मेयर चुनाव: सांसद किरण खेर की प्रतिष्ठा दांव पर
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किरण खेर के लिए इस बार की जीत प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। वह इसलिए, क्योंकि किरण खेर ही हीरा नेगी को मेयर उम्मीदवार बनाने के लिए लॉबिंग कर रही थीं और उनकी ही पसंद पर पार्टी हाईकमान ने नेगी को टिकट दिया। वहीं, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन आशा जसवाल को टिकट दिलाना चाहते थे। सांसद किरण खेर रविवार को शहर लौट आई थीं। सोमवार को उन्होंने भी अपने प्रत्याशियों के लिए काफी प्रचार किया।
मेयर चुनाव में भाजपा के लिए क्रॉस वोटिंग रोकना सबसे बड़ी चुनौती है, इसलिए पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए चुनाव से ठीक एक दिन पहले पार्टी की कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई।
बैठक में सांसद किरण खेर के अलावा पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, संगठन मंत्री अजय जमवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन और सभी पार्षद उपस्थित थे। पंजाब भाजपा कार्यालय सेक्टर-37 में हुई बैठक में पार्टी के सभी नेताओं ने चुनाव संबंधी रूपरेखा तैयार की। बैठक में सभी पार्षदों को एकजुट करने पर भी चर्चा हुई।
कांग्रेस ने भी बनाई रणनीति
कांग्रेस पार्षदों ने भी होटल प्रेसीडेंट, सेक्टर-26 में बैठक की। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष बीबी बहल और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल भी मौजूद थे।
पार्टी के सीनियर डिप्टी मेयर उम्मीदवार सतीश कैंथ ने बताया कि चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। कैंथ के मुताबिक, उन्हें उम्मीद है कि मनोनीत पार्षदों का पूरा सहयोग मिलेगा।
कैंथ ने कहा कि डिप्टी मेयर रहते हुए उन्होंने मनोनीत पार्षदों को वार्ड फंड देने का मुद्दा भी उठाया था। कैंथ ने कहा कि वे सीनियर डिप्टी मेयर चुने जाते हैं तो दोबारा यह मुद्दा उठाएंगे।