{"_id":"5740bbed4f1c1be71fac7a7c","slug":"mayor-arun-sood-animal-catcher-surendra-bagga-nagar-nigam-chandigarh-nagar-nigam-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"पशुओं को पकड़ने वाली टीम पर उठे सवाल, बदलने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पशुओं को पकड़ने वाली टीम पर उठे सवाल, बदलने की मांग
ब्यूरो,अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Sun, 22 May 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
जानवर
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ की सड़कों पर बढ़ रहे लावारिस पशुओं को लेकर मनोनीत पार्षद सुरेंद्र बग्गा ने मेयर अरुण सूद को पत्र लिखा है। बग्गा ने इन पशुओं को पकड़ने वाली निगम की एमओएच विंग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसानों के पशु रात के समय सड़कों पर छोड़ दिए जाते हैं, जब टीमों को इन पशुओं को पकड़ने के लिए कार्रवाई करनी होती है तो किसानों को इसकी सूचना पहले ही दे दी जाती है।
बग्गा का कहना है कि इस मामले में ऊपर से लेकर नीचे के सभी कर्मचारी मिले हुए हैं। उनका आरोप है कि गोपनीय सूचना मिली है कि किसानों द्वारा इसके बदले में रिश्वत भी ली जाती है। बग्गा ने कहा कि लावारिस पशुओं को पकड़ने वाली टीम और अधिकारी को तत्काल प्रभाव से बदला जाए और उनकी जगह ईमानदार और प्रभावशाली कर्मचारियों को लगाया जाए।
पत्र में बग्गा ने कहा है कि नगर निगम को लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए नए स्टाफ और मशीनरी की जरूरत है। इन पशुओं के कारण शहर में सड़क हादसे हो रहे हैं। लावारिस पशुओं के कारण ग्रीन बेल्ट्स और पार्कों को भी नुकसान हो रहा है। इस कारण बीते सालों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
विज्ञापन
1 अप्रैल, 2013 को सेक्टर-45सी के 33 वर्षीय हरप्रीत सिंह सोढी की लावारिस पशु के कारण सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसी साल सेक्टर-49 के अविनाश और सेक्टर-46ए के आत्माराम की भी मौत हो चुकी है, लेकिन निगम ने किसी भी कर्मचारी और अधिकारी की जिम्मेवारी तय नहीं की। बग्गा ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जाए।
विज्ञापन
बग्गा का कहना है कि इस मामले में ऊपर से लेकर नीचे के सभी कर्मचारी मिले हुए हैं। उनका आरोप है कि गोपनीय सूचना मिली है कि किसानों द्वारा इसके बदले में रिश्वत भी ली जाती है। बग्गा ने कहा कि लावारिस पशुओं को पकड़ने वाली टीम और अधिकारी को तत्काल प्रभाव से बदला जाए और उनकी जगह ईमानदार और प्रभावशाली कर्मचारियों को लगाया जाए।
विज्ञापन
पत्र में बग्गा ने कहा है कि नगर निगम को लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए नए स्टाफ और मशीनरी की जरूरत है। इन पशुओं के कारण शहर में सड़क हादसे हो रहे हैं। लावारिस पशुओं के कारण ग्रीन बेल्ट्स और पार्कों को भी नुकसान हो रहा है। इस कारण बीते सालों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
विज्ञापन
1 अप्रैल, 2013 को सेक्टर-45सी के 33 वर्षीय हरप्रीत सिंह सोढी की लावारिस पशु के कारण सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसी साल सेक्टर-49 के अविनाश और सेक्टर-46ए के आत्माराम की भी मौत हो चुकी है, लेकिन निगम ने किसी भी कर्मचारी और अधिकारी की जिम्मेवारी तय नहीं की। बग्गा ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जाए।