{"_id":"650411e8cad7a4bc79061b4f","slug":"martyr-colonel-manpreet-singh-son-saluted-father-in-army-dress-in-mohali-2023-09-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"साहस की तस्वीर: शहीद कर्नल मनप्रीत को बेटे कबीर ने सेना की वर्दी में किया सलाम, मासूम को देख नम हुईं आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साहस की तस्वीर: शहीद कर्नल मनप्रीत को बेटे कबीर ने सेना की वर्दी में किया सलाम, मासूम को देख नम हुईं आंखें
Fri, 15 Sep 2023 03:27 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 15 Sep 2023 03:27 PM IST
सार
अंतिम विदाई से पहलि कर्नल मनप्रीत के चार साल के बेटे कबीर ने जब अपने पिता को सेल्यूट किया तो पूरा गांव सिसक उठा। कबीर ने सेना की वर्दी पहनी थी और बहुत ही गमगीन दिख रहा था। आसपास लोगों की भीड़ थी।
विज्ञापन
कर्नल मनप्रीत को सेल्यूट करता बेटा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मोहाली के कर्नल मनप्रीत सिंह अनंतनाग में आतंकियों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले इस महान सपूत का शुक्रवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। लोगों ने शहीद कर्नल मनप्रीत अमर रहे के नारे लगाए और नम आंखों से उन्हें विदाई दी।
यह भी पढ़ें: एक थे कर्नल मनप्रीत: जिद, जज्बा और जुनून की मिसाल... सिख लाइट इन्फेंट्री में भर्ती का किस्सा जानते हैं आप
विज्ञापन
अंतिम विदाई से पहलि कर्नल मनप्रीत के चार साल के बेटे कबीर ने जब अपने पिता को सेल्यूट किया तो पूरा गांव सिसक उठा। कबीर ने सेना की वर्दी पहनी थी और बहुत ही गमगीन दिख रहा था। आसपास लोगों की भीड़ थी। वह कभी मां की गोदी में चढ़ा तो कभी दादी के कंधे पर बैठ गया। शहीद कर्नल के शव के साथ आए सैन्य कर्मियों ने कबीर को दुलार किया और उससे बात की।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: एक थे कर्नल मनप्रीत: जिद, जज्बा और जुनून की मिसाल... सिख लाइट इन्फेंट्री में भर्ती का किस्सा जानते हैं आप
विज्ञापन
अंतिम विदाई से पहलि कर्नल मनप्रीत के चार साल के बेटे कबीर ने जब अपने पिता को सेल्यूट किया तो पूरा गांव सिसक उठा। कबीर ने सेना की वर्दी पहनी थी और बहुत ही गमगीन दिख रहा था। आसपास लोगों की भीड़ थी। वह कभी मां की गोदी में चढ़ा तो कभी दादी के कंधे पर बैठ गया। शहीद कर्नल के शव के साथ आए सैन्य कर्मियों ने कबीर को दुलार किया और उससे बात की।
पिता की शहादत के बाद भी गया था स्कूल
कर्नल मनप्रीत के बलिदान की खबर गुरुवार सुबह घरवालों ने उनकी पत्नी जगमीत कौर को दी थी। खबर सुनते ही लगा जैसे उनकी पूरी दुनिया उजड़ गई। देश की रक्षा के लिए अपना सुहाग कुर्बान करने वालीं जगमीत की आंखें भर आईं लेकिन खुद को जैसे-तैसे संभाला और चार साल के बेटे कबीर को रोज की तरह तैयार कर स्कूल भेजा। कबीर को भनक तक नहीं लगी कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।
कर्नल मनप्रीत सिंह की पत्नी जगमीत कौर मोरनी में शिक्षिका हैं। वह सात साल के बेटे कबीर और ढाई साल की बेटी वाणी के साथ पंचकूला के सेक्टर-26 में रहती हैं। कर्नल मनप्रीत की ससुराल भी पंचकूला में ही है। मनप्रीत वर्ष 2003 में सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल बने थे। वर्ष 2005 में उन्हें कर्नल के पद पर पदोन्नत किया गया था।
कर्नल मनप्रीत के बलिदान की खबर गुरुवार सुबह घरवालों ने उनकी पत्नी जगमीत कौर को दी थी। खबर सुनते ही लगा जैसे उनकी पूरी दुनिया उजड़ गई। देश की रक्षा के लिए अपना सुहाग कुर्बान करने वालीं जगमीत की आंखें भर आईं लेकिन खुद को जैसे-तैसे संभाला और चार साल के बेटे कबीर को रोज की तरह तैयार कर स्कूल भेजा। कबीर को भनक तक नहीं लगी कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।
कर्नल मनप्रीत सिंह की पत्नी जगमीत कौर मोरनी में शिक्षिका हैं। वह सात साल के बेटे कबीर और ढाई साल की बेटी वाणी के साथ पंचकूला के सेक्टर-26 में रहती हैं। कर्नल मनप्रीत की ससुराल भी पंचकूला में ही है। मनप्रीत वर्ष 2003 में सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल बने थे। वर्ष 2005 में उन्हें कर्नल के पद पर पदोन्नत किया गया था।