया जा रहा है। नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने दावा किया था कि दिवाली के बाद या नवंबर महीने के अंत तक पार्किंग का टेंडर जारी कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
प्रशासनिक कारणों की वजह से फ्री पार्किंग के लिए आदेश जारी नहीं हो पाए। लोगों को फ्री पार्किंग का लाभ मिलेगा। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी किए जाएंगे। - अनूप गुप्ता, मेयर