चंडीगढ़ को आज मिलेगा नया मेयर, देवेश मोदगिल का जीतना लगभग तय
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हालांकि मोदगिल के मेयर बनने की उम्मीद ज्यादा है क्योंकि 27 में से 23 वोट भाजपा के समर्थन में हैं। इनमें भाजपा के 20 पार्षद, अकाली के एक, सांसद और निर्दलीय का एक-एक वोट शामिल है। मंगलवार 12 बजे तक नया मेयर सदन में अपनी कुर्सी संभाला लेगा। मतदान करने के लिए सांसद किरण खेर भी आ रही हैं। चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को 14 वोट की जरूरत है, जबकि वर्तमान मेयर आशा जसवाल और रवि कांत शर्मा ने मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। उन्होंने सोमवार को नामांकन वापस ले लिया है।
नामांकन वापस करने का पत्र आशा जसवाल और रवि कांत शर्मा ने अतिरिक्त कमिश्नर एवं सचिव सौरभ मिश्रा को दिया। ऐसे में अब बैलेट पेपर पर आशा जसवाल और रवि कांत का नाम प्रिंट नहीं होगा। जब नामांकन वापस लेने के लिए आशा और रवि गए तब उनके साथ भाजपा के मेयर पद के उम्मीदवार देवेश मोदगिल और सीनियर डिप्टी मेयर के उम्मीदवार गुरप्रीत ढिल्लो भी मौजूद रहे।
किस-किस के बीच होगा मुकाबला
किस-किस के बीच होगा मुकाबला
पद पार्टी उम्मीदवार
मेयर भाजपा देवेश मोदगिल
कांग्रेस देवेंद्र सिंह बबला
सीनियर डिप्टी मेयर भाजपा गुरप्रीत ढिल्लो
कांग्रेस शीला फूल सिंह
डिप्टी मेयर भाजपा विनोद अग्रवाल
कांग्रेस रविंदर कौर गुजराल
मेयर को यह मिलती है सुविधा
मेयर को सेक्टर-24 में सरकारी आलीशान घर के अलावा सरकारी गाड़ी मिलती है। मेयर को दो सुरक्षाकर्मी के अलावा कार का सरकारी चालक मिलता है। घर पर काम करने के लिए दो सेवादार भी मिलते हैं। मेयर का अधिकारियों में दबदबा भी रहता है।
नगर निगम में जो भी वित्त एवं अनुबंध कमेटी और सदन में प्रस्ताव पास होने के लिए आता है, वह मेयर के माध्यम से ही आता है। मेयर किसी भी प्रस्ताव को रोक भी सकता है। मेयर को हर साल दो करोड़ रुपये का फंड मिलता है, जो वह पूरे शहर के विकास में खर्च कर सकता है, जबकि सीनियर डिप्टी मेयर को 20 लाख और डिप्टी मेयर को 10 लाख रुपये का फंड मिलता है।
इसके अलावा हर माह 25 हजार रुपये का मानदेय मिलता है। सांसद के बाद मेयर का पद ही शहर में अहम है। मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है, जबकि सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के पास कोई अधिकार नहीं होता है। सुविधा के नाम पर सिर्फ उन्हें नगर निगम में कमरा मिलता है, लेकिन उनके पास कोई फाइल नहीं आती है। पार्षद कई बार सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के लिए सरकारी गाड़ी की मांग कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन यह मांग खारिज कर चुका है।